बदायूं में बड़ी कार्रवाई: जेल पहुंचे छेड़छाड़ के आरोपी शिक्षक का निलंबन तय, संगठन ने की नार्को टेस्ट की मांग
बदायूं में छात्रा से छेड़छाड़ के आरोपी शिक्षक का निलंबन तय माना जा रहा है, बीईओ ने जांच रिपोर्ट बीएसए को सौंप दी है। इस बीच, प्राथमिक शिक्षक संघ ने आर ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक चित्र
HighLights
एक संविलियन विद्यालय की छात्रा ने स्कूल के ही एक शिक्षक पर लगाया था छेड़छाड़ का आरोप
जागरण संवाददाता, बदायूं। कुंवरगांव थाना क्षेत्र के एक संविलियन विद्यालय में छात्रा से छेड़छाड़ के मामले में एक नया मोड़ आया है। इस गंभीर प्रकरण में बीईओ ने बीएसए को अपनी जांच आख्या सौंप दी है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, इस रिपोर्ट के आधार पर आरोपी शिक्षक का निलंबन पूरी तरह से तय माना जा रहा है, जिस पर आज ही आधिकारिक कार्रवाई हो सकती है।
यह पूरा मामला बीते दिनों का है, जब एक संविलियन विद्यालय में पढ़ने वाली एक छात्रा ने स्कूल के ही एक शिक्षक पर छेड़छाड़ का गंभीर आरोप लगाया था। पीड़ित पक्ष की तहरीर के आधार पर स्थानीय थाना पुलिस ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज किया था।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी शिक्षक पर पोक्सो एक्ट के तहत भी कार्रवाई की थी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को कोर्ट के समक्ष पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। शिक्षक के सलाखों के पीछे जाने के बाद शिक्षा विभाग ने भी इस मामले में कड़ा रुख अपनाया है।
बीएसए नवीन कुमार के निर्देश पर खंड शिक्षा अधिकारी ने मामले की गहनता से विभागीय जांच की। जांच पूरी होने के बाद आज बीईओ ने अपनी विस्तृत आख्या बीएसए कार्यालय को सौंप दी है।
सूत्रों कि माने तो जांच रिपोर्ट में शिक्षक को प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया है, जिसके बाद आज उस पर निलंबन की बड़ी गाज गिरना तय माना जा रहा है। विभाग इस तरह के संवेदनशील मामलों में जीरो टालरेंस की नीति अपना रहा है।
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छेड़छाड़ के आरोपी शिक्षक के नार्को टेस्ट की मांग
संविलियन विद्यालय में छात्रा से छेड़छाड़ के आरोप में जेल जा चुके पाक्सो एक्ट के आरोपित शिक्षक के मामले में प्राथमिक शिक्षक संघ ने कड़ा रुख अपनाया है। संघ के जिलाध्यक्ष संजीव शर्मा ने अधिकारियों को पत्र भेजकर आरोपी शिक्षक का नार्को टेस्ट कराने की मांग की है।
शर्मा ने कहा कि जांच में यदि शिक्षक दोषी पाया जाता है, तो उसे तुरंत सेवा से बर्खास्त किया जाए। वहीं, यदि शिक्षक को साजिश के तहत बेवजह फंसाया गया है, तो झूठा आरोप लगाने वाले अभिभावकों व अन्य के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। फिलहाल, बीएसए के निर्देश पर मामले की विभागीय जांच जारी है।