यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 14, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Action on Religion Conversion Gang : मतांतरण के मास्टरमाइंड छांगुर की खास नीतू पर शिकंजा कसा, सरकारी जमीन पर बना कोठी पर नोटिस चस्पा
Action on Religion Conversion Gang नीतू उर्फ नसरीन की उतरौला के मधपुर गांव में बनी कोठी की दीवार पर वसूली की नोटिस चस्पा कर दी गई है। तहसीलदार सत्यपा ...और पढ़ें

HighLights
- नीतू से की जाएगी कुल 8,55,398 रुपये की वसूली
- छांगुर की बलरामपुर में 70 कमरों की आलीशान कोठी नीतू उर्फ नसरीन के नाम
जागरण संवाददाता, बलरामपुर : देश और उत्तर प्रदेश में मतांतरण के मास्टरमाइंड जलालुद्दीन उर्फ छांगुर की सहयोगी नीतू उर्फ नसरीन पर भी शिकंजा कस गया है। प्रशासन ने उसका और उसके पति नवीन रोहरा को सरकारी ज़मीन से कब्जा हटाने की सूचना देने के बाद नोटिस चस्पा की है। इस कार्रवाई के बाद अब प्रशासन ने वसूली की तैयारी शुरू कर दी है।
नीतू उर्फ नसरीन की उतरौला के मधपुर गांव में बनी कोठी की दीवार पर वसूली की नोटिस चस्पा कर दी गई है। तहसीलदार सत्यपाल प्रजाति ने बताया कि क्षतिपूर्ति के रूप में 46200 रुपये और निष्पादन व्यय के रूप में 8,09,198 रुपये मिलाकर कुल 8,55,398 रुपये की वसूली की जाएगी। यदि धनराशि समेकित ग्राम निधि में 15 दिन के अंदर जमा नहीं कराई जाती है तो वसूली के लिए मालगुजारी के बकाया के रूप में प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाएगा।
छांगुर की बलरामपुर में 70 कमरों की आलीशान कोठी नीतू उर्फ नसरीन के नाम पर है। उसको सातवीं कक्षा तक शिक्षित छांगुर बाबा की गर्लफ्रेंड भी बताया जाता है। नीतू बलरामपुर के मध्यमवर्गीय सिंधी परिवार से ताल्लुक रखती है। वह पति नवीन घनश्याम रोहरा के साथ 2015 में दुबई गई थी और 16 नवंबर 2015 मतांतरण करा लिया। नीतू ने अपना नाम नसरीन रख लिया था।
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उसके पति ने अपना नाम नवीन रोहरा से जलालुद्दीन नाम रख लिया। इसके बाद नसरीन छांगुर के मतांतरण गैंग की सदस्य बनी और जल्द ही उसने छांगुर का विश्वास जीतकर उसकी खास हो गई। एटीएस ने छांगुर के साथ नीतू और नवीन को भी गिरफ्तार किया है। तीनों इन दिनों एटीएस की सात दिन की रिमांड पर हैं।
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गरीब हिंदू परिवारों को झांसा देती थी नीतू
नीतू गरीब हिंदू परिवारों को पहले छांगुर के चमत्कार का झांसा देती थी। उन्हें आर्थिक मदद देने और बीमारी के इलाज का खर्च उठाने का लालच देकर जाल में फंसाती थी और छांगुर से मिलवाकर मतांतरण करवा देती थी। पति नवीन भी इस काम में साथ देता था।
गरीब हिंदू परिवारों को कर्ज देकर फंसाता था और कर्ज में फंसे लोगों को मतांतरण के लिए मजबूर करता था। नीतू और नवीन ने छांगुर को गुरु मानने का शपथ पत्र भी बलरामपुर के उतरौला सिविल कोर्ट में दाखिल कर दिया था। 2014 से 2019 के बीच पांच वर्ष में नीतू और नवीन 19 बार यूएई की यात्रा कर चुके हैं।