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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 28, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    UP News: 10 राज्यों में फैला नेटवर्क, करोड़ों की ऑनलाइन ठगी करने वाला शौकीन सैफी 5वीं तो विनय तोमर है BSC पास

    Updated: Sat, 28 Sep 2024 01:15 PM (IST)

    Baghpat Fraud Arrests Update News दस राज्यों में चार करोड़ से अधिक की ठगी करने वाले गिरोह के चार सदस्य बागपत पुलिस ने गिरफ्तार किए हैं। अभी कुछ आरोपित ...और पढ़ें

    बागपत की साइबर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किए ठगी के चार आरोपित। सौ. पुलिस विभाग
    बागपत की साइबर थाना पुलिस ने गिरफ्तार किए ठगी के चार आरोपित। सौ. पुलिस विभाग

    HighLights

    1. कम समय में अधिक रुपये कमाने की चाहत ने बनाया साइबर अपराधी
    2. पुलिस कर रही है फरार तीन आरोपितों की तलाश

    जागरण संवाददाता, बागपत। साइबर थाना पुलिस ने इंश्योरेंस कंपनियों की पॉलिसी को री-ओपन कराने, बोनस दिलाने व टैक्स में छूट कराने का झांसा देकर 10 राज्यों में चार करोड़ रुपये से अधिक की ठगी करने वाले गिरोह का राजफाश किया है। गिरोह के चार बदमाश गिरफ्तार किए हैं। इनके पास से एक रुपया भी बरामद नहीं हुआ है।

    थाना प्रभारी प्रदीप ढौंडियाल ने बताया कि रमा शुक्ला निवासी गाजियाबाद ने गत 19 अगस्त को मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया कि उनके मोबाइल पर अज्ञात नंबर से वाट्सएप कॉल आई थी। कॉलर ने उसकी पूर्व में बंद हो चुकी पीएनबी मेटा लाइफ इंश्योरेंस पालिसी को पुन: चालू कराने का झांसा देकर 2.20 लाख रुपये की ठगी की। उसको पॉलिसी के फर्जी अभिलेख भेजे।

    पुलिस ने गिरफ्तार किए आरोपित

    विवेचना से प्रकाश में आए आरोपित शौकीन सैफी मूलनिवासी ग्राम असारा, हाल निवासी मुस्तफाबाद करावलनगर दिल्ली, सचिन मूलनिवासी ग्राम बावली, हाल निवासी बड़ौत, विनय तोमर निवासी ग्राम बिजरौल व दीपक चौहान निवासी ग्राम खड़खड़ी को रविवार को गिरफ्तार किया।

    पॉलिसी बंद होने वालों को करते थे कॉल

    आरोपितों ने जानकारी दी कि वे अपने साथियों के साथ मिलकर ऐसे लोगों को वाट्सएप काल करते थे जिनकी पालिसी किस्त जमा न होने की वजह से बंद हो चुकी है। पालिसी री-ओपन कराने, बोनस दिलाने और टैक्स में छूट कराने का झांसा देकर पालिसी के फर्जी अभिलेख तैयार कर पालिसी धारक के पास भेजते थे। इस तरह झांसे में लेकर लोगों से रुपये की आनलाइन ठगी करते थे।

    विभिन्न राज्यों से मिली थीं शिकायतें

    बैंक खातों से संबंधित एनसीआरपी पोर्टल पर अभी तक बागपत के अलावा विभिन्न राज्यों की 11 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इनमें महाराष्ट्र से 2.24 करोड़ रुपये, बेंगलूरू से 1.25 लाख रुपये, तेलंगाना से 30.50 लाख रुपये, दिल्ली से 12 लाख रुपये, जम्मू कश्मीर से तीन लाख रुपये, बिहार से 5.62 लाख रुपये, मध्य प्रदेश से 4.51 लाख रुपये, हरियाणा से 7.27 लाख रुपये, हिमाचल प्रदेश से 52,738 रुपये की ठगी की शिकायतें शामिल हैं। पकड़े गए आरोपितों को अदालत में पेश किया। उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया है। शौकीन सैफी का भाई मुर्सलीम समेत तीन आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए संभावित स्थानों पर दबिश दी जा रही है।

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    शौक पूरे करने को खर्च करते थे रुपये खर्च

    कम समय में अधिक रुपये की चाहत ने आरोपित व्यक्तियों को साइबर अपराधी बना दिया। आरोपितों ने पुलिस पूछताछ में कई अहम जानकारी दी है। पुलिस के मुताबिक शौकीन सैफी पांचवीं उत्तीर्ण है और दिल्ली में वेल्डिंग का कार्य करता है। दीपक चौहान बीए करने के बाद एक प्राइवेट बैंक के खाते खुलवाता है। विनय तोमर बीएससी उत्तीर्ण है और दुकान करता है।

    सचिन बीए उत्तीर्ण है तथा नलकूप पर संविदा आपरेटर है। मुख्य आरोपित शौकीन सैफी का भाई मुर्रसलीम व एक अन्य हैं। पकड़े गए आरोपितों ने अपने बैंक खातों की डिटेल साथियों को उपलब्ध करा रखी है, जिनमें ठगी की रकम पहुंचती है। इसकी एवज में रकम का 10-20 प्रतिशत रुपये मिलते थे। आरोपित अपने शौक पूरे करने के लिए रुपये खर्च करते हैं।