बदायूं में किशोरी के अपहरण और मतांतरण: दोषी मोमिन को दस साल का कठोर कारावास, 50 हजार का जुर्माना भी
बदायूं में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट ने किशोरी का अपहरण कर मतांतरण कराने के दोषी मोमिन को दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर पचास हजार ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।

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जागरण संवाददाता, बदायूं। किशोरी को अपहरण कर ले जाने और उसका मतातंरण कराने के आरोपित को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट दिनेश तिवारी ने दोषी करार देते हुए दस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी पर पचास हजार रुपये का जुर्माना भी डाला है। जुर्माने की संपूर्ण धनराशि पीड़िता को क्षतिपूर्ति रूप में देने का आदेश दिया है।
दोषी पर पचास हजार रुपये जुर्माना डाला
अभियोजन पक्ष के अनुसार, वादी मुकदमा ने थाना बिलसी में तहरीर देते हुए बताया कि उसकी छोटी बेटी जिसकी उम्र 16 वर्ष है। एक जून 2023 को दिन के 12 बजे जब उसके घर पर कोई नहीं था तब बेटी को जिला औरैया के बेला थाना क्ष्ज्ञेत्र के गांव कैथावा निवासी मोमिन, रहमान अली, मैनाज व तीन-चार अज्ञात लोग आए और उसे बहला फुसलाकर घर से ले गए।
इसके साथ घर में रखी, बड़ी बेटी की शादी को 50 हजार रुपये नकद और लगभग डेढ़ लाख रुपये के सोने चांदी के जेवरात भी ले गए। उसकी बेटी नाबालिग है, उसे लव जिहाद में फंसाया गया है। रहमान का मोबाइल नंबर भी तहरीर में दिया था।
मोमिन को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ दायर की थी पुलिस ने चार्जशीट
बताया था कि उसे डर है कि बेटी को धमकाकर और लालच देकर कहीं उसका जबरदस्ती मतांतरण कराकर मोमिन के साथ उसका निकाह न कर दें। पुलिस ने मामला दर्ज कर किशोरी को बरामद किया। वहीं आरोपित मोमिन को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। न्यायालय में मोमिन पर किशोरी को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने और उसका मतांतरण करने के आरोप का मुकदमा चलाया गया।
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दोषी को सुनाई सजा
न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य का अवलोकन किया। विशेष लोक अभियोजक अमोल जौहरी व बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद उक्त आरोप में दोषी पाते हुए उसे सजा सुनाई है।