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करोड़ों की संपत्ति, होटल और 40 बीघा जमीन... फिर भी ले लिया PM आवास! बदायूं में 80 लाख का घोटाला, अब होगी रिकवरी

Published: Tue, 22 Sep 2026 10:31 PM (IST)

बदायूं के इस्लामनगर में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी में 80 लाख रुपये का घोटाला सामने आया है। हाईकोर्ट के आदेश ...और पढ़ें

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HighLights

  1. हाईकोर्ट के आदेश पर एसडीएम बिल्सी ने जांच कराई तो खुलकर सामने आया घोटाला

जागरण संवाददाता, बदायूं। नगर पंचायत इस्लामनगर में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 में हुआ घोटाला कई करोड़ रुपये तक पहुंचता दिखाई दे रहा है। अभी तक सिर्फ 134 आवासों की जांच में 32 अपात्र पकड़े गए हैं, जिनसे 80 लाख रुपये रिकवरी की तैयारी चल रही है।

इनमें सभासद, होटल व्यापारी समेत कई लोग शामिल हैं। इन्होंने अपने या परिवार के नाम पर आवास स्वीकृत करा लिए हैं। अब उन्हें वसूली और प्राथमिकी होने का डर सताने लगा है।

इस्लामनगर में अब तक 1000 से ज्यादा आवास स्वीकृत हुए हैं। शिकायतकर्ता अंकित कुमार ने कुल 845 आवासों की सूची देकर शिकायत की थी। स्थानीय स्तर पर सुनवाई न होने पर उन्होंने हाईकोर्ट की शरण ली।

तब हाईकोर्ट के आदेश पर एसडीएम बिल्सी गौरव आर्या ने तहसील की टीम लेखपाल दिनेश कुमार शर्मा, कानूनगो शिवांग पाटकर और राजस्व निरीक्षक सत्यप्रकाश सिंह से स्थलीय जांच कराई।

12 सितंबर 2026 की जांच रिपोर्ट में 32 लोग अपात्र पाए गए। हर लाभार्थी को 2.50 लाख रुपये मिलते हैं। इस हिसाब से इन 32 लोगों ने ही करीब 80 लाख रुपये डकार लिए हैं।

यह तो केवल 134 आवासों की जांच का नतीजा है। अभी 700 से ज्यादा आवासों की जांच बाकी है। अगर सभी की जांच हो गई तो यह घोटाला कई करोड़ में पहुंच जाएगा।

सर्राफा व्यापारी, होटल मालिक, भट्ठा मालिक भी ले गए आवास

इस जांच में चौंकाने वाले नाम सामने आए हैं। अपात्रों में सर्राफा व्यापारी, होटल मालिक, भट्ठा मालिक, राशन डीलर तक शामिल हैं। अधिकतर के पास पहले से दो-दो पक्के मकान हैं, कई के पास दो मंजिला आलीशान मकान हैं, जिनकी कीमत 70 लाख से दो करोड़ तक आंकी गई है।

हैरानी की बात यह है कि इनमें से किसी ने भी अपने मकान की दीवार पर प्रधानमंत्री आवास योजना का लोगो तक नहीं लिखवाया है। सच्चाई यह है कि कई ने तो मकान बनवाया ही नहीं और पूरी रकम डकार गए।

30 हजार की कमीशन में करवा दिया घोटाला

कुछ लोगों का कहना है कि यह आवास ऐसे ही स्वीकृत नहीं हुए। इसके लिए पहले ही प्रति आवास 30-30 हजार रुपये कमीशन ले लिया गया था। पैसा लेने के बाद बिना किसी स्थलीय सत्यापन के फाइलें पास कर दी गईं।

इसी वजह से पात्र गरीब रह गए और अपात्र मालामाल हो गए। अब प्रशासन ने अपात्र पाए गए 32 लोगों को नोटिस देने और रिकवरी करने की तैयारी शुरू कर दी है। साथ ही धोखाधड़ी करने पर प्राथमिकी भी दर्ज हो सकती है।

इन 32 अपात्र पर लटकेगी रिकवरी की तलवार

जांच में अपात्र मिले सरफराज अली पर 70 लाख का मकान, मुन्तजिम अली, चांद अली, अफरोज, नन्हा परवीन पर 2-2 करोड़ के मकान व प्रापर्टी डीलर, कल्पना, साहिया बेगम होटल व तेल की दुकान, अब्दुल अजीज प्रापर्टी डीलर, रिहा उर्फ छुट्टन की बर्तन की दुकान, मुमताज बी का तीन मंजिला मकान, असगर यूसुफी, हिना की खाद तेल दुकान, सफिया परवीन, नौरिन, शाहिद आमिर वर्तमान में वार्ड मेंबर तीन मंजिला मकान, इस्माइल, आलमबख्श, शफीक सिद्दीकी, विसालत व रिवासत अली, नवीन खान पर 40 बीघा जमीन, हिमांशु गुप्ता डाक्टर और टेलर की दुकान, महेश गुप्ता की परचून दुकान, नसीरुद्दीन बेग, कनीज फातिमा, असमा खातून, जुल्करन के परिवार में सरकारी अध्यापक, शहनाज सिद्दीकी, तासिफ, संजीदा, नाज खातून, नफीसा परवीन और अख्तर अली समेत अधिकतर पर पहले से मकान हैं।

50 लोगों को आवास की जरूरत

इस्लामनगर कस्बे में जहां करोड़ों के मालिकों को प्रधानमंत्री आवास मुहैया करा दिए गए। वहीं करीब 50 से ज्यादा ऐसे लोग हैं जिन्हें आवास की सबसे जरूरत है और वह टूटे-फूटे मकान में अपना गुजारा कर रहे हैं लेकिन ऐसे लोगों की तरफ न तो प्रशासन का ध्यान किया और न ही नगर पंचायत प्रशासन ने देखा। इस अनदेखी से यह लोग आज भी उसी हाल में जीने को मजबूर हैं।

 

इस मामले में जांच करा दी गई है और अब रिकवरी की जिम्मेदारी डूडा विभाग की है। वहीं से नोटिस जारी कर रिकवरी कराई जाएगी।

- गौरव आर्य, एसडीएम बिल्सी


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