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    बड़ौत विधानसभा क्षेत्र: विधायक गिना रहे उपलब्धियां; जलभराव, अतिक्रमण और ट्रैफिक जाम जैसी कई समस्याओं से जूझ रहे लोग

    By Rajeev Kumar Edited By: Praveen Vashishtha
    Updated: Sat, 25 Jul 2026 05:03 PM (IST)

    Uttar Pradesh MLA Report Card: बड़ौत विधानसभा क्षेत्र के विधायक केपी मलिक ने क्षेत्र के विकास का दावा किया है। हालांकि जलभराव, जर्जर सड़कें और बिजली स ...और पढ़ें

    बड़ौत विधानसभा क्षेत्र

    बड़ौत विधानसभा क्षेत्र

    HighLights

    1. कई मूलभूत समस्याओं का नहीं हुआ समाधान।

    2. विधायक ने करोड़ों रुपये के विकास कार्य गिनाए।

    जागरण संवाददाता, (बागपत)। बड़ौत विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक केपी मलिक राज्य सरकार में राज्यमंत्री भी हैं। यही वजह रही कि जनता की उम्मीदें भी बड़ी थीं, जिन पर पूरी तरह से वह खरे नहीं उतर पाए। मूलभूत समस्याएं बनी हुई हैं।

    शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक आमजन को जलभराव, जर्जर सड़कें, बिजली संकट, अतिक्रमण, बेसहारा गोवंशी, गंदगी और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याओं से रोजाना दो-चार होना पड़ रहा है। बरसात का मौसम आते ही बड़ौत शहर की सबसे बड़ी समस्या जलभराव बन जाती है।

    नेहरू रोड, कोताना रोड, बावली रोड, मुख्य बाजार, बिजरौल रोड, भगवान महावीर मार्ग समेत कई मोहल्लों में हल्की वर्षा के बाद ही सड़कें तालाब का रूप ले लेती हैं। नालों की समय पर सफाई नहीं होने और जल निकासी की प्रभावी व्यवस्था के अभाव में लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है।

    कमोबेश समस्या हिलवाड़ी, औसिक्का, सरूरपुर आदि गांव में भी है। शहर में गैस पाइपलाइन और अमृत योजना के तहत खोदाई के बाद अनेक मार्गों की मरम्मत समय पर नहीं हो सकी, जिससे सड़कें गड्ढों में तब्दील हो गई हैं। पटरी से उतरी बिजली व्यवस्था भी लोगों की चिंता का विषय बनी हुई है।

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    गर्मी और बरसात के मौसम में अघोषित कटौती, लो-वोल्टेज और ट्रांसफार्मरों में बार-बार आने वाले फाल्ट से घरेलू उपभोक्ता, व्यापारी और किसान प्रभावित होते हैं। बिजली आपूर्ति बाधित रहने से लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित हो जाता है।

    शहर में भगवान महावीर मार्ग, बिजरौल रोड, नेहरू रोड, कोताना मार्ग, दिल्ली रोड अतिक्रमण तथा अव्यवस्थित यातायात के कारण ट्रैफिक जाम अब रोजमर्रा की समस्या बन चुका है। दिल्ली बस स्टैंड, बाजार क्षेत्र और प्रमुख चौराहों पर ई-रिक्शा, अवैध पार्किंग और सड़क किनारे अतिक्रमण से वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं।

    नगर में सफाई व्यवस्था और कूड़ा निस्तारण को लेकर भी लगातार सवाल उठते रहे हैं। बड़ौली रोड जैसे कई स्थानों पर गंदगी फैलती है और बरसात में संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। वहीं गोवंशी भी सड़कों पर दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं।

    सीएचसी पर विशेषज्ञ चिकित्सकों और पर्याप्त संसाधनों की कमी के कारण मरीज परेशान रहते हैं। इन सवा चार साल के कार्यकाल में विधायक निधि की नौ किस्तों में 22.50 करोड़ रुपये मिले, जिनसे सुल्तानपुर हटाना में यमुना नदी ठोकर, सड़कें, सामुदायिक भवनों का निर्माण, लाइटें, नई विद्युत लाइनों और ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि समेत लगभग 265 कार्य कराए हैं।

    सर्वांगीण विकास और लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है उद्देश्य: विधायक

    विधायक व राज्यमंत्री केपी मलिक का कहना है कि उनका उद्देश्य क्षेत्र का सर्वांगीण विकास और लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। कोताना गांव में राजकीय पालीटेक्निक, बड़ौत में रोडवेज बस स्टैंड का निर्माण व डिपो का पुनरुद्धार कराया।

    बड़ौत में कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास, छछरपुर गांव में पंचायत उत्सव भवन का निर्माण कराया। मेरठ-बड़ौत स्टेट हाईवे, बड़ौत-मुजफ्फरनगर मार्ग, बड़ौत-छपरौली मार्ग का निर्माण कराया।

    उन्होंने बताया कि कलक्ट्रेट और बावली गांव में फुट ओवरब्रिज का निर्माण कराया। सुल्तानपुर हटाना में यमुना नदी पर ठोकर, बड़ौत में डाक बंगले का पुनरुद्धार कराया। धर्मशालाओं और सामुदायिक भवनों के अलावा यात्री शेड, बलिदानियों के नाम पर द्वार बनवाए गए।

    गांवों में नई विद्युत लाइनें, ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि, यमुना क्षेत्र में बाढ़ नियंत्रण के कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराए गए हैं। जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार कराया गया। मीतली गांव में स्टेडियम का निर्माण कराया और मीतली गांव में मेडिकल कालेज मंजूर कराया। 

    कोई उल्लेखनीय कार्य नहीं हुआ: सपा जिलाध्यक्ष

    सपा जिलाध्यक्ष मनोज चौधरी का कहना है कि केपी मलिक के कार्यकाल में रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और सड़क जैसे बुनियादी क्षेत्रों में ऐसा कोई उल्लेखनीय कार्य नहीं हुआ, जिसे जनता के हित में उपलब्धि बताई जा सके।

    युवाओं को रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ता है। बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में लोगों को अपने बच्चों की पढ़ाई और इलाज के लिए अन्य जिलों व प्रदेशों में जाना पड़ता है।

    सपा जिलाध्यक्ष कहते हैं कि उनके अपने शहर बड़ौत में समस्याओं का जाल है। क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं के समाधान में विफल रहे हैं। मेडिकल कालेज तक का निर्माण नहीं करा सके। विकास घोषणाओं तक सिमटकर रह गया है।

    जनता कहिन 

    नौरोजपुर गुर्जर गांव से लधवाड़ी गांव के बीच संपर्क मार्ग का निर्माण कराया है। कई गांव के लोग इस मार्ग पर आवागमन करते हैं। क्षेत्र में कई और संपर्क मार्ग बनवाए गए हैं और लाइटें भी लगवाई गई हैं, जिससे रात के समय गांवों रोशन रहते हैं।
    -विपिन कुमार, लधवाड़ी

    शहर में सबसे बड़ी समस्या ट्रैफिक जाम और अतिक्रमण है। बाजार आने वाले ग्राहकों को जाम में फंसना पड़ता है, जिससे व्यापार भी प्रभावित होता है। अतिक्रमण हटाने और पार्किंग की स्थायी व्यवस्था करनी चाहिए। शहर में जलनिकासी के लिए भी उचित प्रबंध करना चाहिए।
    -ललित जैन, बड़ौत

    गुफा वाले मंदिर से नैथला गांव के बीच संपर्क मार्ग नहीं बन सका है। इसके बनने से ग्रामीणों को फायदा होगा। यमुना नदी किनारे ठोकरों का निर्माण भी नहीं हुआ है। हरियाणा की ओर ठोकर बनने से यमुना नदी के पानी का झुकाव गांव की ओर रहता है, जिससे भूमि का कटान होता है।
    -प्रमोद त्यागी, नैथला

    गांव में श्मशान घाट का निर्माण कराकर अच्छा कार्य कराया। जितने क्षेत्रफल में श्मशान घाट का निर्माण कराया, उसकी चहारदीवारी हो गई। श्मशान घाट बड़ा है, जिसके कारण आधे श्मशान घाट की चहारदीवारी रह गई। इस कार्य को और कराना चाहिए, जिससे श्मशान घाट की भूमि पर कब्जा न हो।
    -नीरज, अंगदपुर