UP में 90 विवाहित जोड़ों ने कुंवारा बता किया शादी का आवेदन... अफसर हैरान
बागपत में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 180 बेटियों की शादी होगी। आवेदनों की जांच में सामने आया कि 90 शादीशुदा जोड़ों ने खुद को कुंवारा बताक ...और पढ़ें

90 विवाहित जोड़ों ने कुंवारा बता किया शादी का आवेदन (AI Generated Image)
HighLights
बागपत में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत आए थे आवेदन।
90 जोड़ों ने सरकारी राशि हड़पने को खुद को कुंवारा बता किया था आवेदन।
जागरण संवाददाता, बागपत। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत आज 180 बेटियों की शादी राजसी ठाठ-बाट से होगी। डीएम ने अधिकारियों को सामूहिक विवाह समारोह भव्य बनाने को अधिकारियों को जिम्मा सौंपा है।
यह आयोजन केवल सामूहिक विवाह समारोह तक सीमित न रहकर सामाजिक समरसता, संस्कार, पर्यावरण संरक्षण और उत्सव का संगम बनेगा। मगर गजब बात यह है कि पहले से शादीशुदा 90 जोड़ों ने भी सरकारी कन्यादान हड़पने के लिए खुद को कुंवारा बता आवेदन कर दिया, लेकिन जांच में पकड़े गए तो अफसर हैरान रह गए।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत 22 जुलाई को उज्जवला पैलेस, बड़ौत में जिलाधिकारी अस्मिता लाल के नेतृत्व में भव्य सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन होगा। डीएम की नई पहल ‘आठवां वचन बहू और प्रकृति के नाम’ समारोह को खास बनाएगी। विवाह के सात फेरे जीवनभर साथ निभाने का संकल्प हैं, वहीं आठवां वचन समाज, परिवार, नारी सम्मान और प्रकृति संरक्षण के प्रति दायित्व निभाने का संदेश देगा।
नवविवाहित दंपती पर्यावरण संरक्षण तथा बहू-बेटियों के सम्मान एवं सशक्तिकरण का संकल्प लेंगे। सरकारी कन्यादान में शाही अंदाज से बेटियों की शादी होगी। फूलों से सजे मैरिज होम के द्वार पर शहनाई बजेगी तो गुलाबी साफा पहने अफसर बरातियों की मेजबानी करते दिखेंगे। बैंडबाजे की धुन पर मधुर संगीत होगा तो बरातियों को लजीज व्यंजन मिलेंगे।
पंडित और मौलवी शादी की रस्म पूरी कराएंगे, तो अफसर विदाई में उपहार देकर बेटियों की डोली रवाना करेंगे। डीएम अस्मिता लाल ने जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने लोगों से अपील की कि वे नवविवाहित जोड़ों को अपना आशीर्वाद दें। जिला समाज कल्याण अधिकारी नीलम चौहान ने बताया कि 180 जोड़ाें की शादी होगी, जिनमें 50 बेटियां मुस्लिम हैं।
खबरें और भी
शादी समारोह की तैयारी पूरी कर ली है। वहीं गजब बात यह सामने आई कि 180 शादीशुदा जोड़ों ने भी आवेदन कर दिया। उन्होंने ऐसा इसलिए किया ताकि सरकार से मिलने वाले एक-एक लाख रुपये के लाभ को प्राप्त किया जा सके।
दरअसल कुल 270 आवेदन हुए थे, मगर जब अधिकारियों ने जांच की तो इनमें 90 जोड़े अपात्र मिले। इनमें से अधिकांश ऐसे हैं जिनकी शादी पहले हो गई थी। अधिकारियों ने इन आवेदनों को निरस्त कर दिया है। जिला समाज कल्याण अधिकारी नीलम सिंह चौहान ने कहा कि कुछ जोड़े ऐसे मिले हैं, जिनकी शादी पहले हो गई है।