बागपत दोहरा हत्याकांड: पुजारी पर 25 हजार का इनाम घोषित, पांच राज्यों में तलाश जारी
बागपत में अंकित और इसरार की दोहरी हत्या के मुख्य आरोपी पुजारी नरेश नाथ पर पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए पांच राज्यों में दबिश दे रही है।
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दो दोस्त की हत्या के आरोपी पुजारी पर 25 हजार का इनाम घोषित।
HighLights
मुख्य आरोपी पुजारी नरेश नाथ पर 25 हजार का इनाम।
अंकित और इसरार की हत्या के बाद शव मंदिर में गाड़े।
पुजारी की गिरफ्तारी के लिए पांच राज्यों में दबिश।
जागरण संवाददाता,बागपत। दो दोस्त अंकित व इसरार की हत्या के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपित पुजारी नरेश नाथ पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया। उसकी गिरफ्तारी के लिए पांच राज्यों में दबिश जारी है। उसका अभी तक सुराग नहीं लगा।
मंदिर में पुलिस पहुंची तो आरोपित पुजारी करीबी किशोर को उत्तराखंड छोड़कर आया था। बाइक चोरी के मामले में गाजियाबाद पुलिस ने दो साल पहले उसे गिरफ्तार किया था। उसकी पत्नी व करीबी किशोर को क्लीनचिट मिल गई है।
ग्राम सिंगौली तगा से दिव्यांग 27 वर्षीय अंकित प्रजापति और उसका मुस्लिम दोस्त 34 वर्षीय इसरार गत 25 जुलाई को बाइक से खेकड़ा जाने के लिए घर से बोलकर गए थे। पुलिस ने 13 जुलाई की तड़के करीब तीन बजे श्री गणेश मंदिर लहचौड़ा के परिसर में गड्ढे की खोदाई कराकर उन दोनों के शव बरामद किए थे।
पुलिस ने दावा किया था कि मंदिर के पुजारी नरेश नाथ निवासी कुंडेश्वरी थाना काशीपुर, जनपद ऊधमसिंह नगर (उत्तराखंड) का अंकित की एक बहन से अवैध संबंध थे। इसका अंकित विरोध करता था।
इसके चलते योजनाबद्ध तरीके से नरेशनाथ ने अपने करीबी किशोर व दो शिष्य उज्ज्वल पांचाल निवासी ग्राम पूरनपुर नवादा व कृष्णा यादव पुत्र उदयभान निवासी पोखरा थाना चंदवक जिला जौनपुर के साथ मिलकर 25 जुलाई को चाय में नींद की गोलियां खिलाकर और नशीला इंजेक्शन लगाकर अंकित व इसरार की हत्या की है।
उन दोनों के शवों को मंदिर परिसर में गड्ढा खोदकर गाड़ दिया गया, जिसके बाद इंटरलाकिंग टाइल्स लगाकर ऊपर धुना जला दिया था। पुलिस ने आरोपित उज्ज्वल पांचाल की निशानदेही पर शव बरामद किए थे। दूसरे शिष्य कृष्णा यादव को उसके घर से गिरफ्तार किया था।
पुलिस ने पुजारी नरेशनाथ की पत्नी राखी और करीबी किशोर को उत्तराखंड से चांदीनगर थाने लाकर लंबी पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक पुजारी ने अपने करीबी किशोर को घटना से पहले अपने शिष्य कृष्णा यादव से खाना खिलाने के बहाने लहचौड़ा गांव में अपनी चेले के घर भिजवा दिया था। कृष्णा यादव अकेला वापस मंदिर लौट आया था।
इसके बाद घटना में शामिल हुआ था। मंदिर पहुंचकर पुलिस ने जानकारी की तो पुजारी नरेश नाथ अपने करीबी किशोर को दो अगस्त को उत्तराखंड में घर लेकर पहुंच गया था। पुलिस के बुलाने पर पांच अगस्त को मंदिर वापस लौटा था, जिसने घटना के संबंध में उसने स्वजन को कोई जानकारी नही दी थी।
पुजारी ने किया था प्रेम विवाह
पुलिस पूछताछ में राखी ने बताया कि नरेश नाथ ने उसके साथ वर्ष 2010 में प्रेम विवाह किया था। उसके तीन बेटे हैं। करीब पांच-छह साल पूर्व पति महाराज बन गया था, जिसके बाद उसका पति से ज्यादा संपर्क नहीं रहा। खुद को बीमार बताकर दो जुलाई को उसे करीबी किशोरी के साथ लहचौड़ा बुलाया था। हाल ही में उनके किराये के घर में चोरी हो गई थी।इसके बाद ही पति करीबी किशोर के साथ घर पहुंचा था।
कुंडली खंगाल रही पुलिस, अहम जानकारी मिले
चांदीनगर थाना प्रभारी राकेश कुमार का कहना है कि नरेशनाथ के संबंध में हर स्तर पर जानकारी की जा रही है।उसका मोबाइल बंद है। वर्ष 2024 में गाजियाबाद के कविनगर थाना पुलिस ने नरेश नाथ को बाइक चोरी के मामले में गिरफ्तार किया था। उस पर लाखों रुपये का कर्ज है। ग्रामीण बताते है कि एटीएम से निकाली गई नगदी में से अंकित की बहन ने 30 हजार रुपये पुजारी को दिए थे।
इस मामले में मुख्य आरोपित नरेशनाथ पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। आरोपित को शीघ्र गिरफ्तार किया जाएगा। उसकी पत्नी व करीबी किशोर की घटना में संलिप्तता नहीं मिली है, जिन्हें पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। -सूरज कुमार राय, एसपी।
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