तालाब हुआ ओवरफ्लो, रास्ते पर जलभराव...आवागमन में परेशानी
बिनौली के राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय के सामने रास्ते पर एक साल से कीचड़ और जलभराव की समस्या है, जिससे ग्रामीणों और मरीजों को आवागमन में परेशानी हो र ...और पढ़ें

बिनौली गांव में राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय के सामने गली में भरा गंदा पानी। जागरण
HighLights
बिनौली अस्पताल के सामने रास्ते पर कीचड़-जलभराव।
एक साल से तालाब ओवरफ्लो, नालियां जाम।
ग्रामीणों, मरीजों को आवागमन में भारी परेशानी।
संवाद सूत्र, जागरण. बिनौली (बागपत)। राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय के सामने रास्ते पर लंबे समय से कीचड़ और जलभराव की समस्या बनी है, जिसके चलते ग्रामीणों को आने-जाने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, दूरदराज के गांवों से आने वाले रोगियों को भी असुविधा उठानी रही है।
बिनौली गांव में आबादी के बीच रामलीला ग्राउंड शिव मंदिर के पास वर्षों पूर्व स्थापित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय व योग केंद्र है, जिसमें रोजाना आसपास के गांवों से रोगी आकर उपचार कराते हैं। चिकित्सालय के सामने रास्ते पर पिछले करीब एक वर्ष से नालियों में कीचड़ व जलभराव की स्थिति बनी है। ऐसा पास ही स्थित तालाब के अटे होने व ओवरफ्लो होने के कारण जलनिकासी की समुचित व्यवस्था व नालियों की सफाई न होने से हो रहा है, जिससे आसपास के मोहल्ले के ग्रामीणों को जहां आवागमन में सुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है, वहीं क्षेत्र के गांवों से आयुर्वेद में विश्वास रखने वाले रोगियों को भी अस्पताल आने जाने में परेशानी उठानी पड़ती है।
इस रास्ते पर सुबह के समय तो सबमर्सिबल चलने से जलभराव इतना ज्यादा होता है कि वहां से निकलना भी दूभर हो जाता है। इसके अलावा रास्ते पर व्याप्त गंदगी से मक्खी मच्छर होने से भी ग्रामीणों का जीना मुहाल हो रहा है। चिकित्सक व ग्रामीणों द्वारा समस्या के समाधान के लिए कई बार स्थानीय ब्लाक अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, फिर भी समस्या जस की तस बनी है। जिससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। इस बाबत बीडीओ नरेंद्र सिंह ने जानकारी ली गई तो उनका कहना था कि ग्राम सचिव से दिखवाकर जल्द समस्या का समाधान कराया जाएगा।