बलरामपुर में युवक की मौत पर फूटा गुस्सा, ग्रामीणों ने शव रखकर किया सड़क जाम
बलरामपुर के पिपराराम गांव में मारपीट में घायल युवक धनराज मौर्य की मौत के बाद ग्रामीणों ने शव रखकर सड़क जाम कर दिया।

बलरामपुर: बजरमुंडा गांव के पास राज्यमार्ग जाम करते मृतक के परिवारजन व ग्रामीण

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जागरण संवाददाता, बलरामपुर। पिपराराम गांव में 26 मई की रात गांव में घूमने को लेकर हुए विवाद ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। मारपीट में गंभीर रूप से घायल धनराज मौर्य की लखनऊ में इलाज के दौरान शनिवार को मौत हो गई।
शव गांव पहुंचने पर रविवार को परिवारजन और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने बलरामपुर-बस्ती मार्ग जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
यह है मामला
26 मई की रात गांव में घूमने को लेकर कहासुनी हुई थी। आरोप है कि अगले दिन सुबह राजू को सबक सिखाने के लिए आरोपितों ने हमला कर दिया। बीच-बचाव करने आए धनराज मौर्य, मीनादेवी, हीरालाल मौर्य, सोहन लाल मौर्य और आकाश मौर्य को भी पीटा गया।
इसमें धनराज मौर्य गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें लखनऊ रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। मीना देवी का इलाज अभी जारी है।
जाम और प्रदर्शन
धनराज की मौत की सूचना पर रविवार को परिवारजन व ग्रामीण बलरामपुर-बस्ती मार्ग पर उतर आए। उन्होंने शव रखकर सड़क जाम कर दिया। 10 लाख रुपये मुआवजा, परिवार को सुरक्षा, एक सदस्य को सरकारी नौकरी और आरोपितों पर गैंग्सटर के तहत कार्रवाई की मांग की।
जाम की सूचना पर सीओ उतरौला राघवेंद्र प्रताप सिंह, एसडीएम उतरौला मनोज कुमार सरोज, कोतवाली उतरौला व गैंडास बुजुर्ग थाने की फोर्स मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण मांगों पर अड़े रहे।
विधायक के पहुंचने पर खुला जाम
मौके पर विधायक राम प्रताप वर्मा पहुंचे। उन्होंने मृतक परिवार को तत्काल दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की। चेयरमैन प्रतिनिधि अनूप गुप्त के साथ मिलकर ग्रामीणों को समझाया।
विधायक ने आश्वासन दिया कि पीड़ित परिवार को शासन-प्रशासन से हर संभव मदद मिलेगी। आरोपितों पर कठोर कार्रवाई होगी। इसके बाद परिवारजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए और जाम खोल दिया गया।
इस दौरान विधानसभा संयोजक सुधीर श्रीवास्तव, चेयरमैन प्रतिनिधि अनूप चंद गुप्त, विकास गुप्त, महेंद्र प्रताप सिंह, आयुष जायसवाल, राम गोपाल चौधरी समेत ग्रामीण उमेश कुमार, नरेश कुमार, संदीप व राजू मौर्य सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
छह आरोपित जा चुके हैं जेल
सीओ उतरौला राघवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मारपीट के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वारिस व उनके बेटों आसिफ, साजिद, माजिद, सलीम, आकिब व माजिद के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया था। इनमें से अब तक छह आरोपितों को पुलिस जेल भेज चुकी है। एक की तलाश में टीम लगी है।
कहा कि मामले में कठोर कार्रवाई के साथ आरोपितों पर गैंग्सटर भी लगाया जाएगा। परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। शव गांव पहुंचने पर आक्रोश को देखते हुए भारी फोर्स तैनात की गई थी।
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