चोरी की बाइक पर फर्जी नंबर लिखवाकर दौड़ाते थे बदमाश; अब तक 200 बाइक चोरी कर चुका गैंग लीडर हैदर
दाहा (बागपत) में पुलिस ने दिल्ली-देहरादून इकोनोमिक कॉरिडोर के पास से तीन बाइक चोरों को गिरफ्तार किया है। इनमें मुख्य आरोपी हैदर 200 से अधिक बाइक चुरा ...और पढ़ें

दोघट पुलिस द्वारा पकड़े गए बाइक चोर। जागरण
HighLights
बागपत पुलिस ने तीन बाइक चोरों को दबोचा।
मुख्य आरोपी हैदर 200 से ज्यादा बाइक चुरा चुका।
चोरी की बाइकों पर फर्जी नंबर प्लेट लगाते थे।
संवाद सूत्र, जागरण. दाहा (बागपत)। दिल्ली-देहरादून इकोनोमिक कारिडोर सूजती अंडरपास के पास पुलिस ने तीन बाइक चोरों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए युवक चोरी की बाइक पर नंबर बदलकर चलाते थे। पकड़े गए चोरों में हैदर 200 बाइक चोरी कर चुका है।
दोघट हिम्मतपुर सूजती मार्ग पर अंडरपास के पास शनिवार शाम दोघट थाना पुलिस ने चेकिंग के दौरान तीन बाइक चोरों को पकड़ लिया। थाना प्रभारी दोघट केवल सिंह ने बताया कि सब इंस्पेक्टर वीरेंद्र सिंह, दिव्य कुमार व विकुल कुमार ने रात्रि गश्त के दौरान अंडरपास के पास दो बाइक पर सवार तीन युवकों को रुकने का इशारा किया तो वे बाइक गिराकर भागने लगे, जिस पर उन्हें पकड़ लिया गया।
तलाशी ली तो एक युवक हैदर के पास 315 बोर का तमंचा दो कारतूस बरामद किए गए। पुलिस ने पकड़े हुए युवकों के पास मिली दोनों बाइक के नंबर ट्रेस किए तो नंबर फर्जी निकले। तीनों युवकों को थाने लाकर पूछताछ करने पर सरौरा के पास वन क्षेत्र में छिपाई गईं पांच और बाइक बरामद कराईं। इनके नंबर भी फर्जी मिले। पकड़े गए लोगों में हैदर पुत्र नाजर खान निवासी निकट शिव मंदिर खानपुर जयती थाना ट्रोनिका सिटी गाजियाबाद, रोहित पुत्र रामकिशन निवासी शहवाजपुर थाना व जनपद बदायूं हाल निवासी बालाजी चौक स्वरूप विहार थाना बुराड़ी दिल्ली, अरशद पुत्र अजीज निवासी अहेड़ा बागपत निवासी हैं।
गैंग लीडर हैदर सड़क पर चलती किसी भी बाइक का नंबर लेकर चोरी की बाइक पर लिखवा देता है और उसके फर्जी कागज तक तैयार करा लेता है। पुलिस ने उन्हें न्यायालय में पेश किया है, जहां से जिला कारागार भेज दिया। पुलिस ने बताया कि इनका साथी सुहेल निवासी जली कोठी मेरठ निवासी है, जिसे शीघ्र ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
खबरें और भी
चोरी की बाइक का चालान, मैसेज पहुंचता था दूसरे के नाम
पुलिस ने बताया कि पकड़े गए युवकों ने बताया कि बाइक का असली नंबर मिटाकर नंबर प्लेट पर दूसरी बाइक का नंबर लिखवा लेते थे। जैसे चोरी दिल्ली से की तो नंबर यूपी का लिखा देते थे, ताकि पुलिस यदि नंबर ट्रेस करे तो चोरी की जानकारी न मिल पाए। जब पुलिस सड़क पर ऐसी किसी भी बाइक का चालान काटती थी तो वह चालान कटते ही असली बाइक मालिक के पास मैसेज पहुंच जाता था इसके बाद वह मालिक कहता था कि उसकी बाइक तो उस रास्ते पर गई ही नहीं, यह पुलिस के लिए एक मुसीबत बनी थी।
हैदर 200 से अधिक बाइक चुरा चुका
हैदर से जब पुलिस ने पूछा कि कितनी बाइक चुराई है तो बोला कि सही गिनती तो याद नहीं लेकिन 200 से अधिक चुरा चुका है। उसने अधिकतर बाइक दिल्ली से चुराई बताई। वह गोकुलपुरी दिल्ली में पानी की टोटी आदि पर निकिल करने का काम करता है और मौका मिलते ही बाइक चोरी की घटना को अंजाम दे देता है जिसे सस्ते दाम पर बिक्री कर देता था।