बलरामपुर में डीएम की सख्ती के बावजूद चल रहे अवैध अल्ट्रासाउंड केंद्र, मरीजों का हो रहा शोषण
बलरामपुर में जिलाधिकारी के आदेश के एक माह बाद भी प्रतिबंधित अल्ट्रासाउंड केंद्र धड़ल्ले से चल रहे हैं, जिससे मरीजों का शोषण हो रहा है। ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
डीएम के आदेश के बाद भी प्रतिबंधित अल्ट्रासाउंड केंद्र संचालित।
एक माह बाद भी अधिकारियों ने नहीं की केंद्रों की जांच।
जिला महिला अस्पताल में भी अल्ट्रासाउंड सेवा अक्सर रहती है ठप।
जागरण संवाददाता, बलरामपुर। मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले अस्पताल व अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालकों की दुकान जिलाधिकारी की सख्ती के बाद भी धड़ल्ले से चल रही है।
बीते 12 जून को डीएम ने जिला महिला अस्पताल में आयोजित समीक्षा बैठक में जिले में संचालित दो निजी अस्पताल, 15 डायग्नोस्टिक व अल्ट्रासाउंड सेंटरों के पंजीकरण नवीनीकरण पर रोक लगा दी थी। सेंटर संचालकों को मानक पूरा कराने के निर्देश दिए गए थे।
बिना नवीनीकरण के केंद्र संचालित मिलने पर सील करने की हिदायत दी गई थी। एक माह बाद भी अधिकांश अल्ट्रासाउंड सेंटर बेखौफ होकर अपना धंधा चमका रहे हैं। इस दौरान अधिकारियों ने दोबारा इन केंद्राें की जांच करना आवश्यक नहीं समझा।
जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने एक माह पूर्व जिला महिला अस्पताल में आयोजित समीक्षा बैठक में जिले में संचालित दो निजी अस्पताल व 15 डायग्नोस्टिक व अल्ट्रासाउंड सेंटरों का लाइसेंस निरस्त कर दिया था।
सेंटर संचालकों को मानक पूरा कराने के निर्देश दिए गए थे। एक माह बीत जाने के बाद भी इनमें से अधिकांश केंद्रों पर मरीजों का अल्ट्रासाउंड बंद नहीं हुआ। चोरी-छिपे अल्ट्रासाउंड किए जा रहे हैं।
मुख्य चिकित्साधिकारी डा. मुकेश कुमार रस्तोगी ने बताया कि जिन केंद्रों के पंजीकरण नवीनीकरण पर रोक लगी है, वह अल्ट्रासाउंड नहीं कर सकते हैं। यदि केंद्र संचालित हो रहे हैं, तो जांच कर सील किया जाएगा।
इनके पंजीकरण पर लगी रोक
जिला कारागार के निकट स्थित अव्या हास्पिटल एवं जनसेवा हास्पिटल उतरौला के नवीनीकरण पर रोक लगाई गई है। इसके साथ ही नेशनल अल्ट्रासाउंड सेंटर उतरौला, सेवा अल्ट्रासाउंड उतरौला, अशोका डायग्नोस्टिक सेंटर रेहराबाजार, लखनऊ डायग्नोस्टिक सेंटर उतरौला, तुलसीपुर अल्ट्रासाउंड सेंटर उतरौला, जनता डायग्नोस्टिक सेंटर महदेइया, न्यू जन सेवा डायग्नोस्टिक सेंटर आंबेडकर तिराहा, आरोग्य डायग्नोस्टिक महाराजगंज तराई, जनता डायग्नोस्टिक सेंटर तुलसीपुर, भारत डायग्नोस्टिक सेंटर पेहर, एनएस अल्ट्रासाउंड सेंटर कौवापुर, माडर्न पैथोलाजी निकट मेमोरियल हास्पिटल समेत 15 अल्ट्रासाउंड सेंटर के नवीनीकरण पर राेक लगाई गई थी।
महिला अस्पताल में अक्सर ठप रहता अल्ट्रासाउंड
जिला महिला अस्पताल में सीएमएस का प्रभार संभाल रहे रेडियोलाजिस्ट डा. राजकुमार अक्सर कोर्ट केस के चक्कर में बाहर रहते हैं। ऐसे में यहां आने वाली गर्भवती का अल्ट्रासाउंड नहीं हो पाता है। यहां प्रतिदिन 120-130 गर्भवती की जांच होती है।
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अल्ट्रासाउंड कक्ष पर ताला लगा होने से निजी केंद्रों के बिचौलिए मरीजों को तीमारदारों को सस्ते में जांच का प्रलोभन देते हैं। अस्पताल के गुणवत्ता प्रबंधक डा. वसीम अहमद ने बताया कि सीएमएस कोर्ट केस के कारण अवकाश पर हैं। दो-तीन दिनों में आएंगे।