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    यूपी में एक ही दस्तावेज में मिलेगी गांव-शहर की पूरी तस्वीर, शिक्षा-स्वास्थ्य का होगा डिजिटल लेखा-जोखा

    Updated: Thu, 06 Aug 2026 04:16 PM (IST)

    जनगणना-2027 के तहत बांदा जिले की डिजिटल जनगणना हस्तपुस्तिका तैयार की जा रही है, जिसमें हर गांव-शहर की सामाजिक, आर्थिक और बुनियादी सुविधाओं का विस्तृत ...और पढ़ें

    प्रतीकात्मक तस्वीर।

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    जागरण संवाददाता, बांदा। आपके गांव में कितने स्कूल हैं, अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति कैसी है, कितने परिवारों को पेयजल मिल रहा है, सड़क और परिवहन की सुविधा कितनी है, बैंक और डाकघर कितने हैं, बिजली, सिंचाई और रोजगार की हालत क्या है, इन सभी सवालों का जवाब जिला जनगणना हस्तपुस्तिका (डीसीएचबी) में मिल जाएगा।

    जनगणना-2027 के तहत जिले की सामाजिक, आर्थिक और बुनियादी सुविधाओं की पूरी तस्वीर इसमें दर्ज होगी। इसको तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। नगरीय निकाय और ग्रामीण क्षेत्र के लिए अलग-अलग डिजिटल हस्त पुस्तिका तैयार होगी।

    जिले में पांच तहसील व आठ ब्लाक समेत 469 ग्राम पंचायतें हैं। इसमें तहसील में सदर, पैलानी, बबेरू, अतर्रा, नरैनी व ब्लाक में तिंदवारी, बबेरू, बड़ोखर खुर्द, बिसंडा, जसपुरा, कमासिन, महुआ व नरैनी आदि शामिल हैं।

    इन सभी की वास्तविक स्थिति का लेखा-जोखा जिला गणना हस्त पुस्तिका में आसानी से मिल जाएगा। जिला जनगणना हस्त पुस्तिका किसी भी जिले की सबसे महत्वपूर्ण संदर्भ दस्तावेज होती है। इसमें प्रत्येक गांव और नगर की जनसंख्या, सामाजिक-आर्थिक स्थिति, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पेयजल, बैंकिंग, संचार, परिवहन और अन्य नागरिक सुविधाओं का विस्तृत ब्योरा दर्ज किया जाता है।

    यही दस्तावेज भविष्य में विकास योजनाओं, सरकारी परियोजनाओं, शोध और नीति निर्माण का आधार बनता है। वर्ष 1951 से प्रत्येक जनगणना के बाद इसे डिजिटल रूप में तैयार किया जा रहा है।

    जिला जनगणना हस्त पुस्तिका दो भागों में प्रकाशित होगी। भाग-ए में जिले का इतिहास, भौगोलिक स्थिति, प्रशासनिक व्यवस्था, सामाजिक और आर्थिक स्वरूप, प्रमुख उद्योग और गांवों व शहरों में उपलब्ध नागरिक सुविधाओं की जानकारी होगी।

    जिला जनगणना हस्तपुस्तिका का डिजिटलीकरण किया जा रहा है। इससे प्रत्येक गांव और नगर की जनसंख्या, सामाजिक-आर्थिक स्थिति, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पेयजल, बैंकिंग, संचार, परिवहन और अन्य नागरिक सुविधाओं का विस्तृत ब्योरा देखा जा सकेगा।

    कुमार धर्मेंद्र, एडीएम राजस्व व वित्त, बांदा