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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 03, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Bahraich Wolf Attack: कछार के 40 गांवों में हाहाकार, भेड़िया बच्चों को बना रहा शिकार; 10 की मौत-37 घायल

    Updated: Tue, 03 Sep 2024 07:58 PM (IST)

    कछार के 40 गांवों में भेड़ियों के हमले से दहशत का माहौल है। अब तक 9 बच्चों समेत 10 लोगों की मौत हो चुकी है और 37 से अधिक घायल हैं। भेड़िया घरों में घु ...और पढ़ें

    रामगांव थाना के गिरधरपुर में भेड़िए के हमले के बाद परिजन से जानकारी लेते बीडीओ हेमंत यादव . जागरण
    रामगांव थाना के गिरधरपुर में भेड़िए के हमले के बाद परिजन से जानकारी लेते बीडीओ हेमंत यादव . जागरण

    HighLights

    1. वनाधिकारी खंगाल रहे गन्ने के खेत, चकमा दे रहा भेड़िया
    2. सर्च अभियान में प्रयोग किए जा रहे चार थर्मल ड्रोन

    जागरण संवाददाता, महसी (बहराइच)। नरभक्षी भेड़िए के हमले से कछार के 40 गांवों में हाहाकार है। अब तक नौ बच्चों समेत 10 लोग भेड़िए का शिकार बन चुके हैं। 37 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं। बढ़ते हमलों को लेकर ग्रामीण दहशत में हैं। नरभक्षी भेड़िया वन कर्मियों को लगातार चकमा दे रहा है। मार्च माह से भेड़िया कछार के गांवों में आतंक मचा रहा है। घरों में घुसकर बच्चों व बुजुर्गों का शिकार कर रहा हैं।

    मक्कापुरवा, पंडितपुरवा, औराही जगीर, कोलैला, नथुवापुर, दर्जिन पुरवा, बड़रिया, सिकंदरपुर, रकबा, मैकूपुरवा, सिंगिया नसीरपुर, अंगरौरा दुबहा, पचदेवरी, नकवा, लोनियन पुरवा, दीवान पुरवा, जंगल पुरवा, नकाही, छत्तरपुर, बरुही समेत कछार के 40 ग्राम पंचायतों के 110 मजरों में भेड़िए की दहशत है। वन विभाग के अलावा अन्य विभागों के अधिकारी भी निगरानी कर रहे हैं। बावजूद इसके हमले थमने का नाम नहीं ले रहे।

    दिन-प्रतिदिन बढ़ रहा आतंक का दायरा

    भेड़िए के हमले का दायरा दिन प्रतिदिन बढ़ रहा है। हरदी व खैरीघाट के बाद अब रामगांव में भेड़िए ने दस्तक दी है। बीती रात गिरधरपुरवा में भेड़िए ने हमला कर पांच वर्षीय अफसाना को घायल कर दिया। रविवार की रात हरदी थाना के नउवन गरेठी में ढाई वर्षीय अंजली को निवाला बना लिया। कोटिया के बारा बिगहा की 60 वर्षीय कमला व पिपरी मोहन की 58 वर्षीय सुमन देवी को घायल कर दिया। बढ़ रहे हमलों से लोग खौफजदा हैं। किसान अपने खेतों की ओर जाने से डर रहे हैं। अपने बच्चों को स्कूल भेजने से कतरा रहे हैं।

    चकमा दे रहा भेड़िया

    भेड़िया बीते पांच माह से गांव-गांव घूमकर तांडव मचा रहा है। 16 वन टीमें सर्च आपरेशन कर रही हैं। विकास व राजस्व विभाग की 110 टीमें रात में गश्त कर रही है। 11 नोडल अधिकारियों को निगरानी के लिए लगाया गया है। गांवों में लाउड स्पीकर से सावधानी बरतने की अपील के साथ लोगों को जागरूक किया जा रहा है।

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    मुख्य वन संरक्षक, वन संरक्षक, डीएफओ, रेंजर के अलावा वन विभाग के उच्च अधिकारी भेड़िए को पकड़ने में जुटे हैं। इन सबके बावजूद हमले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। लोकेशन मिलने के बाद घेराबंदी शुरू होते ही भेड़िया चकमा देकर निकल जाता है। लुकाछिपी का खेल जारी है। वन अधिकारियों का कहना है कछार में बड़े क्षेत्रफल में गन्ने की फसल लगी है। भेड़िया हमला कर आसानी से छिप जाता है। इससे उसे सर्च करने में मुश्किल खड़ी होती है।

    जन प्रतिनिधियों व अधिकारियों के दौरे

    • 28 अगस्त को वन मंत्री डा. अरुण सक्सेना ने दौरा कर प्रभावी कदम उठाए जाने के निर्देश दिए
    • 29 अगस्त को मत्स्य/ प्रभारी मंत्री ने प्रभावित गांव दीवान पुरवा पहुंच पीड़ित परिवार से मुलाकात की
    • 31 अगस्त को बाल अधिकार के संरक्षण आयोग के अध्यक्ष डा. देवेंद्र शर्मा ने प्रभावित गांव को, मक्कापुरवा, नकवा गांव का भ्रमण कर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की
    • दो सितंबर को अपर पुलिस महानिदेशक गोरखपुर डा. केएस प्रताप कुमार ने प्रभावित गांव नउवनपुरवा का दौरा किया।

    एक और थर्मल ड्रोन मंगाया गया है। अब चार थर्मल ड्रोन से निगरानी हो रही है। पूरी क्षमता के साथ सर्च आपरेशन चलाया जा रहा है। चार भेड़िए पकड़े जा चुके हैं। दो अन्य जल्द ही पकड़ लिए जाएंगे।  -अजीत प्रताप सिंह, प्रभागीय वनाधिकारी बहराइच

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