Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यूपी में प्रशासक बने ग्राम प्रधानों को नहीं मिलेगा मानदेय, गांव के विकास में खर्च होगी बचत धनराशि

    Updated: Tue, 28 Jul 2026 07:56 PM (IST)

    यूपी में पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद प्रशासक बने ग्राम प्रधानों को अब मानदेय नहीं मिलेगा। इस व्यवस्था से बहराइच जिले में छह माह में 3.12 क ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    HighLights

    1. प्रशासक बने ग्राम प्रधानों को अब मानदेय नहीं मिलेगा।

    2. बहराइच में छह माह में 3.12 करोड़ की बचत।

    3. बची हुई राशि ग्रामीण विकास कार्यों पर खर्च होगी।

    जागरण संवाददाता, बहराइच। यूपी में पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद ग्राम प्रधानों को प्रशासक की जिम्मेदारी तो सौंप दी गई है, लेकिन अब उन्हें हर माह मिलने वाला मानदेय नहीं मिलेगा। इस व्यवस्था से अकेले बहराइच जिले में अगले छह माह के दौरान सरकार के करीब 3.12 करोड़ की बचत होने का अनुमान है।

    पंचायती राज विभाग ने इस बचत को ग्रामीण विकास कार्यों में लगाने की तैयारी शुरू कर दी है, जिससे गांवों में आधारभूत सुविधाओं को और मजबूत किया जा सकेगा। जिले के 14 विकास खंडों में कुल 1,043 ग्राम पंचायतें हैं।

    पंचायतों का कार्यकाल पूरा होने के बाद प्रधानों को प्रशासक के रूप में कार्य करने की जिम्मेदारी दी गई है। हालांकि, पंचायती राज अधिनियम के तहत प्रशासक बनने के साथ ही प्रधानों के वित्तीय अधिकार समाप्त हो जाते हैं।

    इसी कारण उन्हें पहले की तरह प्रतिमाह पांच हजार रुपये का मानदेय भी देय नहीं हाेगा। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि यह व्यवस्था शासन के नियमों के अनुरूप लागू की गई है।

    मानदेय बंद होने से बचने वाली राशि का उपयोग अब ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों पर किया जाएगा। इसमें गांवों में सड़क, नाली निर्माण, पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करना, स्वच्छता अभियान, स्ट्रीट लाइट, सार्वजनिक स्थलों का रखरखाव तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं के विकास को प्राथमिकता दी जाएगी।

    बचत की यह राशि पंचायतों के लिए उपयोगी साबित होगी और इससे विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी। यदि यही व्यवस्था देवीपाटन मंडल के अन्य जिलों गोंडा, बलरामपुर और श्रावस्ती में भी लागू रहती है, तो सरकार को कई करोड़ रुपये की अतिरिक्त बचत होगी।

    खबरें और भी

    प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्ष पर बचेगा 10.42 लाख

    ब्लाक प्रमुखों को 11300 रुपये और जिला पंचायत अध्यक्ष को मिलने वाला 15500 रुपये मानदेय भी अब नहीं मिलेगा। इससे जिले के 14 ब्लाकों पर छह माह में 949200 रुपये तो जिला पंचायत अध्यक्ष का 93000 रुपये बचेगा।

    प्रशासक बने प्रधान, प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्ष को मानदेय दिए जाने के संबंध में कोई निर्देश नहीं हैं। ऐसे में जो राशि बचेगी उसे विकास कार्यों में खर्च किया जाएगा।

    -चंद्रभान सिंह, डीपीआरओ।