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    बलरामपुर के दो गांवों में बनेगा एफएसटीपी, जमीन की तलाश पूरी, विभाग ने प्रस्ताव भेजा

    Updated: Sat, 01 Aug 2026 03:56 PM (GMT+05:30)

    बलरामपुर में ग्रामीण क्षेत्रों में दो फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (एफएसटीपी) स्थापित करने के लिए जमीन की तलाश पूरी हो गई है। ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. ग्रामीण क्षेत्रों में दो एफएसटीपी प्लांट स्थापित होंगे।

    2. गैंसड़ी और रेहराबाजार में जमीन चिन्हित, प्रस्ताव भेजा।

    3. मल-कीचड़ से खाद, शोधित पानी सिंचाई में उपयोग।

    जागरण संवाददाता, बलरामपुर। शहर की तर्ज पर ग्रामीण क्षेत्रों में भी फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (एफएसटीपी) स्थापित करने के लिए जमीन की तलाश पूरी हो गई है।

    विकास खंड गैंसड़ी के भदुवा शंकरनगर व लैबुड़वा व रेहाबाजार में अहिरौली बुर्जुग गांव में जमीन चिन्हित की गई है। इसका प्रस्ताव बनाकर विभाग ने शासन को भेजा है।

    निदेशालय की टीम के स्थलीय सत्यापन के बाद इसमें से दो गांव में जमीन फाइनल की जाएगी। इसके बाद प्लांट निर्माण के लिए बजट आवंटित की जाएगी।

    स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण योजना के तहत जिले में दो एफएसटीपी प्लांट निर्माण कराने का लक्ष्य है। इस प्लांट को तैयार करने के लिए लगभग दो करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

    इससे गांव में गंदगी दूर होने के साथ शौचालय के टैंक से निकलने वाले मलीय कीचड़ को शोधित कर खाद बनाने और पानी को फसल सिंचाई योग्य बनाया जा सकेगा।

    योजना के तहत तीन हजार से अधिक आबादी वाले गांवों का प्राथमिकता के आधार पर चयन किया गया है। जिले की दो ग्राम पंचायतों में एफएसटीपी स्थापित करने की रूपरेखा तैयार की गई है।

    पंचायती राज विभाग इस संबंध में राजस्व विभाग के साथ समन्वय कर एक एकड़ भूमि की तलाश की है। जो आबादी क्षेत्र से लगभग 250 से 500 मीटर दूर है। ताकि दुर्गंध, शोर या संक्रमण जैसी समस्याओं से ग्रामीणों को परेशानी न हो।

    अवशेष से बनेगी जैविक खाद

    एक प्लांट के संचालन के लिए लगभग 30 किलोवाट बिजली और प्रतिदिन करीब पांच हजार लीटर पानी की आवश्यकता होगी। इन संयंत्रों के माध्यम से शौचालयों के सेप्टिक टैंकों से निकाले गए मल-जल का वैज्ञानिक ढंग से शोधित किया जाएगा।

    उपचारित अवशेष को जैविक खाद के रूप में उपयोग किया जा सकेगा, जबकि साफ किए गए पानी को फसलों की सिंचाई के लिए काम में लाया जाएगा। इससे गांवों में स्वच्छता व्यवस्था मजबूत होगी। खुले में गंदगी फैलने की समस्या पर रोक लगेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

    एफएसटीपी प्लांट स्थापित कराने के लिए विकास खंड गैंसड़ी में दो व रेहरा बाजार में एक गांव में जमीन का चयन किया गया है। इसका प्रस्ताव तैयार कर निदेशालय को भेज दिया जाएगा। टीम के निरीक्षण और स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

    -अशोक सचान, जिला पंचायत राज अधिकारी

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