बिना ड्यूटी के 11 महीने तक लेती रही सैलरी; X पर शिकायत के बाद बदायूं में महिला सिपाही निलंबित
बदायूं में एक महिला सिपाही को 11 महीने तक बिना ड्यूटी के वेतन लेने के आरोप में निलंबित कर दिया ...और पढ़ें

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HighLights
एसपी देहात को विभागीय जांच सौंप मांगी रिपोर्ट, संदेह के दायरे में गणना कार्यालय
अंकित गुप्ता, बदायूं। पुलिस लाइंस में तैनाती के बाद महिला सिपाही घर बैठे 11 माह से वेतन ले रही थी। गणना कार्यालय से सेटिंग कर यह खेल लगातार चल रहा था किसी ने एक्स पर इसकी शिकायत कर दी। मामला जानकारी में आया तो एसएसपी ने सीओ लाइंस से जांच कराई। प्राथमिक जांच में मामला सही पाए जाने पर एसएसपी ने महिला सिपाही को निलंबित कर दिया।
साथ ही मामले की विस्तृत और विभागीय जांच के लिए एसपी देहात को आदेश दिया है। गणना कार्यालय संदेह के घेरे में है। एसपी देहात ने बुधवार रात पुलिस लाइंस पहुंच कर जांच शुरू कर दी है।
2021 बैच की महिला सिपाही आरती सिंह करीब डेढ़ साल से पुलिस लाइंस में तैनात है। शिकायतकर्ता का दावा है कि तैनाती के दौरान उनकी कभी कहीं ड्यूटी ही नहीं लगाई गई। इतना ही नहीं करीब 11 महीने से तो वह अपने घर हाथरस रह रहीं हैं।
इस दौरान कभी बहुत बड़ी आपत्ति आई हो तो ही उन्हें बुलाया गया, अन्यथा पुलिस लाइंस क्या बदायूं जिले के धरती पर भी उन्होंने कदम नहीं रखा। पुलिस विभाग से जुड़े लोग बताते हैं कि ऐसा तभी हो सकता है, जब गणना कार्यालय का पूरा समर्थन संबंधित के पास हो।
अन्यथा ऐसा कर पान संभव नहीं है। महिला सिपाही भले ही जिले में न हो, उसने प्रत्यक्ष तौर पर ड्यूटी कहीं न की हो, लेकिन कागजों में उसका नाम ड्यूटी पर चढ़ा दिखाई दे जाएगा। मामले की जानकारी मंगलवार देर शाम एसएसपी अंकिता शर्मा को हुई।
उन्होंने सीओ लाइन सुनील कुमार सिंह को जांच सौंपी। बुधवार को सीओ लाइन ने जांच रिपोर्ट एसएसपी को सौंपी। मामला सही पाया गया। इस पर एसएसपी अंकिता शर्मा ने देर शाम सिपाही को निलंबित कर दिया।
साथ ही विभागीय जांच और गणना कार्यालय की संलिप्तता की जांच एसपी देहात डाॅ. हृदेश कठेरिया को सौंपी है। एसपी देहात बुधवार रात पुलिस लाइंस पहुंचे और उन्होंने गणना कार्यालय के कर्मियों, आरआइ समेत अन्य पूछताछ की। इसमें जल्द ही एसपी देहात की रिपोर्ट पर अन्य बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
सर्विलांस की मदद से हो जांच तो कई कर्मी मिलेंगे बाहर
अब एक महिला सिपाही को लेकर जांच हो रही है तो इसे विस्तार दिया जाना चाहिए। सर्विलांस की भी मदद ली जानी चाहिए। पुलिस लाइंस में तैनात सभी कर्मचारियों से कुछ संदिग्धों को छांटना चाहिए।
इसके बाद उनकी भी जांच कराई जानी चाहिए। अगर ऐसा होता है तो पिछले दो महीने में तकरीबन सौ से अधिक ऐसे पुलिस कर्मी मिलेंगे जिनकी ड्यूटी तो पुलिस लाइंस में थी, लेकिन वह गैर जनपद थे।
कई साल से गणना कार्यालय और लाइन के विभिन्न कार्यालयों में जमे पुलिस कर्मी सालों से बड़ा खेल करते आ रहे हैं। इनमें से कई को हटाया गया और फिर सेटिंग के बल पर वह लौटकर उसी जगह तैनात हो गए।
