दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर पर कट बंद नहीं करा सकी NHAI, निगरानी को लगवाए CCTV कैमरे, ग्रामीणों में चालान का डर
एनएचएआई ने दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर पर गांगनौली गांव के पास अस्थायी कट पर सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं। इससे ग्रामीणों में चालान और कार्रवाई का डर है, जबकि ...और पढ़ें

HighLights
गांगनौली अस्थायी कट पर एनएचएआई ने लगाए सीसीटीवी।
ग्रामीणों को चालान होने का सता रहा है डर।
एनएचएआई ने कैमरों को बताया सामान्य सुरक्षा उपाय।
जागरण संवाददाता, बागपत। दिल्ली-देहरादून इकोनामिक कॉरिडोर पर गांगनौली गांव के पास बने अस्थायी कट को लेकर चल रहा विवाद अब नया मोड़ लेता दिखाई दे रहा है। लंबे समय से इस कट को बंद कराने के प्रयास में जुटी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने अब यहां दो बड़े सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए हैं।
कैमरों की जद में पूरा अस्थायी कट और वहां से गुजरने वाले वाहन आ रहे हैं। इसके बाद क्षेत्र के लोगों में चर्चा तेज हो गई है कि कहीं इन कैमरों के जरिए कट का इस्तेमाल करने वाले वाहनों पर निगरानी रखकर कार्रवाई की तैयारी तो नहीं की जा रही।
कॉरिडोर निर्माण के दौरान निर्माण सामग्री लाने-ले जाने के लिए एनएचएआई ने एक अस्थायी रास्ता बनाया था। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद प्राधिकरण इस रास्ते को बंद करना चाहता था, लेकिन ग्रामीणों ने इसका विरोध कर दिया।
उनका कहना था कि जब तक स्थायी कट नहीं दिया जाता, तब तक इस वैकल्पिक मार्ग को बंद नहीं किया जाएगा। एनएचएआई ने कई बार इसे बंद कराने का प्रयास किया, लेकिन हर बार ग्रामीणों के विरोध के कारण अधिकारियों को लौटना पड़ा।
अब कैमरे लगने से बढ़ी हलचल
हाल ही में एनएचएआई ने पूरे दिल्ली-देहरादून इकोनामिक कॉरिडोर पर सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था मजबूत करने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने का कार्य शुरू किया है।
इसी क्रम में गांगनौली के अस्थायी कट के बीच में एक पोल पर दो बड़े कैमरे लगाए गए हैं। एक दायीं और दूसरा बायीं और। वर्तमान में एक कट से वाहनों का संचालन जारी है।
इन कैमरों की निगरानी में दोनों कट आ रहे हैं कट से उतरने और चढ़ने वाले सभी वाहन कैमरे की निगरानी में हैं। कैमरे लगते ही क्षेत्र के बीच यह चर्चा शुरू हो गई कि कहीं इनका उद्देश्य अस्थायी कट का उपयोग करने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करना तो नहीं है।
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चालान की आशंका से लोग चिंतित
लोगों का कहना है कि यदि कैमरों के आधार पर वाहन चालकों के चालान किए गए तो इससे लोगों को अनावश्यक परेशानी होगी। उनका कहना है कि जब तक स्थायी समाधान नहीं निकाला जाता, तब तक इस मार्ग का उपयोग उनकी मजबूरी है। फिलहाल अभी तक कैमरों के आधार पर किसी वाहन का चालान होने की जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन लोगों की आशंका बनी हुई है।
एनएचएआई के पीडी नरेंद्र सिंह ने बताया कि कॉरिडोर पर सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था मजबूत करने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए हैं जो रूटीन का हिस्सा है। कट की निगरानी को कैमरे नहीं लगवाए गए हैं। यह कैमरे कॉरिडोर पर दूसरे स्थानों पर भी लगवाए गए हैं।