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    बहराइच में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं संभालेंगी 14 कैंटीनों की कमान, मिलेंगे रोजगार के अवसर

    Updated: Fri, 31 Jul 2026 03:30 PM (IST)

    बहराइच में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 14 ब्लॉक मुख्यालयों पर स्वयं सहायता समूह की महिलाएं कैंटीन चलाएंगी। ...और पढ़ें

    ये तस्वीर AI द्वारा जनरेट की गई है।

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    जागरण संवाददाता, बहराइच। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) से जुड़ी स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जिले में नई पहल शुरू की गई है।

    सभी 14 विकास खंड मुख्यालयों पर महिलाओं द्वारा संचालित कैंटीन खोली जाएंगी। इन कैंटीनों का संचालन पूरी तरह स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं करेंगी। इससे जिले की करीब 100 से अधिक महिलाओं को स्थायी स्वरोजगार का अवसर मिलेगा।

    कैंटीन संचालन के लिए चयनित महिलाओं को इंडियन बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) में 15 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें भोजन तैयार करने, स्वच्छता, ग्राहक सेवा, कैश मैनेजमेंट, लेखा-जोखा और कैंटीन संचालन की बारीकियां सिखाई जा रही हैं, ताकि वे व्यवसाय को सफलतापूर्वक चला सकें। प्रत्येक कैंटीन में सात से आठ महिलाओं की टीम कार्य करेगी।

    इनमें वेटर, रसोइया, कैशियर और मैनेजर जैसी जिम्मेदारियां भी महिलाएं ही निभाएंगी। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद एनआरएलएम के माध्यम से समूहों को कैंटीन शुरू करने के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता और बैंक ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को केवल रोजगार उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि उन्हें सफल उद्यमी के रूप में स्थापित करना भी है।

    ब्लॉक मुख्यालयों पर आने वाले कर्मचारियों, अधिकारियों और आम लोगों को भी गुणवत्तापूर्ण भोजन और नाश्ते की सुविधा मिलेगी। यह पहल महिलाओं की आर्थिक सशक्तता और ग्रामीण स्वरोजगार को नई दिशा देने की ओर एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

    जिले के बलहा, कैसरगंज, हुजूरपुर, पयागपुर, जरवल, महसी, मिहींपुरवा, तेजवापुर, विशेश्वरगंज, शिवपुर, नवाबगंज, रिसिया, फखरपुर और चित्तौरा ब्लॉक में यह कैंटीन खुलेंगी।

    समूह की महिलाओं द्वारा कैंटीन खोली जाएंगी। यह महिलाएं आरसेटी में प्रशिक्षण ले रहीं हैं। इन्हें अच्छा रोजगार मिलेगा और वह आत्मनिर्भर बनेंगी।
    -धनंजय सिंह, उपायुक्त एनआरएलएम

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