'मेरा अधूरा सपना पूरा करेंगे युवा खिलाड़ी'... बागपत में बोलीं मैरी कॉम, बॉक्सिंग एकेडमी खोलने की कही बात
ओलिंपिक पदक विजेता मैरी कॉम ने बागपत में 'नन्ही कली' कार्यक्रम में शिरकत की। उन्होंने बताया कि उम्र और चोट के कारण उनका ओलंपिक स्वर्ण पदक जीतने का सपन ...और पढ़ें

बॉक्सिंग ग्लब्स पर साइन करतीं दिग्गज मुक्केबाज मैरी काम

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जागरण संवाददाता, बागपत। ओलिंपिक ब्रांज मेडलिस्ट, छह बार की विश्व चैंपियन, पद्मविभूषण एवं देश के सर्वोच्च खेल पुरस्कारों से अलंकृत दिग्गज मुक्केबाज मैरी काम जब खिलाड़ियों की धरती बागपत में आईं तो हर कोई उन्हें एक टक निहारता रह गया।
इतनी प्रसिद्ध हस्ती होने के बावजूद उनकी सहजता ने सबको मोहित कर दिया। मैरी काम ने कहा कि ओलिंपिक गोल्ड मेडल का उनका सपना अधूरा रह गया। उनका यह सपना युवा खिलाड़ी पूरा करेंगे। मैरी काम ने बागपत में बॉक्सिंग एकेडमी शुरू करने की बात भी कही।

दिग्गज मुक्केबाज मैरी काम ने किया देसी गुड़िया ''नन्ही कली'' का अनावरण
गुरुवार को जिला प्रशासन की ओर से नवरात्र और मिशन शक्ति के नए फेज के शुभारंभ पर बागपत की देसी गुड़िया ''नन्ही कली'' के अनावरण कार्यक्रम में पहुंचीं मैरी काम ने कहा कि आयु सीमा ने उनका सपना तोड़ दिया। वे ओलिंपिक स्वर्ण पदक जीत सकती थीं, लेकिन चोट और आयु सीमा के कारण यह संभव नहीं हो पाया।
लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी है। वे ऐसे बॉक्सर तैयार करेंगी जो उनका यह सपना पूरा करेंगे। उन्होंने कहा कि अपने सपने पूरे करने के लिए सभी को खूब मेहनत करनी पड़ेगी। कभी यह मत सोचना कि वे कुछ नहीं कर पाएंगे। वे भी सामान्य परिवार से आती हैं।
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लेकिन यहां तक पहुंचने के लिए उन्होंने बहुत मेहनत की। उनकी इस सफलता का एक ही सूत्र है कि वे कभी हार नहीं मानतीं। करना है तो करना है। उनके अंदर भूख है कुछ करने की। वे अब 42 वर्ष की हो गई हैं। 40 साल के बाद वे एमेच्योर बॉक्सिंग प्रतियोगिता में भी भाग नहीं ले सकतीं।
उन्होंने कहा कि लड़कियों के प्रति पुरानी मान्यता बदल रही है। लड़कियों को प्रोत्साहित करने की जरूरत है। हमारे देश में लैंगिक समानता आनी शुरू हुई है। लड़कियों से कहा कि दिल खोलकर जीना है।

वहीं, पूर्व क्रिकेटर हितेश चौधरी ने कहा कि लड़कियां मेहनत करती हैं तो अच्छा लगता है। डीएम अस्मिता लाल के प्रयासों से नारी शक्ति आगे बढ़ रही है। नन्ही कली बहुत अच्छी पहल है।
डीएम अस्मिता लाल ने कहा कि देसी गुड़िया ''नन्ही कली'' एक संदेश है। यह यहां की महिलाओं के हाथों से बनी है। हर गुड़िया की अपनी एक कहानी है। इसका संदेश है कि हर लड़की खास है। हर लड़की को सपने देखने का हक है। उन्होंने कहा कि हर बेटी का उत्सव मनाएं, उन्हें शिक्षित और सशक्त करें।
इस अवसर पर नन्ही कली पर आधारित विशेष पुस्तिका का विमोचन और डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन भी किया गया। कार्यक्रम में कस्तूरबा गांधी विद्यालय की छात्राएं, मिशन शक्ति पुलिस टीम, एथलीट्स, बॉक्सिंग व तीरंदाजी खिलाड़ी, माय भारत स्वयंसेवक और विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल रहे।
कार्यक्रम में साक्षी, दिव्या, मीनाक्षी, सूजी, एसडीएम अमरचंद वर्मा, डिप्टी कलेक्टर मनीष कुमार यादव, पूनम आदि को सम्मानित किया गया। इस आयोजन का एक और महत्वपूर्ण पहलू रहा दिव्यांग बच्चों की भागीदारी।
इस अवसर पर अपर एडीएम विनीत कुमार उपाध्याय, एसडीएम खेकड़ा निकेत वर्मा, एसडीएम बड़ौत भावना सिंह, डिप्टी कलेक्टर मनीष यादव एवं ज्योति शर्मा, ईओ केके भड़ाना, जिला सूचना अधिकारी राहुल भाटी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।