बलरामपुर में 243 बेघर परिवारों को मिली अपनी छत; बांटे गए कांशीराम आवास के आवंटन पत्र
बलरामपुर में कांशीराम शहरी गरीब आवास योजना के तहत 243 बेघर परिवारों को घर मिले, आवंटन पत्र वितरित किए गए। यह आवंटन 436 अवैध रूप से कब्जे वाले या बंद प ...और पढ़ें

कांशीराम शहरी गरीब आवास योजमा के तहत मिले आवास।
HighLights
243 बेघर परिवारों को कांशीराम आवास योजना के तहत घर।
सदर विधायक और पालिका अध्यक्ष ने आवंटन पत्र वितरित किए।
436 अवैध रूप से कब्जे वाले आवासों का आवंटन रद्द हुआ।
जागरण संवाददाता, बलरामपुर। कांशीराम शहरी गरीब आवास योजना के अंतर्गत 243 बेघर परिवारों के अपनी छत का सपना पूरा हुआ, तो खुशी का ठिकाना न रहा। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सदर विधायक पल्टूराम एवं विशिष्ट अतिथि नगर पालिका परिषद अध्यक्ष डा. धीरेंद्र प्रताप सिंह धीरू ने जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन की उपस्थिति में लाभार्थियों को आवास आवंटन पत्र वितरित किए।
जिलाधिकारी ने बताया कि अवैध रूप से काबिज एवं बंद पड़े कांशीराम आवासों के पुनः आवंटन के लिए 30 अप्रैल से 10 मई तक नए आवेदन आमंत्रित किए थे। निर्धारित अवधि में कुल 305 आवेदन प्राप्त हुए। पांच सदस्यीय जनपद स्तरीय समिति ने प्रत्येक आवेदन का विस्तृत एवं निष्पक्ष सत्यापन किया। जांच के उपरांत 243 परिवार पात्र पाए गए, जिन्हें आवास आवंटित किए गए।
अपर जिलाधिकारी शिव नारायण सिंह, परियोजना अधिकारी डूडा लालचंद मौर्य, प्रबंधक अखिलेश सिंह, डूडा के महेंद्र कुमार, देवेश कुमार, कृष्णमुनि, जेई सिविल अवनीश यादव, राजस्व निरीक्षक राजेश कुमार, जेई धर्मेंद्र कुमार गौड़ आदि उपस्थित रहे।
जांच के बाद निरस्त हुए थे 436 आवास आवंटन
कांशीराम शहरी गरीब आवास योजना के अंतर्गत वर्ष 2010 में जिला मुख्यालय के आठ विभिन्न स्थानों पर कुल 600 आवासों का निर्माण कर पात्र लाभार्थियों को आवंटित किया गया था। समय के साथ जनता दर्शन, जनसुनवाई एवं क्षेत्रीय निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी को लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं कि अनेक आवासों में मूल आवंटियों के स्थान पर अन्य लोग रह रहे हैं।
कई आवास किराए पर दे दिए गए हैं एवं अनेक मकान लंबे समय से बंद पड़े हैं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर नगर पालिका परिषद एवं जनपद स्तरीय अधिकारियों द्वारा त्रिस्तरीय स्थलीय सत्यापन अभियान चलाया गया। जांच के दौरान पाया गया कि 216 आवासों पर अवैध कब्जा था, जबकि 259 आवास लंबे समय से बंद पाए गए। इस पर डीएमने अवैध रूप से कब्जा किए गए 216 आवासों का आवंटन तत्काल प्रभाव से निरस्त किया गया।
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वहीं बंद पाए गए 259 आवासों के आवंटियों को अपर जिलाधिकारी के समक्ष 15 दिवस के भीतर आपत्ति प्रस्तुत करने का अवसर दिया। इस संबंध में स्थानीय नोटिस बोर्डों पर व्यापक सूचना प्रकाशित की गई। निर्धारित अवधि में प्राप्त 101 आपत्तियों की अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद एवं जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी की संयुक्त समिति ने पुनः जांच कराई गई, जिसमें केवल 27 आपत्तियां सही पाई गईं, जबकि 74 आपत्तियां निराधार सिद्ध हुईं। इस प्रकार संपूर्ण जांच एवं सुनवाई प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद बीते 25 अप्रैल को 436 आवासों का आवंटन निरस्त किया गया।