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    राहत की खबर: यूपी में स्मार्ट मीटर लगने पर लगी रोक, बिजली बिल से परेशान जनता को मिली जबरदस्त राहत

    Updated: Tue, 21 Apr 2026 07:26 AM (IST)

    बदायूं में स्मार्ट मीटर लगाने पर अस्थायी रोक लगा दी गई है, जिससे बिजली बिलों में वृद्धि से परेशान उपभोक्ताओं को राहत मिली है। यह निर्णय तकनीकी कमेटी क ...और पढ़ें

    स्‍मार्ट मीटर

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    HighLights

    1. बढ़ते बिल और तकनीकी खामियों से परेशान लोगों को मिला सुकून

    2. तकनीकी कमेटी की रिपोर्ट तक बंद रहेगा अभियान, गड़बड़ियां होंगी दूर

    जागरण संवाददाता, बदायूं। स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली और बढ़ते बिजली बिलों को लेकर लंबे समय से परेशान उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। शासन के निर्देश पर पूरे प्रदेश के साथ-साथ बदायूं जिले में भी स्मार्ट मीटर लगाने के अभियान पर फिलहाल अस्थायी रोक लगा दी गई है। यह रोक तब तक जारी रहेगी, जब तक शासन स्तर पर गठित तकनीकी कमेटी अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं कर देती।

    इस निर्णय से उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है। जिले में इन दिनों स्मार्ट मीटर से जुड़ी समस्याओं को लेकर उपभोक्ताओं में काफी रोष देखने को मिल रहा था। उपभोक्ताओं का आरोप था कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिलों में अप्रत्याशित वृद्धि हो रही है, जिससे आम आदमी की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।

    कई स्थानों पर स्मार्ट मीटर लगाने गई टीमों को विरोध का सामना करना पड़ा, वहीं कई बार अधिकारियों को खुद मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालनी पड़ी। बता दें कि जिले में लगभग 4.80 लाख विद्युत उपभोक्ता हैं, जिनमें से करीब 70,240 उपभोक्ताओं के यहां प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं।

    प्रीपेड प्रणाली लागू होने के बाद उपभोक्ताओं की परेशानी और बढ़ गई थी। बैलेंस खत्म होते ही बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती थी, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती गई। खासतौर पर ग्रामीण और मध्यम वर्गीय परिवारों को इस व्यवस्था से अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ा रहा था।

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    लगातार बढ़ते विरोध को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लिया और 12 अप्रैल को एक तकनीकी कमेटी का गठन किया।

    इसके बाद पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष गोयल ने कमेटी की रिपोर्ट आने तक स्मार्ट मीटर लगाने पर रोक लगाने के निर्देश जारी किए। इस दौरान विभाग को निर्देशित किया गया है कि उपभोक्ताओं के डेटा में सुधार, लंबित बिलों की वसूली और स्मार्ट मीटर से जुड़ी तकनीकी खामियों को दूर किया जाए।

    शून्य बैलेंस पर भी जलती रहेगी बिजली

    उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए नई व्यवस्था भी लागू की गई है। जिनके यहां स्मार्ट मीटर लग गया है। वहां अब शून्य बैलेंस की स्थिति में भी अधिकतम तीन दिन या 200 रुपये तक (दो किलोवाट भार तक) बिजली आपूर्ति बाधित नहीं होगी।

    इसके साथ ही उपभोक्ताओं को समय पर सूचना देने के लिए पांच स्तरीय एसएमएस प्रणाली लागू की गई है। इसमें बैलेंस 30 प्रतिशत, 10 प्रतिशत, शून्य होने, डिस्कनेक्शन से एक दिन पहले और डिस्कनेक्शन के बाद सूचना भेजी जाएगी।

    रविवार और अन्य अवकाश के दिनों में नेगेटिव बैलेंस होने पर भी बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाएगा। इस फैसले से जहां उपभोक्ताओं ने राहत की सांस ली है, वहीं अब सभी की निगाहें तकनीकी कमेटी की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे भविष्य की दिशा तय होगी।

     

    स्मार्ट मीटर पर रोक लगाने संबंधी कोई आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। अन्य माध्यमों से जानकारी मिलने पर फिलहाल स्मार्ट मीटर लगाने के काम को फिलहाल रोक दिया गया है। इस दौरान उपभोक्ताओं का डेटा सही करने, बकाया बिल वसूली व स्मार्ट मीटर संबंधित अन्य गड़बड़ियों को दूर करने का काम किया जा रहा है। शासन के आदेश मिलने पर उसका पालन कराया जाएगा।

    - चंद्रशेखर कुमार, अधीक्षण अभियंता


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