बांदा में चालक का कारनामा, सवारियों की जान जोखिम में डाल टार्च की रोशनी में 16 किमी दौड़ाई निजी बस
बांदा से बबेरू जा रही एक निजी बस की हेडलाइट मुरवल के पास खराब हो गई, जिसके बाद चालक ने 20 सवारियों को टार्च की रोशनी में 16 किमी तक बस चलाई। इस घटना क ...और पढ़ें

HighLights
बांदा-बबेरू रूट पर बस की हेडलाइट खराब हुई।
चालक ने टार्च की रोशनी में 16 किमी बस चलाई।
सवारियों की जान जोखिम में डालने का वीडियो वायरल।
जागरण संवाददाता, बांदा। बांदा से बबेरू जा रही प्राइवेट बस की हेड लाइट मुरवल गांव के पास शार्टसर्किट से जलकर खराब हो गईं। चालक ने इसे ठीक करने की कोशिश की पर हेड लाइटें नहीं जल सकीं। चालक टार्च के सहारे बस को 16 किमी दूर बबेरू तक ले गया। चालक व परिचालक ने टार्च की रोशनी में बस गंतव्य तक ले जाकर सवारियों को सुरक्षित पहुंचा दिया। लेकिन इस प्रकार से असुरक्षित वाहन को ले जाना हादसे का सबब बन सकता था। जान जाेखिम में डालकर सवारियों को बबेरू तक ले जाना कोई तरीका नहीं था। जरा सी चूक पर हादसा हो सकता था।
टार्च की रोशनी से जा रही प्राइवेट बस का वीडियो इंटरनेट मीडिया में प्रचलित हो रहा है। वीडियो रविवार देर शाम का बताया जा रहा है। जिसमें एक व्यक्ति बस के गेट में खड़े होकर टार्च दिखा रहा है। उसी के सहारे बस चल रही है। मौके पर रहे लोगों के अनुसार बस की गति करीब 30 से 40 किमी रही। वहीं संभागीय परिवहन विभाग के अनुसार बस में सवारियों की संख्या 20 बताई जा रही है।
एआरटीओ श्यामलाल ने बताया कि प्रचलित वीडियो की जांच कर बस मालिक से पूछताछ की गई है। रविवार शाम 20 सवारियों को लेकर प्राइवेट बस बबेरू जा रही थी। तभी अचानक मुरवल के पास बस में शार्ट सर्किट होने से हेड लाइटें खराब हो गईं। चालक ने प्रयास किया पर हेड लाइटें नहीं जलीं। बस चालक व परिचालक ने पुलिस चौकी में बस को खड़ी कर दिया। कुछ सवारियां ने चलने का दबाव बनाने के साथ ही पुलिस के सवारियों को गंतव्य तक ले जाने की बात कह कर टार्च उपलब्ध कराने पर चालक व परिचालक बस धीमी गति से बबेरू तक ले गए। बबेरू में बस की हेड लाइटें ठीक करवा ली गईं हैं। बस के सभी प्रपत्र फिटनेस, प्रदूषण आदि जांचें गए हैं सभी वैध मिले है।
रोडवेज बस में चालक ने यूपीआइ भुगतान से किया इन्कार, यात्री को बस से उतारा
डिजिटल भुगतान और कैशलेस लेनदेन को लेकर सरकार बढ़ावा देने का दावा कर रही है, लेकिन रोडवेज बसों में कुछ परिचालकों की कार्यशैली इन प्रयासों पर सवाल खड़े कर रही है। बांदा से कानपुर जा रही रोडवेज बस में यूपीआई से किराया लेने से इन्कार कर यात्री को बस से उतारने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।
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समाजसेवी इमरान अली ने बताया कि मंगलवार को दोपहर करीब 3:30 से 3:45 बजे के बीच वह उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बस संख्या यूपी 90 टी 5525 से कानपुर जाने के लिए सवार हुए थे। उनके पास नकद राशि नहीं थी, इसलिए उन्होंने परिचालक से यूपीआई के माध्यम से किराया लेने का अनुरोध किया। आरोप है कि परिचालक ने कहा, मेरी मर्जी है, मैं आनलाइन पेमेंट नहीं लूंगा। कैश दीजिए, नहीं तो बस से उतर जाइए।
इमरान के अनुसार उन्होंने परिचालक से यह भी पूछा कि क्या टिकट मशीन खराब है या नेटवर्क की समस्या है, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। मजबूरी में उन्हें बस से उतरना पड़ा, जिससे दूसरी बस का इंतजार करना पड़ा और कानपुर पहुंचने में करीब दो घंटे की अतिरिक्त देरी हुई। उधर बांदा डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक (एआरएम) देशराज ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी मिल गई है। पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। यदि जांच में परिचालक द्वारा बिना किसी तकनीकी कारण के यूपीआई भुगतान लेने से इन्कार करने अथवा यात्री के साथ अनुचित व्यवहार की पुष्टि होती है, तो संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी