बागपत विधानसभा क्षेत्र: कौन से काम हुए पूरे-क्या रह गए अधूरे, विधायक का रिपोर्ट कार्ड
बागपत विधानसभा क्षेत्र में भाजपा विधायक योगेश धामा ने विकास का दावा किया है। बड़े प्रोजेक्ट्स की स्वीकृति को उपलब्धि बताया जा रहा है।हालांकि क्षेत्र म ...और पढ़ें

बागपत विधानसभा क्षेत्र
HighLights
विधायक योगेश धामा बोले- बिना भेदभाव कराया विकास।
कई जगह जलभराव व बिजली जैसी बुनियादी समस्याएं बरकरार।
जागरण संवाददाता, बागपत। बागपत विधानसभा क्षेत्र में विकास के दावों और धरातल की सच्चाई के बीच जो फासला दिखता है, वही भाजपा विधायक योगेश धामा के कार्यकाल की सबसे बड़ी राजनीतिक परीक्षा बन गया है। बड़े प्रोजेक्टों की स्वीकृति और विधायक निधि से हुए कार्यों के बावजूद सड़क, जलभराव, बिजली और ग्रामीण सुविधाओं की पुरानी समस्याएं अब भी जनता को निराश कर रही हैं।
एक ओर अंतरराष्ट्रीय स्तर के योग केंद्र और पुरा महादेव मंदिर कारिडोर जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स की स्वीकृति को उपलब्धि के तौर पर प्रस्तुत किया जा रहा है, दूसरी ओर आमजन आज भी बुनियादी समस्याओं से जूझ रहा है।
गड्ढों से कराहती सड़कों, गांवों में बदहाल तालाबों और जलभराव जैसी गंभीर समस्याओं से आमजन को छुटकारा नहीं मिला। जितना विकास हुआ, उससे कहीं ज्यादा समस्याओं का अंबार लगा है। काठा-खेकड़ा मार्ग, धौली प्याऊ से चमरावल मार्ग, मेरठ-बागपत नेशनल हाईवे से महर्षि वाल्मीकि आश्रम होते हुए डौलचा मार्ग, बालैनी से फुलैरा मार्ग, सुभानपुर से पुश्ता मार्ग, बड़ागांव जैन मंदिर रोड से खेकड़ा-फखरपुर-नानू मार्ग, दुड़भा-अहैड़ा मार्ग, ढिकौली-चमरावल से पटौली, विनयपुर नंगलाबडी मार्गों की सड़कें टूटी पड़ी हैं। चमरावल से मुकारी बाईपास, पाबला-टीकरी-सराय, पाबला चौहल्दा मार्ग बदहाल है।
पुराना कस्बा बागपत, अग्रवाल मंडी टटीरी में दलित बस्ती तथा खेकड़ा में कोतवाली से नाले तक जलभराव से जनजीवन ठहर जाता है। गौसपुर में बदहाल तालाब ओवरफ्लो होने से जलभराव आम है। पांची में चौराहे पर तालाब ओवरफ्लो होकर जलभराव होता है। सांकरौद, फिरोजपुर व खैला आदि गांवों में तालाब बदहाल हैं। भले जल निकासी का जिम्मा नगर निकायों व पंचायतों का है, लेकिन विधायक जिम्मेदारी से बच नहीं सकते। ऐसा भी नहीं है कि विधायक ने विकास कराया ही नहीं।
जिला बनने के बाद बागपत में मेडिकल कालेज बनवाने की मांग उठती रही। हर बार विधानसभा चुनाव में मेडिकल कालेज का मुद्दा छाया रहा। बावजूद इसके मेडिकल कालेज का निर्माण आज तक शुरू नहीं हो पाया। खेकड़ा में जर्जर स्टेडियम का कायाकल्प नहीं करवा सके जिससे युवाओं को अपने अंदर खेल प्रतिभा निखारने की सुविधा नहीं मिली। बिजली संकट से भी लोग जूझते रहे। कई गांवों में लाइनों के जर्जर तार लोगों की मुसीबत बने हैं।
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पंचायत उत्सव भवन का निर्माण शुरू नहीं करवा पाए, जिससे लोगों को गांवों में सस्ते में विवाह या अन्य समारोह करने की सुविधा नहीं मिल पा रही है। बेसहारा गोवंश बड़ी समस्या हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन की लचर व्यवस्था में सुधार नहीं करवा पाए। इस सवा चार साल के कार्यकाल में विधायक निधि की नौ किस्तों में 22.50 करोड़ रुपये मिले। जिससे सीसी रोड, इंटरलाकिंग रोड, लाइटें, अंत्येष्टि स्थल, चौपाल निर्माण और सीएचसी खेकड़ा में आक्सीजन प्लांट लगाने समेत 290 कार्य कराए गए हैं।
बिना भेदभाव के विकास कराया: विधायक
विधायक योगेश धामा ने कहा कि बिना भेदभाव के विकास कराया। बड़े प्रोजेक्ट के अलावा 13 करोड़ से बागपत-चमरावल मार्ग, 17 करोड़ से डौला-हिसावदा-पुरा रोड, 27 करोड़ से धौली प्याऊ-बुढसैनी पुरा मार्ग, नौ करोड़ से रटौल-लोनी मार्ग समेत अनेक सड़कों का निर्माण कराया। बड़ागांव जैन मंदिर में दो करोड़ रुपये से सौंदर्यीकरण कराया। सिंघावली अहीर व बिलौचपुरा में दो इंटर कालेज, पाबला में 13 करोड़ से डिग्री कालेज, खट्टा में 19 करोड़ से आइटीआइ, बालैनी में 32 करोड़ से कंपोजिट विद्यालय, दो करोड से रोडवेज बस स्टैंड, बिलोचपुरा में 132 केवी विद्युत उपकेंद्र बनवाया।
विधायक ने बताया कि त्वरित आर्थिक विकास योजना से 15 करोड़ से सड़कें बनवाईं। 65 साल पुरानी सहकारी चीनी मिल बागपत में नया प्लांट लगवाने को 400 करोड़ का बजट मंजूर कराया। जो सड़कें बनने से रह गई, उन्हें लोक निर्माण विभाग की चालू वर्ष की कार्ययोजना में शामिल कराकर शासन को मंजूरी के लिए प्रस्ताव भिजवाया है। औद्योगिक विकास को 12 गांवों में दो हजार हेक्टेयर पर आर्थिक गलियारा मंजूर कराया। मेडिकल कालेज का निर्माण जल्द शुरू होगा।
बागपत विधानसभा क्षेत्र
- 286024 कुल मतदाता
- 156018 पुरुष मतदाता
- 130001 महिला मतदाता
इन्होंने कहा
वर्ष 2022 में रालोद प्रत्याशी के रूप में दूसरे स्थान पर रहे वर्तमान कांग्रेस प्रदेश महासचिव नवाब अहमद हमीद ने कहा कि विधायक ने कोई विकास कार्य नहीं कराया। विधायक निधि से भी ठीक से विकास नहीं करा पाए। विधायक केवल उन दो-तीन गांवों तक सीमित होकर रह गए जहां उनके वोट ज्यादा हैं। क्षेत्र में जो विकास कार्य हुए, वो प्रदेश सरकार ने रुटीन में कराए हैं। उनमें विधायक का कोई योगदान नहीं है। विधायक केवल लोगों को सपने दिखाने से आगे नहीं बढ़ पाए। आज भी क्षेत्र की कई सड़कों की बदहाली पोल खोलने के लिए काफी हैं।
विधायक ने काफी विकास कराया है। हमने विधायक से बागपत में यमुना नदी पर हरियाणा को जोड़ने के लिए पुल बनवाने की मांग की थी लेकिन वो पूरी नहीं हुई।
-नंदलाल डोगरा, व्यापारी बागपत।
विधायक ने कार्यकाल में काफी विकास कराया तथा जनता से किए वादे पूरे किए हैं। 100 प्रतिशत वादे पूरे करना आज की राजनीति में संभव हो ही नहीं सकता।
-पंडित राधेश्याम शर्मा, बागपत।
पांची गांव में जलभराव की गंभीर समस्या है। विधायक से कई बार समस्या के समाधान की मांग कर चुके हैं लेकिन नाला बनना था वो भी रुका पड़ा है।
-जुल्फेकार, ग्राम पांची।
विधायक ने विकास कराया है, लेकिन मेडिकल कालेज का निर्माण तथा स्टेडियम का कायाकल्प नहीं करा सके। जलभराव से भी लोगों को मुक्ति नहीं दिला पाए।
-संजय धामा, कस्बा खेकड़ा।