बहराइच की 'चमचम' से कारीगरों की चमकेगी किस्मत, कारोबार शुरू करने के लिए मिलेगा लोन
बहराइच की प्रसिद्ध मिठाई 'चमचम' को 'एक जनपद-एक व्यंजन' योजना में शामिल किया गया है। इससे स्थानीय हलवाइयों, कारीगरों और उद्यमियों को उत्पादन, पैकेजिंग ...और पढ़ें
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चमचम मिठाई से कारीगरों की चमकेगी किस्मत। AI जेनरेटेड फोटो
HighLights
चमचम मिठाई 'एक जनपद-एक व्यंजन' योजना में चयनित।
कारीगरों, उद्यमियों को उत्पादन व विपणन हेतु बैंक ऋण।
आधुनिक तकनीक, गुणवत्ता नियंत्रण और ब्रांडिंग का प्रशिक्षण मिलेगा।
जागरण संवाददाता, बहराइच। प्रदेश के पारंपरिक व्यंजनों को नई पहचान दिलाने और स्थानीय उद्यमों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित 'एक जनपद-एक व्यंजन' योजना के तहत बहराइच की प्रसिद्ध मिठाई 'चमचम' का चयन किया गया है।
इस योजना से जिले के हलवाइयों, कारीगरों, लघु उद्यमियों और स्वरोजगार शुरू करने के इच्छुक युवाओं को बड़ा लाभ मिलेगा। चमचम के उत्पादन, पैकेजिंग, विपणन तथा इससे जुड़े उद्योग, सेवा एवं व्यवसाय स्थापित करने के लिए बैंकों से ऋण दिलाया जाएगा।
सरकार की मंशा है कि प्रत्येक जिले की विशिष्ट खान-पान परंपरा को प्रोत्साहित कर उसे आर्थिक विकास का माध्यम बनाया जाए। इसी कड़ी में जिले की पारंपरिक मिठाई चमचम को जिले की पहचान के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा।
उद्यमियों को आधुनिक उत्पादन तकनीक, गुणवत्ता नियंत्रण, आकर्षक पैकेजिंग, ब्रांडिंग और विपणन संबंधी प्रशिक्षण दिलाया जाएगा, ताकि स्थानीय उत्पाद राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी मजबूत पहचान बना सके।
लाभ लेने वाले उद्यमी नई मिठाई निर्माण इकाइयां स्थापित कर सकेंगे, पहले से संचालित प्रतिष्ठान भी अपने कारोबार का विस्तार कर सकेंगे। इससे जिले में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी। युवाओं और महिलाओं के लिए स्वरोजगार की नई संभावनाएं खुलेंगी।
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पात्रों को बैंक ऋण के साथ परियोजना लागत के अनुसार निर्धारित सीमा तक मार्जिन मनी का लाभ मिलेगा। उद्यमियों को उद्योग विभाग से जानकारी एवं आवेदन प्रक्रिया पूरी करनी होगी। योजना का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन हुआ तो जिले की चमचम को प्रदेश ही नहीं, बल्कि देशभर में नई पहचान मिलेगी।
स्थानीय मिठाई उद्योग को मजबूती मिलने के साथ किसानों, दुग्ध उत्पादकों, कारीगरों और व्यापारियों को भी लाभ होगा। सरकार की यह पहल स्थानीय स्वाद को वैश्विक पहचान दिलाने के साथ जिले की अर्थव्यवस्था को भी नई ऊर्जा देने का माध्यम बनेगी।
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चमचम मिठाई को ओडीओसी योजना में चयनित किया गया है। इससे जुड़े कारोबारियों को बैंकों से ऋण दिलाकर उनके रोजगार को बढ़ाया जाएगा। -केशव राम वर्मा, उपायुक्त उद्योग।