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    बलरामपुर में महिला सर्जन ने सिजेरियन ऑपरेशन के बाद प्रसूता के पेट में छोड़ी रुई, CMO ने बिठाई जांच

    Updated: Sat, 25 Apr 2026 02:38 AM (GMT+05:30)

    बलरामपुर के मेडी-वे अस्पताल में सिजेरियन ऑपरेशन के बाद एक महिला के पेट में सर्जिकल रुई पट्टी छूटने का मामला सामने आया है। ...और पढ़ें

    प्रतीकात्मक तस्वीर

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    जागरण संवाददाता, बलरामपुर। मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय से थोड़ी दूर पर संचालित मेडी-वे अस्पताल में गर्भवती के ऑपरेशन के बाद पेट में गाज (सर्जिकल रुई पट्टी) छोड़ने के मामले में नया मोड़ आया है। यहां गर्भवती का ऑपरेशन स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय की महिला सर्जन ने किया था।

    कुछ दिन बाद जब प्रसूता की हालत बिगड़ी तो हॉस्पिटल की महिला चिकित्सा अधिकारी ने उसे रेफर कर दिया था। बहराइच में दोबारा ऑपरेशन से महिला की जान बचाई गई। वहीं, ऑपरेशन करने वाली मेडिकल कॉलेज की महिला सर्जन का नाम प्रकाश में आने से एक बार फिर स्वास्थ्य विभाग में हलचल तेज हो गई है।

    इससे पूर्व नगर के भगवतीगंज स्थित एसके अस्पताल में महिला सर्जन की लापरवाही से जच्चा की मौत मामले में मुकदमा दर्ज हो चुका है। फिलहाल मुख्य चिकित्साधिकारी ने मामले की जांच के लिए समिति गठित कर दी है।

    सात माह पूर्व हुआ था आपरेशन से प्रसव

    मुख्य चिकित्साधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र में पीड़ित पति अजय तिवारी ने कहा है कि उसने गर्भवती पत्नी अंजू देवी का पांच सितंबर 2025 को मेडी वे हॉस्पिटल में सिजेरियन प्रसव कराया था। ऑपरेशन से एक बच्ची का जन्म हुआ था। कुछ दिन बाद उसकी पत्नी की तबीयत बिगड़ने लगी।

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    तब उसने मेडी वे हॉस्पिटल में दोबारा महिला चिकित्साधिकारी को दिखाया। चिकित्सक ने अल्ट्रासाउंड जांच कराकर फिर से दवाएं दी, लेकिन आराम नहीं हुआ। हालत ज्यादा खराब होने पर रेफर का पर्चा बना दिया और अपने अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया।

    उसके बाद बहराइच स्थित एक अस्पताल में इलाज कराया। वहां जांच के दौरान पता चला कि अंजू के पेट में गाज (सर्जिकल रुई पट्टी) फंसा हुआ है, जिससे आंत में सड़न पैदा हो गई है। आनन-फानन में पहले एक बार बाईपास सर्जरी और बाद में आंतों का दोबारा उपचार कराना पड़ा।

    इसमें करीब छह लाख रुपये खर्च हो गए। मेडी-वे अस्पताल की इस गंभीर लापरवाही के खिलाफ महिला चिकित्सक व अस्पताल संचालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

    उधर महिला चिकित्सक का कहना है कि ऑपरेशन मेडिकल कॉलेज की महिला सर्जन ने किया था। वह इमरजेंसी मेडिकल आफिसर के रूप में कभी-कभार वहां मरीज देखती हैं। इसलिए उन्होंने अंजू को भी देखा था।


    मामले की जांच के लिए टीम गठित की गई है। समिति की रिपोर्ट के बाद संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी

                                                                                 डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी, सीएमओ