बलिया में सरयू के रौद्र रूप ने डराया, गांवों का रुख करने में थोड़ा ही कसर बाकी, प्रशासन ने प्रभावित गांवों का किया दौरा
बलिया के बैरिया क्षेत्र में सरयू नदी का कटान जारी है, जिससे गोपाल नगर टाड़ी सहित कई गांवों में सीसी सड़क और उपजाऊ खेत नदी में समाहित हो गए हैं। प्रशास ...और पढ़ें

बलिया में सरयू नदी का कटान जारी, गांवों पर खतरा; प्रशासन ने बांटी राहत सामग्री।
HighLights
सरयू कटान से बलिया में कई गांव प्रभावित।
सीसी सड़क और उपजाऊ खेत नदी में विलीन।
प्रशासन ने 150 तिरपाल बांटे, गृह अनुदान का वादा।
जागरण संवाददाता, बैरिया (बलिया)। सुरेमनपुर दियराचंल के गोपाल नगर टाड़ी के निवासियों के लिए रविवार का दिन कुछ राहत भरा रहा। इस दिन सरयू नदी में कोई भी आशियाना समाहित नहीं हुआ। हालांकि, कटान के मुहाने पर आधा दर्जन से अधिक आशियाना स्थित हैं, जो कभी भी कटान के भेंट चढ़ सकते हैं।
दूसरी ओर, गोपाल नगर से गोपाल नगर टाड़ी को जोड़ने वाली सीसी सड़क का लगभग 100 मीटर हिस्सा कटकर सरयू नदी में विलीन हो गया। इसके साथ ही सड़क के किनारे स्थित सैकड़ों वर्ष पुराना विशाल पीपल का पेड़ भी कटान का शिकार हो गया। जबकि थोड़ा ही कसर बाकी है नहीं तो गांवों का रुख नदी कर सकती है।
गोपाल नगर और वशिष्ठ नगर सिवान के सामने भी लगभग एक किलोमीटर लंबाई और पांच मीटर चौड़ाई में उपजाऊ खेत सरयू नदी में समाहित हो गया है। चाई छपरा, अधिसिझुआ, शिवाल मठिया और बकुलहा के सामने भी कटान जारी है।

रविवार को उप जिलाधिकारी बैरिया, शशि भूषण मिश्रा के अलावा कोई बड़ा अधिकारी या जनप्रतिनिधि कटान पीड़ितों का हाल जानने के लिए मौके पर नहीं पहुंचे।
गोपाल नगर, मानगढ़, वशिष्ठ नगर, गोपाल नगर टाड़ी और शिवाल मठिया के निवासियों ने बलिया के सांसद सनातन पांडे पर बाढ़ पीड़ितों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि सांसद को एक दिन भी कटान पीड़ितों का हाल जानने का समय नहीं मिला, जबकि यहां के लोगों ने उन्हें सांसद बनने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
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उप जिलाधिकारी शशि भूषण मिश्रा, नायब तहसीलदार उदय राज रत्ना और अन्य अधिकारियों के साथ गोपाल नगर टाड़ी पहुंचे और कटान पीड़ितों के बीच 150 तिरपाल वितरित किए। उन्होंने कहा कि जिनके मकान सरयू नदी में विलीन हुए हैं, उन्हें 24 घंटे के भीतर गृह अनुदान उपलब्ध करा दिया जाएगा। शेष सहायता के लिए शासन को पत्र भेजा गया है और जैसे ही स्वीकृति मिलेगी, सहायता तत्काल उपलब्ध कराई जाएगी।
इस स्थिति ने स्थानीय निवासियों में चिंता और असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है। कटान की समस्या से प्रभावित लोग अपने आशियानों को बचाने के लिए चिंतित हैं। स्थानीय प्रशासन की ओर से की गई सहायता के बावजूद, सांसद की अनुपस्थिति ने लोगों में निराशा का भाव उत्पन्न किया है। कटान के कारण हो रहे नुकसान को देखते हुए, स्थानीय लोग सरकार से अधिक सक्रियता की अपेक्षा कर रहे हैं।
सरयू नदी के कटान से प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों की आवश्यकता है, ताकि लोगों को जल्द से जल्द सहायता मिल सके। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से अपील की है कि वे कटान की समस्या को गंभीरता से लें और उचित कदम उठाएं। इस संकट के समय में, लोगों को एकजुट होकर एक-दूसरे की मदद करने की आवश्यकता है, ताकि वे इस कठिनाई का सामना कर सकें।