यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 14, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bahraich Violence: बहराइच में कैसे शुरू हुआ बवाल, रामगोपाल को किसने मारी गोली? जानें सबकुछ
बहराइच के महसी तहसील के हरदी क्षेत्र के महाराजगंज कस्बे में अब्दुल हमीद के घर के सामने से विसर्जन यात्रा निकल रही थी। इस दौरान पर समुदाय विशेष ने पथर ...और पढ़ें

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बहराइच में प्रतिमा विसर्जन यात्रा पर पथराव और फायरिंग के बाद एक युवक की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए। घटना के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए। आगजनी व तोड़फोड़ की गई। एसपी वृंदा शुक्ला ने बताया कि हरदी थाना प्रभारी और महसी चौकी प्रभारी को निलंबित कर दिया है। गोली चलाने वाला अब्दुल हमीद हिरासत में ले लिया गया है। लेकिन, ये सब कैसे शुरू हुआ और रविवार को क्या-क्या हुआ? आइए जानते हैं...
बहराइच के महसी तहसील के हरदी क्षेत्र के महाराजगंज कस्बे में अब्दुल हमीद के घर के सामने से विसर्जन यात्रा निकल रही थी। इस दौरान पर समुदाय विशेष ने पथराव कर दिया। विरोध करने पर फायरिंग की, जिसमें 22 वर्षीय रामगोपाल मिश्र को गोली लग गई। मेडिकल कॉलेज में रामगोपाल की मौत हो गई। घटना में राजन, सुधाकर, दिव्यांग सत्यवान व अखिलेश वाजपेयी समेत 15 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
आगजनी-तोड़फोड़ शुरू
घटना के विरोध में आगजनी-तोड़फोड़ शुरू हो गई। भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग भी करना पड़ा। मेडिकल कॉलेज के सामने ही सड़क पर रामगोपाल का शव रखकर ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। अस्पताल चौराहे पर भी विसर्जन यात्रा रोककर श्रद्धालु कड़ी कार्रवाई की मांग पर अड़ गए।

शहर तक पहुंची आक्रोश की आग
सीतापुर-बहराइच हाईवे स्थित चहलारीघाट पर विसर्जित होने वाली प्रतिमाओं को रोक दिया गया। ग्रामीणों ने हाईवे पर भी जाम लगा दिया। फखरपुर क्षेत्र में भी बहराइच-लखनऊ हाईवे पर विसर्जन यात्रा को रोक दिया गया। आक्रोश की आग देर रात शहर तक पहुंच गई। रात 11 बजे शहर के स्टीलगंज तालाब के पास सड़क किनारे खड़ी बाइक को आग के हवाले कर दिया गया। इसके बाद अस्पताल चौराहे पर चार-पांच दुकानों को आग के हवाले कर दिया गया।
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पुलिस ने किया लाठीचार्ज
रात 12 बजे पुलिस ने उपद्रवियों पर लाठियां भी चलाईं। घटना को लेकर पूरे जिले में माहौल तनावपूर्ण है। देर रात डीआईजी एपी सिंह बहराइच पहुंचे और हालात का जायजा लिया।
पुलिस की तैयारियों पर उठ रहे सवाल
त्योहारों काे शांतिपूर्ण निपटाने को लेकर जिला प्रशासन पहले से ही तैयारी करने लगता है, लेकिन महसी के महाराजगंज कस्बे में पुलिस व प्रशासन की तैयारियां धरी रह गई। पुलिस की सजगता पर भी सवाल उठ रहे हैं। मुस्लिम समुदाय के युवकों द्वारा किए गए पथराव व फायरिंग के बाद हालात बिगड़ गए।