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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 15, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Cyber Crime: फर्जी Phone Pay एप से ठगी कर दुकानदारों को लगाते थे 'चूना', पुलिस ने गिरफ्तार कर पहुंचाया जेल

    Updated: Wed, 15 Jan 2025 05:55 PM (IST)

    उत्तर प्रदेश में बलरामपुर पुलिस के हाथ एक बड़ी कामयाबी मिली है। यहां कुछ साइबर अपराधियों ने फर्जी फोन-पे एप के जरिए दुकानदारों को ठगा। पुलिस ने चार आर ...और पढ़ें

    गिरफ्तार साइबर अपराधियों के बारे में जानकारी देते पुलिस अधीक्षक विकास कुमार व एएसपी नम्रिता श्रीवास्तव -सौ. पुलिस मीडिया सेल
    गिरफ्तार साइबर अपराधियों के बारे में जानकारी देते पुलिस अधीक्षक विकास कुमार व एएसपी नम्रिता श्रीवास्तव -सौ. पुलिस मीडिया सेल

    जागरण संवाददाता, बलरामपुर। फर्जी फोन-पे एप के माध्यम से दुकानदारों से ठगी करने वाले चार साइबर अपराधियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। अभियुक्तों की पहचान तुलसीपुर के सोनपुर निवासी चंद्र प्रकाश यादव उर्फ राजन यादव, देवीपाटन निवासी प्रियांशु गुप्त, गौरा चौराहा के रमनगरा गांव निवासी पंकज यादव व देहात कोतवाली के अगरहवा निवासी राजेश श्रीवास्तव के तौर पर हुई है।

    इनके पास से एक स्विफ्ट कार, एक स्वचलित पिस्टल, एक 312 बोर कट्टा, दो कारतूस 32 बोर, दो कारतूस 12 बोर व चार मोबाइल बरामद हुए हैं। पुलिस ने अब फर्जी एप बनाने वाले को नामजद किया है। साथ ही असलहों की तस्करी करने वालों की तलाश शुरू कर दी है।

    पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने बताया कि विभिन्न थाना क्षेत्रों में ऐसे गैंग की सूचना मिल रही थी जो किसी दुकानदार के यहां जाकर फर्जी फोन एप से भुगतान करता था। मोबाइल में सफल भुगतान की फोटो दिखाकर चला जाता था।

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    बीते 12 जनवरी को नगर के सिविल लाइन निवासी शिवदत्त द्विवेदी ने शिकायत दर्ज कराई कि 30 दिसंबर को रात करीब डेढ़ बजे एक स्विफ्ट कार वाहन संख्या यूपी 82 पीई 4248 के चालक व अन्य दो व्यक्तियों ने 3189 रुपये का पेट्रोल भराया। फर्जी पेमेंट का कूटरचित मैसेज भेजकर धोखा दिया गया। नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया।

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    इसी तरह सुभाषनगर उतरौला निवासी विकास गुप्त के साथ भी ऐसी घटना हुई। उसी कार में सवार चार लोगों में से एक व्यक्ति उनके यहां जैकेट खरीदने आया। उसने दो हजार रुपये कीमत के तीन जैकेट लिए।

    पुलिस के पास से बरामद सामान। जागरण


    क्यूआर कोड के माध्यम से फर्जी फोन-पे एप से पेमेंट का स्क्रीनशाट दिखाया, लेकिन रुपये नहीं आए। इसी तरह ललिया के नई बस्ती निवासी महेश पासवान से भी कार सवार ठगों ने 14 हजार रुपये की ल्यूमिनस बैट्री खरीदकर गाड़ी में रख ली। यहां भी फर्जी भुगतान का स्क्रीनशाट दिखाकर ठग निकल गए।

    गैंग का भंडाफोड़ करने के लिए देहात कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक दुर्गेश कुमार सिंह के नेतृत्व में एसओजी व सर्विलांस की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने फुलवरिया बाईपास मार्ग पर नरकटिया मोड़ के पास से चारों को गिरफ्तार कर लिया।

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    चंद्रप्रकाश यादव के पास से एक पिस्टल, दो जिंदा कारतूस 32 बोर व पंकज यादव के पास से एक कट्टा एवं 312 बोर के दो जिंदा कारतूस बरामद हुए। पूछताछ के दौरान अभियुक्तों ने फर्जी फोन-पे एप से भुगतान की बात स्वीकार की। संयुक्त टीम में एसओजी प्रभारी निरीक्षक सुधीर कुमार सिंह व सर्विलांस सेल प्रभारी कर्मवीर सिंह शामिल रहे।

    असलहों की तस्करी वालों का होगा राजफाश :

    एसपी ने बताया कि फर्जी फोन-पे एप बनाने वाले को नामजद किया गया है। जल्द ही वह पुलिस की गिरफ्त में होगा। साथ ही अभियुक्तों के पास असलहां कहां से आ रहा है, इसकी छानबीन गहराई से की जा रही है। इस गोरखधंधे में लिप्त गिरोह के सदस्य जल्द ही गिरफ्तार किए जाएंगे।