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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 03, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Flood in Ganga : बलिया में गंगा खतरे के निशान से ऊपर, वर्ष 2016 का रिकार्ड तोड़ने की ओर

    Updated: Sun, 03 Aug 2025 11:59 AM (IST)

    बलिया में गंगा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है जिससे 2016 का रिकॉर्ड टूटने का खतरा है। मोहम्मदपुर में 35 से अधिक मकान गंगा में विलीन हो गए हैं जिसस ...और पढ़ें

    आशियाने पर अपने हाथों से चला रहे हथौड़ा, आंखों से छलक रहा आंसू।
    आशियाने पर अपने हाथों से चला रहे हथौड़ा, आंखों से छलक रहा आंसू।

    HighLights

    1. गंगा खतरे के निशान से ऊपर |
    2. 35 से अधिक मकान गंगा में विलीन |
    3. 2016 का रिकॉर्ड टूटने का खतरा |

    जागरण संवाददाता, बलिया। शहर के वार्ड नंबर 11 मोहम्मदपुर के ददन यादव तपती दोपहरिया में दूध बेचकर एक-एक रुपये बचाकर अपनी गाढ़ी कमाई से घर का निर्माण कराए थे। गंगा में आई बाढ़ ने इस तरह से तबाही मचाई कि वह खुले आसमान के नीचे आ गए। ईंट-पत्थर और शेड गंगा में बह न जाएं इसलिए अपने हाथों से हथौड़ा चलाकर आशियाना को तोड़ रहे हैं।

    अकेले ददन ही नहीं दीपक यादव, बिट्टू यादव, बच्चालाल, बृजेश यादव, मन जी यादव, कमलेश यादव, गोलू यादव, गौरीशंकर यादव, ललन यादव, जनार्दन साधू, बबन यादव, राजेन्द्र यादव, हरेंद्र यादव, नंदजी यादव, मोनू यादव, हरिशंकर, शिव शंकर, विजयमल यादव, जयराम यादव, बंधु साहनी, भोला साहनी आदि लोग अपने-अपने घरों को तोड़कर सुरक्षित स्थान पर चले गए। इसके अलावा यारपुर, बेदुआ नई बस्ती के दो हज़ार मकान पूरी तरह पानी में डूब गए।

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    जबकि कंसपुर, चननूपुर, मकदुमही, हीरपुर, नेरी ताल के जमुई आदि गांव पांच हज़ार मकान बाढ़ घिर गए हैं। किसानों का कहना है कि तीन हज़ार बीघा फसल जलमग्न हो चुकी है। बताया कि कटान होने से हजारो एकड़ भूमि गंगा में समा चुकी है।

    खतरे के निशान से ऊपर बह रही गंगा,चौबीस घंटे में टूट जाएगा 2016 का रिकार्ड

    गंगा व सरयू में बढ़ाव जारी है, बाढ़ से सहम तटवर्ती लोग, वर्ष 2016 के गायघाट में 60.390 मीटर पर पहुंच गया था गंगा का जलस्तर, जनपद में गंगा का रौद्र रूप देख तटवर्ती लोग सहमे थे तब तक सरयू भी रफ्तार पकड़ ली है। सुबह में आठ बजे दोनों नदियों का जलस्तर सिंचाई विभाग बाढ़ खंड की ओर से दर्ज किया गया। शुक्रवार को शाम चार बजे गंगा का जलस्तर 5्र9.90 मीटर पर था। बताया जा रहा है कि इसी तरह से यदि गंगा का जल स्तर बढ़ता रहा तो चौबीस घंटे में 2016 का रिकार्ड टूूट जाएगा।

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    तेजी से गांवों की ओर फैल रहा है गंगा का पानी

    गंगा के जलस्तर में तेजी से हो रहा है बढ़ाव के कारण दियारा क्षेत्र जलमग्न हो चुका है। खरीफ की फसल डूब चुकी है। टेंगरही, पांडेयपुर, मिश्र गिरी के मठिया, मुरलीछपरा, चिंतामन राय के टोला, गुदरी सिंह के टोला, प्रसाद छपरा आदि गांवों का दियारा शनिवार को गंगा के बाढ़ के पानी से जलमग्न हो गया। टेंगरही निवासी सुरेश सिंह, लालबाबू पांडेय, राणा सुमंत सिंह, शुभम सिंह आदि ने बताया कि गंगा के जलस्तर में काफी तीव्र गति से बढ़ाव हो रहा है अगर यही स्थिति रही तो देर रात तक गांव भी गंगा के बाढ़ के पानी मे घिर जाएंगे। बाढ़ विभाग ने टेंगरही स्थित बीएसटी बंधे पर बाढ़ चौकी स्थापित किया है। राजस्व विभाग द्वारा चांददीयर, जयप्रकाश नगर, पांडेयपुर व दूबे छपरा में बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर वहां कर्मियों को तैनात कर दिया गया है।

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