बलिया में युवकों के विवाद में इलाज के दौरान व्यक्ति की मौत, पुलिस पर पिटाई का आरोप
बलिया में 50 वर्षीय काम जी साह की पुलिस पिटाई के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई, जिसके बाद पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गया। पुलिस ने पिटाई के आरोपों को ख ...और पढ़ें

युवकों के विवाद में एक व्यक्ति की पुलिस द्वारा पिटाई से इलाज के दौरान हुई मौत।
HighLights
बलिया में 50 वर्षीय व्यक्ति की पुलिस पिटाई से मौत का आरोप।
पुलिस पूछताछ के लिए लाए गए काम जी साह की हुई मौत।
पुलिस ने आरोपों को नकारा, गांव की राजनीति का बताया मामला।
जागरण संवाददाता, रेवती (बलिया)। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में गायघाट लाला टोला निवासी 50 वर्षीय प्रौढ़ काम जी साह (गोंड) की पुलिस द्वारा पिटाई से घायल होने तथा शुक्रवार की रात उसकी मौत से पुलिस कर्मियों में हड़कंप मच गया। हालांकि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की जागरण अखबार द्वारा पुष्टी नहीं की जाती है।
जानकारी के अनुसार काम जी साह के पुत्र विशाल साह का गांव निवासी सूरज रजक के बीच 7 जुलाई को किसी बात को लेकर आपस में विवाद हो गया। वाद विवाद में विशाल ने सूरज की पिटाई कर दी। इस संबंध में सूरज रजक की तरफ से रेवती थाना में पुलिस को तहरीर दी गई।
8 जुलाई को थाना के दो पुलिस कांस्टेबल पूछताछ के लिए विशाल के घर गए तो वह घर पर नही मिला। तब पुलिस द्वारा दिन में लगभग 2 बजे विशाल के पिता काम जी साह को पूछताछ के लिए थाना लाया गया। मृतक के दिब्यांग भाई श्याम जी तथा गांववासी धर्मेद ने आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा काम जी साह की पिटाई की गई।
8 जुलाई की सायं मृतक के घर से 100 मीटर पूरब ठगनी माई के मठिया में काम जी साह बेहोशी की हालत में पड़े थे। सायं 5 बजे आस-पास खेल रहे बच्चों ने इसकी सूचना काम जी साह के घर वालों को दी। स्वजन उन्हें घर लाए तथा गरीबी के चलते 8 व 9 जुलाई को स्थानीय स्तर पर उनका उपचार कराएं।
खबरें और भी
10 जुलाई को हालत गंभीर होने पर बेहोशी की हालत में उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रेवती पर भर्ती कराए। जहां चिकित्सक द्वारा उपचार के पश्चात उन्हें जिला अस्पताल बलिया रेफर कर दिया गया।
बलिया से पुनः वाराणसी ट्रामा सेन्टर में भर्ती कराएं जाने पर इलाज के दौरान 10 जुलाई की रात उनकी मौत हो गई। मृतक के परिवार में उसकी पत्नी रीमा देवी, एक मात्र पुत्र विशाल तथा एक विकलांग भाई श्याम जी है।
इस संबंध में थानाध्यक्ष राजशेखर सिंह का कहना है कि मृतक के लड़के विशाल का गांव के ही एक अन्य युवक सूरज से वाद विवाद में मारपीट हुई थी। विशाल के न मिलने पर 8 जुलाई को उसके पिता काम जी साह को दिन में 2 बजे पूछताछ के लिए थाना लाया गया था।
पुनः 4 बजे गांव के एक युवक मनीष यादव को सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस द्वारा पिटाई किए जाने का आरोप गलत है। मारपीट की बात गांव की राजनीति की वजह से मामले को तूल दिया जा रहा है।
यह भी पढ़ें- बलिया में 22 सीसीटीवी फुटेज, 55 मोबाइल नंबर और जीपीएस ट्रैकिंग से चेन स्नेचरों तक पहुंची पुलिस