इस स्टेशन से ही अपने गांव जाते थे जेपी नारायण, न नाम बदला… न एक्सप्रेस ट्रेनें ही रूकी, ठहराव का इंतजार
लोक नायक जयप्रकाश नारायण के गांव सिताबदियारा के सबसे नजदीकी बकुल्हा रेलवे स्टेशन का नाम बदलने और एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की मांग लंबे समय से अधूरी ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, बलिया। देश में कई महापुुरुषों के नाम पर रेलवे स्टेशनों का नाम बदला गया, लेकिन संपूर्ण क्रांति के प्रणेता लोक नायक जयप्रकाश नारायण जिस रेलवे स्टेशन पर उतरकर अपने गांव सिताबदियारा जाते थे, उसका नाम एक छोटे से गांव बकुल्हा के नाम पर ही रह गया।
यह जेपी के गांव का सबसे नजदीकी स्टेशन है, वहीं इधर से बिहार जाते वक्त उत्तर प्रदेश का अंतिम स्टेशन भी है।इस स्टेशन का नामकरण 'जयप्रकाशनगर रोड' करने और यहां एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की मांग लंबे समय से हो रही है, लेकिन लोगों की उम्मीदों को पंख नहीं लग लगे।
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जब केंद्र में रेल मंत्री थे, तब से लेकर आज तक इस मांग को लेकर लोग संघर्ष कर रहे हैं। जेपी के नाम पर इस स्टेशन पर मात्र उनके संक्षिप्त जीवन परिचय का एक बोर्ड लगाकर छोड़ दिया गया है।
यह जीवन परिचय बाेर्ड भी वर्ष 1998 में केंद्रीय रेल मंत्री रहे नीतीश कुमार ने पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की मौजूदगी लगाया था, लेकिन स्टेशन का नाम परिवर्तन व एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव का सपना अधूरा ही रह गया।
स्पेशल और पैंसेंजर ट्रनों के ठहराव से कम होते गए यात्री
बकुल्हा रेलवे स्टेशन जयप्रकाशनगर, सिताबदियारा, बड़का बैजू टोला, इब्राहिमाबाद नौबरार, कर्ण छपरा, लक्ष्मण छपरा, शोभा छपरा, टोला शिवन राय, टोला बाजराय, टोला फकरू राय, चांददियर, ठेकहा, बकुल्हा, नरहरी धाम, नवका टोला सहित तमाम गांवों के लागों का नजदीकी स्टेशन है।
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टोला रिसालराय निवासी सुरेश सिंह, दलजीत टोला निवासी जैनेंद्र कुमार सिंह, जयप्रकाशनगर निवासी अशोक सिंह आदि ने बताया कि सभी का नजदीकी स्टेशन होते हुए रहते हुए भी लंबी दूरी की नियमित एक्सप्रेस ट्रेनों पकड़ने घर से 35 काफी दूर छपरा या 22 किलोमीटर दूर सुरेमनपुर जाना पड़ता है। इस क्षेत्र की लगभग डेढ लाख की आबादी को आज भी इंतजार है कि इस रेलवे स्टेशन की अहमियत पर जनप्रतिनिधि व विभाग के अधिकारी गंभीरता से विचार करें।
सारनाथ और सियादह ट्रेन के ठहराव की मांग
चांददियर के निवासी वीरेंद्र यादव, टोला शिवनराय के निवासी पिंटू यादव, टोला रिसालराय के निवासी शिवजी सिंह आदि ने मांग किया है कि बकुल्हा में सियालदह और सारनाथ एक्सप्रेस के ठहराव की मांग की है। लोगों को कहना है कि इन दाेनों ट्रेनों से यात्रा करने के लिए सैकड़ों लोगों को प्रतिदिन सुरेमनपुर जाना पड़ता है।
बलिया-छपरा रेल रूट पर बकुल्हा स्टेशन के नाम परिवर्तन का प्रकरण में विभाग के उच्च अधिकारी ही कुछ स्पष्ट बता सकते हैं। फिलहाल स्टेशन का कायाकल्प किया गया है। कुछ स्पेशल ट्रेनों का ठहराव सुनिश्चित किया गया है।
-सुनील सिंह, स्टेशन अधीक्षक, बलिया।