बिना अलर्ट ही स्मार्ट मीटर से कट हो रही बिजली, 30 में से 25 हजार Meter हुए प्री-पेड; बत्ती गुल होने के बाद हुई जानकारी
बलरामपुर में बिजली विभाग ने 30 हजार स्मार्ट मीटर लगाए, जिनमें से 25 हजार प्री-पेड कर दिए गए हैं। उपभोक्ताओं को इसकी पूर्व सूचना नहीं मिली, जिससे अचानक ...और पढ़ें


समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, बलरामपुर। बिजली विभाग की कार्यशैली उपभोक्ताओं को रुला रही है। जिला मुख्यालय पर अब तक 30 हजार स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं। इसमें से 25 हजार मीटर प्री-पेड कर दिए गए हैं। अचानक प्री-पेड हुए स्मार्ट मीटर की जानकारी उपभोक्ताओं को कम बैलेंस के कारण बिजली कटने पर हुई।
इसकी पूर्व सूचना उपभोक्ताओं को नहीं मिली। परिणाम, बिल की बकायेदारी होने पर लोगों के घरों की बिजली गुल हो गई। पहले तो उपभोक्ता कुछ समझ न पाए। बाद में जानकारी होने पर जब आनलाइन बिल भुगतान किया, तब उन्हें बिजली मिल सकी। स्मार्ट मीटर के अपग्रेड होने की पूर्व सूचना न होने से उपभोक्ताओं में असंतोष बढ़ रहा है।
उपभोक्ताओं का छलका दर्द
नई बस्ती मुहल्ला निवासी अमित श्रीवास्तव ने बताया कि अचानक रात में उनके घर की बिजली चली गई। वह शहर से बाहर थे। पत्नी ने फोन करके बताया कि पड़ोस में सबके यहां बिजली है, लेकिन उनके घर अंधेरा छाया है। मीटर में भी लाइट जल रही थी। इस पर जब उन्होंने अवर अभियंता को फोन मिलाया, तो उन्होंने बताया कि हो सकता है मीटर प्री-पेड हो गया हो।
जब उन्होंने आनलाइन चेक किया, तो कम बैलेंस दिखाई पड़ा। तुरंत छह हजार का रिचार्ज करने पर पांच मिनट बाद बिजली आई। छोटा धुसाह निवासी राजकुमार मिश्र ने बताया कि रात के समय अचानक बिजली चली गई। बाहर निकले तो देखा कि पड़ोसियों के घर के बल्ब जल रहे थे।
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पूरी रात बिजली की प्रतीक्षा करते रहे। सुबह जब ऊपरी मंजिल से नीचे आए, तो देखा कि मीटर चालू है, लेकिन बिजली नहीं है। वह अधिशासी अभियंता कार्यालय पहुंचे। उपभोक्ता संख्या बताया, तो मालूम हुआ कि मीटर प्री-पेड हो जाने से कम बैलेंस के कारण बिजली नहीं है।
बार-बार कम बैलेंस का आ रहा संदेश
-मुहल्ला पहलवारा निवासी राजेश गुप्त के मोबाइल नंबर पर बिजली बिल से संबंधित संदेश बार-बार आ रहे हैं। बताया कि 26 फरवरी को 1988 रुपये बकाया का संदेश विभाग ने भेजा था। आनलाइन बिल जमा करने पर बिजली तो आ गई, लेकिन मैसेज आने का क्रम और तेज हो गया।
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दो दिन बाद दो हजार रुपये आनलाइन और जमा कर दिए। पांच मार्च को फिर से संदेश आया कि 250 रुपये बैलेंस माइनस में है। समझ में नहीं आ रहा कि किस हिसाब से बिजली बिल चार्ज किया जा रहा है। बिजली विभाग कार्यालय जाने पर भी सही जवाब नहीं मिलता है।
स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया चल रही है। मीटर लगने के तीन माह बाद स्वयं मीटर प्री-पेड कर दिए जाते हैं। मीटर लगाते समय ही उपभोक्ताओं को इसकी जानकारी दी जाती है। यूपीपीसीएल स्मार्ट एप से आनलाइन बिल उपभोक्ता स्वयं जमा कर सकते हैं। यदि एप से बिल नहीं जमा करने दिक्कत हो रही है तो कार्यालय में काउंटर पर जमा कर सकते हैं। 25 हजार मीटर प्री-पेड किए गए हैं। - अजय सिंह, अधिशासी अभियंता