एक विवाह ऐसा भी! बागपत में दहेज में मिला 5.11 लाख का चेक दूल्हे की मां ने लौटाया, पेश की मिसाल
बागपत में एक मां ने अपने बेटे की सगाई में मिले 5.11 लाख रुपये के दहेज चेक को लौटा दिया। ...और पढ़ें
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रमाला गांव में पांच लाख रुपए का चैक वापस कर लग्न सगाई की रस्म की गई पुरी

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संवाद सूत्र, जागरण, बागपत। रमाला गांव में एक मां ने दहेज में मिले पांच लाख 11 हजार रुपये का चेक लौटाकर समाज के सामने प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया। शिक्षित और नौकरीपेशा वर-वधू के परिवार ने मिलकर दहेज रहित विवाह का निर्णय लिया, जिसकी क्षेत्रभर में सराहना हो रही है।
रमाला निवासी शिवम चौहान पुत्र स्वर्गीय विजेंद्र चौहान का रिश्ता गाजियाबाद के राजनगर निवासी आरुषि चौधरी पुत्री राकेश चौधरी के साथ तय हुआ है। शिवम बीटेक (फायर टेक्नोलॉजी) करने के बाद नोएडा में फायर सेफ्टी ऑडिटर के रूप में कार्यरत हैं।
आरुषि एमबीए (एसीसीए) करने के बाद नोएडा की एक फाइनेंस एमएनसी में कार्य कर रही हैं। लग्न समारोह के दौरान जब वधू पक्ष सगाई लेकर रमाला पहुंचा और दहेज के सामान के साथ पांच लाख 11 हजार रुपये का चेक भेंट किया, तो दूल्हे की मां राकेश चौहान ने उसे लौटा दिया।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब दोनों बच्चे शिक्षित हैं और आत्मनिर्भर हैं, तो दहेज लेने का कोई औचित्य नहीं। उन्होंने बताया कि कुछ समय पूर्व सोरम गांव स्थित सर्वखाप कार्यालय में आयोजित पंचायत में दहेज रहित विवाह को बढ़ावा देने का संकल्प लिया गया था।
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उसी से प्रेरित होकर उन्होंने अपने बेटे का विवाह बिना दहेज करने का निर्णय लिया। इस कदम के बाद गांव ही नहीं, पूरे क्षेत्र में उनकी पहल की चर्चा है। ग्रामीणों ने इसे सामाजिक कुरीति के खिलाफ मजबूत संदेश बताते हुए अन्य परिवारों से भी ऐसी पहल करने की अपील की है।