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    बहराइच में स्वरोजगार की राह आसान: खादी विभाग देगा ट्रेनिंग, मिलेगी स्कॉलरशिप और कर्ज की सुविधा

    Updated: Fri, 31 Jul 2026 03:39 PM (IST)

    उत्तर प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग बहराइच में युवाओं को 15 दिन का निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण देगा। प्रशिक्षण के दौरान छात्रवृत्ति मिलेगी और बाद में ...और पढ़ें

    प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

    प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

    HighLights

    1. खादी विभाग द्वारा 15 दिन का निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण मिलेगा।

    2. प्रशिक्षण अवधि में प्रत्येक प्रशिक्षु को ₹3,750 की छात्रवृत्ति।

    3. स्वरोजगार हेतु बैंक ऋण, अनुदान और सरकारी सब्सिडी का लाभ।

    जागरण संवाददाता, बहराइच। बेरोजगार युवाओं और स्वरोजगार की तलाश कर रहे लोगों के लिए उत्तर प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग कौशल उन्नयन प्रशिक्षण योजना के तहत युवाओं को 15 दिन का निश्शुल्क प्रशिक्षण देगा। प्रशिक्षण अवधि में प्रत्येक प्रशिक्षु को 3,750 रुपये की छात्रवृत्ति भी मिलेगी।

    प्रशिक्षण पूरा होने के बाद लाभार्थियों को अपना उद्योग या व्यवसाय शुरू करने के लिए बैंक ऋण, अनुदान और सरकारी सब्सिडी का लाभ भी उपलब्ध कराया जाएगा।

    योजना का उद्देश्य युवाओं को रोजगार तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाला बनाना है। प्रशिक्षण में अगरबत्ती, मोमबत्ती, साबुन, सिलाई, रेडीमेड वस्त्र, खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प, लकड़ी एवं धातु शिल्प सहित विभिन्न ग्रामोद्योग आधारित व्यवसायों की तकनीकी जानकारी दी जाएगी।

    इसके अलावा व्यवसाय प्रबंधन, उत्पाद की गुणवत्ता, पैकेजिंग, ब्रांडिंग, विपणन और डिजिटल माध्यमों से बिक्री की भी जानकारी दी जाती है। प्रशिक्षण लेने के लिए विभागीय कार्यालय में आवेदन करना होगा।

    आवेदन की प्रक्रिया आनलाइन भी है। पात्र अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण के उपरांत खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) तथा राज्य खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड (केवीआईबी) की योजनाओं के माध्यम से बैंक ऋण, सब्सिडी और अन्य वित्तीय सहायता दिलाने में विभाग सहयोग देगा।

    इस माह से प्रशिक्षण शुरू होगा। प्रशिक्षण अवधि में पात्रों को छात्रवृत्ति के साथ स्वरोजगार उपलब्ध कराने के लिए भी बैंक से ऋण देने की व्यवस्था कराई जाती है। -संजय वर्मा, प्राचार्य, खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग।

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