प्रस्तावित मुआवजा मंजूर नहीं, भूमि अधिग्रहण का विरोध... संघर्ष समिति का गठन
बागपत में किसान यूपीसीडा द्वारा औद्योगिक क्षेत्र के लिए भूमि अधिग्रहण का विरोध कर रहे हैं, प्रस्तावित मुआवजे को अपर्याप्त बताकर अस्वीकार कर दिया है। व ...और पढ़ें

(प्रतीकात्मक फोटो)
HighLights
यूपीसीडा भूमि अधिग्रहण के खिलाफ किसानों का विरोध।
प्रस्तावित मुआवजा अस्वीकार, किसान लामबंद हो रहे हैं।
संघर्ष समिति गठित, मुख्यमंत्री से मिलने की तैयारियां।
संवाद सूत्र, जागरण. चांदीनगर (बागपत)। औद्योगिक क्षेत्र के यूपीसीडा द्वारा 12 गांवों की भूमि अधिग्रहण करने के विरोध में प्रत्येक गांव में संघर्ष समिति का गठन किया जा रहा है, जिसमें 20 सदस्यों को शामिल किया जा रहा है। वहीं, 12 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही लखनऊ में सीएम से मिलेगा व समस्या के समाधान की मांग उठाएगा।
औद्योगिक क्षेत्र बनाने के लिए 12 गांव और कुछ गैरआबाद मजरों की 2000 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। सरकार सर्किल रेट से चार गुणा बढ़ाकर मुआवजा दे रही है, लेकिन किसान मानने को तैयार नहीं है। इसके विरोध में किसान लामबंद हो गए हैं। किसान पंचायत कर रणनीति बना रहे हैं। किसान प्रत्येक गांव में 20 सदस्यीय संघर्ष समिति का गठन कर रहे हैं। ज्यादातर गांवों में समिति के गठन का कार्य पूरा हो गया है, जिन गांवों में समिति का गठन नहीं हुआ है। उनमें शीघ्र पूरा करने का किसान दावा कर रहे हैं।
किसान सुनील कुमार त्यागी, रवि बैंसला, नरेश कुमार आदि का कहना है कि सभी गांवों की समिति का गठन होने के बाद संभवतः 12 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलेगा और किसानों की समस्याओं से अवगत कराएगा।