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    बागपत में नाबालिग पत्नी के अपहरण पर दो बच्चों के पिता को आठ माह की कैद, पहले भी जा चुका है जेल

    Updated: Wed, 20 May 2026 12:22 AM (IST)

    बागपत में एक व्यक्ति को नाबालिग पत्नी के अपहरण के मामले में आठ माह के कारावास की सजा सुनाई गई है। आरोपी गौरव ने पहले छह माह जेल में बिताए थे और जमानत ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. नाबालिग पत्नी के अपहरण पर आठ माह का कारावास।

    2. आरोपी गौरव ने बालिग होने पर लड़की से शादी की।

    3. दुष्कर्म के आरोपों से गौरव को बरी किया गया।

    जागरण संवाददाता, बागपत। नाबालिग पत्नी के अपहरण के मामले में अदालत ने दो बच्चों के पिता को आठ माह के कारावास की सजा सुनाई है। उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया है, वह पहले ही छह माह जेल में बीता चुका है। जमानत पर जेल से आने के बाद उसने बालिग होने पर उसी लड़की से शादी की थी। यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना है।

    विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र सिंह पंवार के मुताबिक दोघट थाना क्षेत्र के व्यक्ति ने मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया था कि मुहल्ले का युवक गौरव घर पर अक्सर आता-जाता था।

    आरोप है कि उनकी करीब 16 वर्षीय बेटी को गौरव 11 मई 2020 को बहला-फुसलाकर लेकर चला गया। बेटी को काफी तलाश किया था, लेकिन कहीं पता नहीं चला था। बेटी को बरामद किया जाए। पुलिस ने किशोरी को सकुशल बरामद कर मेडिकल कराने के बाद अदालत में बयान दर्ज कराया था।

    किशोरी ने युवक गौरव पर जबरदस्ती कार में डालकर ले जाने, कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ पिलाने, दुष्कर्म करने तथा जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया था। पुलिस ने विवेचना कर मुकदमे में धाराओं की बढ़ोतरी की थी। इसके बाद आरोपित गौरव को गिरफ्तार किया था। अदालत ने उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया था।

    इसके बाद पुलिस ने अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी। बाद में किशोरी ने अदालत में बयान दिया था कि उसका किसी ने अपहरण नहीं किया, वह अपनी मर्जी से घर से गई थी।

    एडीजे स्पेशल पाक्सो एक्ट संजीव कुमार सिंह की अदालत ने गौरव को नाबालिग को बहला-फुसालकर ले जाने का दोषी मानते हुए आठ माह के कारावास की सजा सुनाई तथा दो हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।

    अर्थदंड अदा न करने पर 15 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। दुष्कर्म, नशीला पदार्थ खिलाने और जान से मारने की धमकी के आरोप में गौरव को दोष मुक्त किया गया है।

    छह माह बाद मिली थी गौरव को जमानत

    विशेष लोक अभियोजक के मुताबिक छह माह जेल में रहने के बाद आरोपित गौरव को अदालत से जमानत मिल गई थी। जेल से रिहा होने के बाद जैसे ही किशोरी बालिग हुई तो उन दोनों ने शादी कर ली थी। उनके वर्तमान में बच्चे हैं। दोनों अलग-अलग समुदाय से हैं।

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