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    घर में घुसकर की थी हत्या, अब जेल में कटेगी पूरी जिंदगी; पूर्व ब्लॉक प्रमुख का पूरा परिवार पहुंचा सलाखों के पीछे

    Updated: Sat, 28 Mar 2026 11:56 PM (IST)

    बदायूं में दस साल पुराने पूर्व प्रधान के बेटे वीरपाल हत्याकांड में विशेष न्यायाधीश ने पूर्व ब्लॉक प्रमुख के पति सुनील, उनके दो भाइयों और पिता को उम्रक ...और पढ़ें

    प्रतीकात्‍मक च‍ित्र

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    HighLights

    1. पूर्व प्रधान के बेटे की हुई थी दिनदहाड़े हत्या, पूर्व ब्लाक प्रमुख के पति के दोनों भाई व पिता भी शामिल

    2. 25-25 हजार रुपये का जुर्माना डाला, जुर्माने की संपूर्ण धनराशि पीड़ित परिवार को देने का आदेश दिया

    जागरण संवाददाता, बदायूं। रंजिश के चलते पूर्व प्रधान के बेटे की दिनदहाड़े की गई हत्या के दस साल पुराने मामले में आरोपित पूर्व ब्लाक प्रमुख म्याऊं, उनके दो भाई और पिता को विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट कक्ष संख्या दो के न्यायाधीश नीरज कुमार गर्ग ने दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही 25-25 हजार रुपये का जुर्माना डाला है। जुर्माने की धनराशि पीड़ित परिवार को देने का आदेश दिया है।

    अभियोजन पक्ष के अनुसार, अलापुर वादी मुकदमा पूर्व प्रधान राम चरन ने 13 दिसंबर 2015 को थाना अलापुर पुलिस को तहरीर दी कि उनका बेटा वीरपाल घर पर था।

    समय करीब रात 10 बजे सुनील, संजीव, शेर सिंह और उनके पिता नेत्रपाल अपने हाथों में नाजायज बंदूक वह तमंचा लेकर आए और पुराने रंजीत को लेकर उसे मां बहन की गंदी-गंदी गालियां देते हुए कहा कि तेरा शेर कहां है जान से मारना है।

    उसका बेटा एकदम छत पर गया, वादी मुकदमा तथा उसका दूसरा लड़का देव सिंह और उसके भाई ओंकार गेट पर पहुंचे। इतने में सुनील ने अपने हाथ में लिए असलाह से बेटे वीरपाल के गोली मार दी। जिससे उसकी मृत्यु हो गई और चारों आरोपित फायर करके भाग गए।

    न्यायालय में सुनील, संजीव, शेर सिंह पुत्र गण नेत्रपाल, नेत्रपाल पुत्र डललू निवासी गण ग्राम नवादा पोस्ट कटिया थाना अलापुर पर घर में घुसकर वीरपाल की हत्या करने के आरोप का मुकदमा चलाया गया। न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य का अवलोकन किया।

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    विशेष लोक अभियोजक वीरेंद्र वर्मा व बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के पश्चात उक्त आरोप में दोषी पाते हुए, सजा सुनाई है। बता दें कि इस हत्या के बाद सुनील सिंह की पत्नी संगीता रानी 2016 में म्याऊं की ब्लाक प्रमुख बनीं थीं।


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