10 दिन पहले परिवार से मिलने UP के बड़ौत आए थे त्रिपुरा के DGP अनुराग धनखड़, निधन की सूचना से शोक
त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक अनुराग धनखड़ के निधन से यूपी के बागपत के उनके पैतृक गांव बिहारीपुर और जिले में शोक की लहर है। 10 दिन पहले ही वह बड़ौत आए थ ...और पढ़ें

त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक अनुराग धनखड़ का फाइल फोटो, बिहारीपुर गांव में डीजीपी अनुराग धनखड़ का घर।
HighLights
बड़ौत के जनता वैदिक इंटर कालेज के थे मेधावी छात्र।
1994 में भारतीय पुलिस सेवा में हुआ था चयन।
जागरण संवाददाता, बड़ौत (बागपत)। त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (DGP) अनुराग धनखड़ का पुलिस मुख्यालय में शव मिलने की सूचना से जिले और उनके पैतृक गांव बिहारीपुर में शोक की लहर दौड़ गई। स्वजन को इस घटना पर विश्वास नहीं हो रहा है। स्वजन का कहना है कि वह महज 10 दिन पहले ही बड़ौत आए थे और सभी से सामान्य ढंग से मिलकर लौटे थे। उनकी बातचीत और व्यवहार से कहीं भी ऐसा नहीं लगा कि वह किसी प्रकार के तनाव में थे।
मूल रूप से बिहारीपुर गांव निवासी अनुराग धनखड़ के बड़े भाई विवेक दिल्ली में रहते हैं, जबकि छोटे भाई रविराज धनखड़ पत्नी मंजू और बेटे अभिजीत के साथ बड़ौत के गांधी रोड पर निवास करते हैं। अनुराग के ममेरे भाई एवं बिजरौल गांव के पूर्व प्रधान उपेंद्र तोमर ने बताया कि 10 जुलाई को अनुराग अपनी पत्नी कल्पना के साथ बड़ौत आए थे। परिवार के साथ भोजन किया। कई घंटे बातचीत की और रात में दिल्ली के लिए रवाना हो गए।
उन्होंने कहा कि उस दौरान उनके व्यवहार से किसी भी तरह की मानसिक परेशानी या तनाव का आभास नहीं हुआ। ऐसे में यह घटना पूरे परिवार के लिए बेहद दुखद और हैरान करने वाली है। अनुराग धनखड़ की प्रारंभिक शिक्षा बड़ौत के जनता वैदिक इंटर कालेज में हुई थी। पढ़ाई के दौरान ही वह मेधावी छात्र के रूप में जाने जाते थे। बाद में उन्होंने केनरा बैंक में फील्ड आफिसर के रूप में नौकरी की।
नौकरी के साथ-साथ उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की तैयारी जारी रखी और वर्ष 1994 में उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में हुआ। उन्हें त्रिपुरा कैडर आवंटित किया गया, जहां उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य करते हुए अपनी ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ छवि बनाई। स्वजन के अनुसार, अनुराग के पिता सतपाल सिंह लगभग 11 वर्षों तक बिहारीपुर गांव के प्रधान रहे थे। परिवार सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में भी सक्रिय रहा है।
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घटना की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। बड़े भाई विवेक धनखड़ तत्काल त्रिपुरा के लिए रवाना हो गए। बड़ौत और आसपास के क्षेत्र में भी उनके परिचितों और शुभचिंतकों में शोक व्याप्त है। सभी लोग इस घटना को बेहद दुखद और अविश्वसनीय बता रहे हैं। डीजीपी की पत्नी कल्पना उनके साथ त्रिपुरा में रहती थीं। उनके बेटा अभिषेक वर्तमान में कनाडा में रहते हैं।