बदायूं में HP अधिकारियों के कातिलों पर लगेगा रासुका (NSA), 53 दुकानों के साथ अवैध साम्राज्य पर चलेगा 'बुलडोजर'!
बदायूं में हिंदुस्तान पेट्रोलियम अधिकारियों के हत्यारे अजय प्रताप सिंह और उसके सहयोगियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत ...और पढ़ें

गांव में लगे इसी बाजार से वसूली करवाता हत्यारोपित अजय प्रताप सिंह। जागरण
HighLights
मुख्य आरोपित के ताऊ के घर जलती थी चोरी की बिजली, प्राथमिकी पंजीकृत
53 दुकानों की जांच भी कर रही प्रशासनिक टीम, कराया जा सकता है ध्वस्तीकरण
जागरण संवाददाता, बदायूं। हिंदुस्तान पेट्रोलियम के अधिकारियों की हत्या के मुख्य आरोपित अजय प्रताप सिंह व उसके मददगारों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई होगी। आरोपितों ने क्षेत्र में डर फैलाया, सरकारी जमीनों पर कब्जे कर लिए थे। सैजनी गांव में लगने वाली हाट से जबरन वसूली भी की जाती थी। अजय के जेल जाने के बावजूद बुधवार को उसका गुर्गा अजय पाल प्रत्येक फड़-दुकानदार से 100-100 रुपये वसूलने पहुंच गया। इसकी जानकारी पर पहुंचे अधिकारियों ने वसूली बंद कराई।
दूसरी ओर, अजय के ताऊ राकेश सिंह पर बिजली चोरी की प्राथमिकी भी लिखी गई। 12 मार्च को सैजनी गांव स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम के सीबीजी प्लांट में उप महाप्रबंधक सुधीर गुप्ता व सहायक मुख्य प्रबंधक हर्षित मिश्रा की हत्या कर दी गई थी। आरोपित अजय प्रताप सिंह ने घटना के बाद थाने में सरेंडर कर दिया था।
उसके मददगार दोस्त धर्मेंद्र सिंह यादव और मुनेंद्र सिंह को बाद में जेल भेजा गया। पुलिस एवं प्रशासनिक जांच में पता चला कि अजय, उसके पिता राजेश सिंह ताऊ ने लोक निर्माण विभाग की जमीन पर कब्जा कर 11 दुकानें बनवाईं, जिन्हें मंगलवार को ढहाया गया। उसके ताऊ राकेश सिंह का 53 दुकानों का मार्केट भी अवैध रूप प्रतीत हो रहा, जिसकी जांच चल रही।
प्रशासन आरंभिक तौर पर 27 दुकानें सील कर चुका, कागजी खानापूर्ति के बाद इन्हें ध्वस्त करने की तैयारी है। मंगलवार को ध्वस्तीकरण कार्रवाई के दौरान ही प्रशासनिक टीम ने देखा कि राकेश सिंह के मकान में बिजली का मीटर नहीं लगा था। वह चोरी की बिजली उपभोग कर रहा था।
इसी आधार पर बुधवार को जेई सुनील पाल ने उसके विरुद्ध बिजली चोरी की प्राथमिकी दर्ज कराई। अजय, उसके पिता व ताऊ पर तालाब की जमीन भी कब्जे का आरोप है। एसडीएम धर्मेंद्र सिंह इसकी जांच करा रहे हैं। इस समय आठ टीमें आरोपितों की संपत्तियों की पर्तें उधेड़ने के लिए लगाई गई हैं।
150 दुकानों से सप्ताह में दो बार वसूली
सैजनी गांव में ग्राम पंचायत की भूमि पर बुधवार और रविवार को हाट लगती है। उसमें औसतन 150 फड़, दुकानें लगती हैं। एसडीएम धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि वसूली की जानकारी पर हाट पहुंचे थे। वहां दुकानदारों ने बताया कि अजय प्रताप का गुर्गा अजय पाल व कुछ अन्य लड़के प्रत्येक फड़ से 100-100 रुपये की वसूली करते थे। आरोपित के डर के कारण कोई दुकानदार मना नहीं कर पाता था।
बुधवार को भी अजय पाल प्रत्येक दुकानदार से रुपये वसूलकर गया। इस पर सभी दुकानदारों से कहा गया कि सरकारी जमीन पर हाटा लग रही, इसलिए किसी को रुपये देने की जरूरत नहीं है। अब अजय पाल की तलाश की जा रही है। उससे पूछताछ के बाद अन्य नाम पता चलेंगे, जोकि वसूली में शामिल थे। इन सभी पर कार्रवाई की जाएगी।
अजय प्रताप सिंह व मददगारों ने कानून व्यवस्था से खिलवाड़ किया था, साथ ही क्षेत्र में डर फैला रखा था। समाज के लिए खतरा बने ऐसे लोगों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई करने का प्रविधान है। इस पर विचार किया जा रहा है।
- अंकिता शर्मा, एसएसपी, बदायूं
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