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स्वाइन फ्लू की चपेट में न आ जाए शहर, बीमारी फैला रहे सुअर, प्रतिबंध का फरमान पूरी तरह बेअसर

Published: Fri, 04 Sep 2026 09:08 PM (IST)

सार्वजनिक स्थानों पर सुअरों का बेरोकटोक विचरण जारी है, जिससे स्वाइन फ्लू जैसी बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है।

गेल्हापुर मार्ग पर कचरे में मंडराते सुअर। जागरण

गेल्हापुर मार्ग पर कचरे में मंडराते सुअर। जागरण

HighLights

  1. बलरामपुर में खुलेआम घूमते सुअर बीमारी फैलने की आशंका बढ़ा रहे।

  2. स्वाइन फ्लू संक्रमण का खतरा, नगर पालिका प्रशासन की अनदेखी जारी।

  3. अधिशासी अधिकारी ने सुअर पालकों पर कार्रवाई की चेतावनी दी।

जागरण संवाददाता, बलरामपुर। सार्वजनिक स्थानों पर सुअर के विचरण पर प्रतिबंध का फरमान शहर में पूरी तरह बेअसर साबित हो रहा है। गली-मुहल्लों में खुलेआम घूम रहे सुअर बीमारियां फैला रहे हैं।

सुअरबाड़ा बनाकर सीमित स्थान पर रखने के बजाय सड़क पर घूमते झुंड से लोगों में सुअर ज्वर (स्वाइन फ्लू) का संक्रमण फैलने की आशंका बनी रहती है। बावजूद इसके नगर पालिका प्रशासन बेखबर बना है। ऐसे में पालने वालों को कार्रवाई का जरा भी भय नहीं है।

यहां रहता जमावड़ा

नगर के टेढ़ीबाजार मुहल्ले में एक निजी स्कूल के सामने सड़क किनारे कूड़े के ढेर पर हमेशा सुअरों का झुंड रहता है, जिससे राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। खलवा दक्षिणी में भी सुअरों का जमावड़ा होने से मुहल्लेवासी बीमारी फैलने की आशंका से ग्रसित रहते हैं।

इसी तरह गेल्हापुर मार्ग स्थित कूडा डंपिंग स्थल पर कचरे के ढेर पर मंडराते रहते हैं। साथ ही नगर के अन्य मुहल्लों में भी पालक इन्हें खुलेआम विचरण को छोड़ देते हैं, जिस पर नगर पालिका परिषद अंकुश नहीं लगा पा रहा है।

क्या कहते हैं चिकित्सक

जिला मेमोरियल अस्पताल में तैनात डा. रमेश कुमार पांडेय का कहना है कि स्वाइन फ्लू या सुअर ज्वर इंफ्लुएंजा का संक्षिप्त रूप है। इस बीमारी की उत्पत्ति सुअरों में हुई थी, लेकिन अब यह मनुष्यों को भी होने लगा है।

इसका संक्रमण एक से दूसरे व्यक्ति में आसानी से पहुंच जाता है। जो बच्चों व बुजुर्गों की अपेक्षा युवा वर्ग को अधिक पीड़ित करता है।

बीमारी के लक्षण

स्वाइन फ्लू में अचानक कंपकपी के साथ 98 डिग्री से अधिक बुखार आ जाना, सुस्ती, गले, सिर व जोड़ों में दर्द, खांसी, भूख न लगना है। कुछ लोगों को उल्टी-दस्त की शिकायत भी हो सकती है।

ज्वर बहुत तेजी से फेफड़ों में सूजन व जलन के निमोनिया रोग का भी रूप ले सकता है। हृदय, गुर्दे व फेफड़े काम करना बंद कर सकते हैं, जिससे व्यक्ति की मृत्यु भी हो सकती है

सुअरबाड़ा में जानवरों को रखने के लिए चेतावनी दी जाती है। जल्द ही ऐसे लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।

-लालचंद मौर्य, अधिशासी अधिकारी

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