विकास व औद्योगिक परियोजना के विरोध में नहीं किसान, बोले-सहमति पत्र से पूर्व मुआवजा दर तय हो
बागपत के गौना गांव में औद्योगिक क्षेत्र के लिए भूमि अधिग्रहण हेतु सहमति पत्र पर किसानों ने हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया। किसानों ने विकास का विरोध ...और पढ़ें

गौना गांव में आहूत बैठक में मौजूद किसान। सौ. किसान
HighLights
किसानों ने भूमि अधिग्रहण के सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करने से मना किया।
उचित मुआवजा, पुनर्वास और स्थानीय युवाओं को रोजगार की मांग की।
किसान अपनी मांगों पर चर्चा के लिए मंगलवार को डीएम से मिलेंगे।
संवाद सूत्र, चांदीनगर (बागपत)। औद्योगिक क्षेत्र के लिए भूमि अधिग्रहण के लिए शुक्रवार को सहमति पत्र पर हस्ताक्षर कराने के लिए टीम गौना गांव पहुंची। किसानों से सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करने से इन्कार कर दिया। मंगलवार को किसान डीएम से मिलकर सहमति पत्र पर चर्चा करेंगे।
औद्योगिक क्षेत्र के लिए 12 गांवों की 2000 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण किया जा रहा है। शुक्रवार को यूपीसीडा के रोहित सिंह तोमर व क्षमा, कई उद्यमी और लेखपाल अनिल कुमार की टीम गौना पहुंची। इस दौरान किसानों ने कहा कि वे क्षेत्र के विकास व औद्योगिक परियोजना के विरोध में नहीं हैं, लेकिन इसके किसानों के हितों और अधिकारों का भी ध्यान रखना होगा, इसलिए वे सहमति पत्र पर हस्ताक्षर नहीं करेंगे।
किसान ओम दत्त, नरेश यादव, पवन शर्मा राजकुमार, दुलीचंद, सोमपाल, सुरेंद्र, राजपाल और कृष्णपाल मंगलवार को किसानों की जब तक डीएम से वार्ता नहीं हो जाती और उनकी मांगों पर निर्णय नहीं हो जाता है, तब तक वे सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर नहीं करेंगे। भूमि अधिग्रहण से पहले मुआवजा दर, किसानों के पुनर्वास, स्थानीय युवाओं को रोजगार, गांवों के विकास तथा अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रशासन का स्पष्ट पक्ष सामने आए। किसानों के सहमति पत्र इन्कार करने से टीम लौट गई।