बलिया में पुलिस की पिटाई के बाद मौत, आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस पर प्राथमिकी दर्ज करने को लेकर किया चक्काजाम
पुलिस की कथित पिटाई से वाराणसी में मृत कामजी गोंड का शव गांव पहुंचने पर परिजनों व ग्रामीणों ने बलिया में चक्काजाम कर दिया। पुलिस ने ग्राम प्रधान सहित ...और पढ़ें

बलिया में पुलिस पिटाई से मौत पर आक्रोश, ग्रामीणों ने किया चक्काजाम, छह पर एफआईआर।
HighLights
पुलिस की कथित पिटाई से कामजी गोंड की मौत।
आक्रोशित ग्रामीणों ने बलिया में सड़क जाम किया।
ग्राम प्रधान सहित छह लोगों पर प्राथमिकी दर्ज।
जागरण संवाददाता, रेवती (बलिया)। पुलिस की कथित पिटाई से घायल वाराणसी में इलाज के दौरान मृत काम जी गोंड का शव शनिवार की देर रात गांव पहुंचा शव पहुंचने के दूसरे दिन रविवार की सुबह आक्रोशित ग्रामीणों व स्वजनों ने आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी करने की मांग को लेकर गायघाट के खेदू चौराहा पर धरना देते हुए सड़क जाम कर दिया।
लगभग घंटा भर चले जाम के चलते दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गई। मौक पर मौजूद सीओ बैरिया आलोक गुप्ता, थानाध्यक्ष रेवती राजशेखर सिंह, सहतवार थानाध्यक्ष प्रशान्त चौधरी, थाना दुबहड अनुपम जायसवाल, महिला थानाध्यक्ष मंजू सिंह द्वारा जाम के दौरान एम्बुलेंस के फंस जाने के चलते ग्रामीणों को समझा कर किसी तरह जाम समाप्त कराया।

इसके पूर्व मौके पर पहुंचे पूर्व विधायक शिवशंकर चौहान, निषाद पार्टी के विधानसभा बांसडीह के नेता कनक पांडेय आदि की उपस्थिति में एसडीएम बांसडीह अभिषेक प्रियदर्शी,सीओ बैरिया आलोक गुप्ता द्वारा स्वजनों से लगभग दो घंटा के वार्तालाप के पश्चात मृतक कामजी गोंड के पुत्र विशाल द्वारा पुलिस को तहरीर दी गई।
इस पर पुलिस द्वारा ग्राम प्रधान आशुतोष शंकर सिंह लालू सहित सूरज कनोजिया, मनीष यादव, उप नीरिक्षक सचिन सरोज, कांस्टेबल अंकित सिंह तथा सूरज कनौजिया के एक अज्ञात रिश्तेदार सहित कुल छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। इसके पश्चात दोपहर में स्वजन मृतक के अंतिम संस्कार के लिए हुकुमछपरा गंगा घाट ले गए।
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मृतक के पुत्र विशाल ने आरोप लगाया गया है कि सात जुलाई को दो पक्षों में हुए विवाद में मेरे पिता को आठ जुलाई को पूछताछ के लिए अपराह्न 12 बजे दो पुलिस कांस्टेबल थाना लाए। पूछताछ के दौरान उनके साथ कथित पिटाई के उपरांत शाम चार बजे उन्हें घर न पहुंचा कर मेरे प्रतिवादी का पैरवी करने वाले ग्राम प्रधान लालू सिंह व उनके ड्राइवर मनीष यादव के सुपुर्द कर दिया गया।

शाम छः बजे मेरे घर से कुछ दूर ठगनी माई के डेरा पर मेरे पिता काम जी गोंड बेहोशी की हालत में पड़े थे। आस पास खेल रहे बच्चों की सूचना पर मौके पर पहुंचे तथा चोटिल तथा अचेत पिता को घर लाकर दो दिन घर पर उपचार कराया गया। 10 जुलाई को सुबह पुनः स्थिति गंभीर होने पर सीएचसी रेवती भर्ती कराया।
बताया कि उपचार के पश्चात उन्हें बलिया व पुनः वहां से वाराणसी ट्रामा सेंटर के रिफर कर दिया गया। वाराणसी में रात 10 बजे इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। 11 जुलाई की रात वाराणसी से पोस्टमार्टम के पश्चात शव को घर वापसी लाते समय सुखपुरा के पास पुलिस द्वारा दुर्व्यवहार किया गया। रविवार को मौके पर पहुंचे एडीशनल एसपी संजय वर्मा व विधायक प्रतिनिधि विश्राम सिंह ने मृतक के स्वजनों से घटना के बाबत आवश्यक जानकारी ली और अपने स्तर से हर तरफ से सहयोग का आश्वासन दिया।