Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    15 लाख में 'सुरक्षित जेल' की डील! गाजियाबाद के इनामी कातिल को फर्जी एनकाउंटर से बचाने वाले 2 दारोगा निलंबित

    Updated: Tue, 04 Aug 2026 07:10 PM (IST)

    गाजियाबाद के लोनी में हत्या कर फरार हुए सोनू को मुठभेड़ से बचाकर जेल भेजने के मामले में फैजगंज बेहटा और मूसाझाग थाने के दो दारोगा निलंबित किए गए हैं। ...और पढ़ें

    एआई जेनरेटेड इमेज है।

    एआई जेनरेटेड इमेज है।

    HighLights

    1. गाजियाबाद के लोनी से 12 जुलाई को हत्या कर फरार आरोपित सोनू को सुरक्षित पहुंचाया था जेल

    जागरण संवाददाता, बदायूं। गाजियाबाद के लोनी बार्डर क्षेत्र से हत्या कर भागे साेनू को मुठभेड के डर से बचाकर सुरक्षित जेल पहुंचाने का खेल रचने वाले फैजगंज बेहटा के एसएसआई नरेंद्र कुमार और मूसाझाग के दारोगा राजकुमार सिंह को भी निलंबित कर दिया गया है। एसपी देहात की जांच में दोनाें को दोषी पाए जाने के बाद एसएसपी अंकिता शर्मा ने निलंबन की कार्रवाई की है।

    इससे पहले हत्यारोपित को तमंचे में जेल भेजने वाले बिनावर थाने के दारोगा बलवीर सिंह को निलंबित व कार्रवाई में कमजोर पर्यवेक्षण और लापरवाही बरतने पर थाना प्रभारी निरीक्षक अरिहंत कुमार सिद्धार्थ को लाइन हाजिर किया जा चुका है। दैनिक जागरण ने इस पूरे मामले में पुलिस कर्मियों की मिलीभगत की परते खोलीं थी। जिस पर अब कार्रवाई के मुहर लगनी शुरू हो गई है।

    12 जुलाई को लोनी बार्डर क्षेत्र निवासी विपिन कुमार से हार्न बजाने को लेकर हुए विवाद के बाद सोनू ने हत्या कर दी थी। इसके बाद से वह फरार चल रहा था। गाजियाबाद कमिश्नरेट पुलिस ने आरोपित पर 20 हजार रुपये का ईनाम घोषित कर उसकी तलाश में एसओजी को लगाया था।

    गाजियाबाद एसओजी और पुलिस सोनू की तलाश में थी। इसी बीच उसने किसी के जरिए अपने रिश्ते में मामा लगने वाले फैजगंज बेहटा में तैनात एसएसआइ नरेंद्र कुमार से संपर्क किया। उसने आशंका जताई कि उसे मुठभेड़ कर पुलिस जेल भेज सकती है। मुठभेड़ से बचाने के लिए फैजगंज थाने के एसएसआइ ने अपने वरिष्ठ कर्मियों से संपर्क करना शुरू किया।

    खबरें और भी

    इसी बीच उसने अपने पूर्व थानाध्यक्ष रह चुके दारोगा राजकुमार सिंह से संपर्क किया, जो वर्तमान में मूसाझाग थाने में तैनात थे। इन दोनों ने मिलकर योजना बनाई और दारोगा राजकुमार सिंह ने अपने पूर्व परिचित बलवीर सिंह से सेटिंग की। आरोप लगे कि 15 लाख रुपये में इस पूरे खेल की सेटिंग हुई।

    बाद में मुखबिर तैयार कर बलवीर सिंह को सूचना भिजवाई गई और उन्होंने 23 जुलाई को आरोपित सोनू को गंगा एक्सप्रेसवे के पास से तमंचा के साथ पकड़ कर जेल भेज दिया। गाजियाबाद पुलिस ने मामले की शिकायत उप्र के डीजी ला एंड आर्डर से शिकायत की थी। जिसके बाद बरेली डीआइजी ने मामले की जांच शुरू कराई।

    इधर एसएसपी अंकिता शर्मा ने भी गाजियाबाद पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर एसपी सिटी अभिषेक कुमार सिंह से जांच कराई। जांच में प्राथमिक तौर पर बिनावर के दारोगा बलवीर सिंह को निलंबित और कमजोर पर्यवेक्षण व लापरवाही के मामले में इंस्पेक्टर बिनावर अरिहंत को लाइन हाजिर कर दिया गया। एसएसपी ने आगे की जांच एसपी देहात डाॅ. हृदेश कठेरिया को सौंपी।

    उनकी रिपोर्ट में आरोपित सोनू की फैजगंज बेहटा एसएसआई नरेंद्र की दूर की रिश्तेदारी होना पाया गया। वहीं यह भी स्पष्ट हुआ कि यह पूरा खेल एसएसआई नरेंद्र कुमार और मूसाझाग के दारोगा राजकुमार ने ही रची थी। इसी रिपोर्ट के आधार पर एसएसपी अंकिता शर्मा ने दोनों को निलंबित कर दिया है। मामले की जांच जारी है, इसमें कुछ और पुलिस कर्मियों पर भी कार्रवाई की आशंका जताई जा रही है।

     

    जांच के दौरान फैजगंज बेहटा के एसएसआई की दूर की रिश्तेदारी आरोपित से होना पाया गया है। वहीं इस मामले में फैजगंज बेहटा के एसएसआई और मूसाझाग के दारोगा की मिलीभगत भी स्पष्ट हुई है। इसी आधार पर एसएसपी ने दोनों को निलंबित किया है।

    - डाॅ. हृदेश कठेरिया, एसपी देहात


    यह भी पढ़ें- बदायूं एचपीसीएल मर्डर केस का ट्रायल शुरू: वादी के बयान दर्ज, अदालत में हुआ कुछ ऐसा कि टिकीं सबकी निगाहें