प्रशासन से वार्ता के बाद किसानों ने की पंचायत, जमीन का चार गुणा रेट लेने पर अड़े किसान
प्रशासन से वार्ता के बाद बागपत के किसानों ने पंचायतों में अपनी पुरानी मांगों पर अड़े रहने का निर्णय लिया है। वे औद्योगिक क्षेत्र के लिए जमीन अधिग्रहण ...और पढ़ें

गांव सिंगोली तगा और लहचौड़ा में हुई पंचायत में मौजूद किसान। सौ. किसान
HighLights
जिला प्रशासन से वार्ता के बाद किसानों ने की पंचायतें।
किसान जमीन के लिए चार गुना मुआवजा चाहते हैं।
सहमति पत्र में संशोधन के बिना हस्ताक्षर नहीं करेंगे।
संवाद सूत्र, चांदीनगर (बागपत)। औद्योगिक क्षेत्र के लिए जमीन अधिग्रहण मामले में चार गांवों में पंचायतें हुईं, जिसमें भूमि अधिग्रहण समिति के लोगों ने प्रशासन हुई वार्ता की किसानों को जानकारी दी। साथ ही अपनी पुरानी मांगों पर ही जमीन देने का निर्णय लिया। औद्योगिक क्षेत्र के लिए 12 गांवों की जमीन का अधिग्रहण होना है।
भूमि अधिग्रहण समिति का एक प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को अपनी मांगों को लेकर एडीएम विनीत कुमार उपाध्याय से मिला था। समिति अध्यक्ष डा. वेदप्रकाश शर्मा व विजय पाल सिंह, कार्यकारिणी सदस्य अनिल त्यागी, जय भाटी प्रधान तथा समिति प्रवक्ता कांशीराम प्रधान ने रविवार को लहचौड़ा, गौना, फुलैरा और सिंगोली तगा गांवों में अलग अलग समय पर पंचायतें कीं।
पंचायत में एडीएम बागपत के साथ हुई वार्ता की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यूपीसीडा किसानों से सहमति पत्र भरवाने का प्रयास कर रही है, लेकिन सहमति पत्र में कई त्रुटियां हैं। जब तक उसमें किसानों के हितों के अनुरूप संशोधन नहीं होगा, तब तक कोई भी किसान उस पर हस्ताक्षर नहीं करेगा।
उन्होंने एडीएम बागपत के हवाले से बताया कि सहमति पत्र में बड़े स्तर पर संशोधन संभव नहीं है उसमें जोड़ा तो जा सकता है लेकिन घटाया नहीं जा सकता। उन्होंने आश्वासन दिया है कि किसानों की मांग के अनुसार एक दो पंक्तियां जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि किसान जल्दी न करें इसके लिए यूपीसीडा के अधिकारियों से वार्ता की जाएगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि जमीन का अधिग्रहण करने से पहले अखबार में विज्ञापन दिया जाएगा। साथ ही उन्होंने पिछले छह माह में हुए बैनामो को भी संभाल कर रखने की सलाह दी है।
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वहीं किसान अभी भी अपनी पुरानी मांगों पर अड़े है। किसानों ने बाजार मूल्य से चार गुणा बढ़ाकर मुआवजा देने, विकसित आवासीय प्लाट देने, बैनामों पर लगाई रोक को हटाने, लाल डोरे की स्थिति स्पष्ट करने और परिवार के एक सदस्य को योग्यता के अनुसार नौकरी देने की मांग की है। डा. वेदप्रकाश शर्मा, मास्टर विजय पाल, जय भाटी प्रधान, कांशीराम प्रधान, हरबीर भाटी, कुलदीप, कृष्णपाल, अनिल त्यागी, नरेश प्रधान, दीपक, सुनील, राकेश कुमार और बाबूराम त्यागी आदि मौजूद रहे।