बदायूं डबल मर्डर: हत्यारोपी के पिता और ताऊ ने कब्जाई सरकारी जमीनें, खरीदने वालों पर दर्ज हुआ केस
बदायूं में दोहरे हत्याकांड के आरोपी अजय प्रताप सिंह के पिता और ताऊ ने सरकारी जमीनें कब्जाईं और 11 ग्रामीणों को बेच दीं। जानकारी के बावजूद ग्रामीणों ने ...और पढ़ें


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जागरण संवाददाता, बदायूं। दोहरे हत्याकांड के आरोपित अजय प्रताप सिंह के स्वजन ने सरकारी जमीनें कब्जा ली थीं। उसके पिता राजेश सिंह व ताऊ राकेश सिंह ने ग्राम सभा की भूमि अपनी बताकर 11 ग्रामीणों को बेच दी। जानकारी के बावजूद ग्रामीणों ने दोनों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की।
गुरुवार को तहसीलदार कोर्ट में लेखपाल ने इन ग्रामीणों पर अवैध कब्जे का केस दर्ज करा दिया। ग्राम सभा की जमीन पर फार्म हाउस बनवाने में राकेश व राजेश पर मुकदमा दर्ज कराया गया है।
23 दुकानें अवैध होने की आशंका में सील
कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट में 12 मार्च को हिंदुस्तान पेट्रोलियम के दो अफसरों की हत्या कर दी गई थी। हत्यारोपित अजय प्रताप को जेल भेजने के बाद उसकी पृष्ठभूमि जांची गई तो कई गैरकानूनी प्रकरण सामने आए। उसके स्वजन ने अवैध कब्जाकर 11 दुकानें बनवाईं। ये ध्वस्त कराई जा चुकीं हैं। उसके ताऊ की 23 दुकानें अवैध होने की आशंका में सील की जा चुकीं हैं।
एसडीएम धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि गांव में राजेश सिंह व राकेश सिंह ने अपनी कृषि भूमि के आगे ग्राम सभा की जमीन पर भी कब्जा कर लिया था। बाद में उस सरकारी जमीन को निजी बताते हुए राजेश व राकेश ने 11 किसानों को बिक्री कर दी। पिछले सप्ताह आरंभिक जांच में इन लोगों को बता दिया गया था कि उनसे धोखाधड़ी कर सरकारी जमीन बेच दी गई है।
इसके बावजूद उन किसानों ने राकेश व राजेश पर कार्रवाई नहीं कराई। ऐसे में खरीदार 11 लोगों पर लेखपाल हेमराज की ओर से तहसीलदार कोर्ट में अवैध कब्जे की धारा 67 के तहत केस दर्ज कराया गया।
अवैध फार्म हाउस भी बनवाया
एसडीएम धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि राकेश सिंह ने ग्राम समाज की 300 वर्गमीटर भूमि पर अवैध फार्म हाउस भी बनवाया था। उसे सील किया जा चुका। उसके विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया है। प्लांट में गुंडई करते थे पांचों भाई, ऑपरेटर पर किया था जानलेवा हमला अजय प्रताप के साथ उसका भाई केशव, चंद्रशेखर और चचेरा भाई अभय, शिवम भी आउटसोर्सिंग पर प्लांट में नौकरी करता था।
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प्लांट के ऑपरेटर राहुल मिश्रा ने गुरुवार को उनचारों पर जानलेवा हमला, धमकाने, रास्ता रोकने की प्राथमिकी कराई। राहुल ने बताया कि चार दिसंबर की रात को चंद्रशेखर ने उनसे अभद्रता की। विरोध पर उसने लोहे के पाइप से प्रहार का सिर फोड़ दिया।
अगली सुबह पांचों आरोपितों ने गांव के बाहर घेरकर धमकाया कि थाने जाने पर हत्या कर देंगे। इसी डर के कारण शिकायत नहीं कर सका। दोहरे हत्याकांड के बाद पुलिस ने अजय व उसके स्वजन पर सख्ती की, तब शिकायत का साहस कर सका।