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बांदा में बच्ची के दुष्कर्मी को फांसी, तीन महीने में दो अपराधियों को मौत की हुई सजा

Published: Tue, 06 Jan 2026 07:24 PM (IST)

बांदा के कालिंजर में दुष्कर्म के दोषी को फांसी की सजा सुनाई गई है। यह जिले में चौथी मृत्युदंड की ...और पढ़ें

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जागरण संवाददाता, बांदा। कालिंजर में दुष्कर्म की घटना के दोषी को फांसी की सजा मिली है। इससे पहले चिल्ला थाना के एक गांव में बच्ची के साथ दुष्कर्म व हत्या करने के दोषी को फांसी की सजा सुनाई जा चुकी है। इस प्रकार जिले में फांसी की यह चौथी सजा है।

हालांकि पुराने मामलों में दोषी के स्वजन की ओर से मामले में उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है। जिसमें फिलहाल अभी मामला विचाराधीन है।

सितंबर माह में चिल्ला थाना क्षेत्र के एक गांव में दुष्कर्म के बाद मासूम बच्ची की हत्या के मामले में न्यायालय ने दोषी को मृत्युदंड की सजा सुनाई थी। इस मामले में भी आरोप पत्र दाखिल होने के बाद से कुल 58 दिन में न्यायिक प्रक्रिया पूरी हुई थी। जबकि इसके करीब एक वर्ष पहले मरका में हुई दुष्कर्म की घटना को लेकर भी दोषी को मृत्युदंड की सजा सुनाई गई थी।

इसी तरह छोटा पुरवा नरसंहार को लेकर दोषी को न्यायालय से फांसी की सजा दी गई थी। जिसमें दो बच्चों की भी अभियुक्त के ऊपर हत्या करने का आरोप लगा था। इसके बाद अब जनपद स्तरीय न्यायालय से अब यह चौथे दोषी को मृत्युदंड की सजा सुनाई गई है।

अनोखा रिकॉर्ड बनाया पॉक्सो कोर्ट ने

बांदा : दुष्कर्म के मामले में तीन माह में दूसरी बार पॉक्सो कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है। फांसी की सजा सुनाने वाले न्यायाधीश प्रदीप कुमार ने इसके पहले चिल्ला वाली घटना में भी दोषी की फांसी की सजा सुनाई थी। तीन माह में दूसरी फांसी की सुनाने वाले वह पहले जज बने हैं।

क्या कहना है लोगों का-

दुष्कर्म जैसी जघन्य घटनाओं में इस प्रकार से सजा देना समाज में एक अच्छा संदेश है। ऐसी सजा समाज के लिए एक नजीर बनेगी।

कमल सिंह शासकीय, अधिवक्ता

जिले में न्याय विभाग बहुत तत्परता के साथ काम कर रहा है। जिले के इतिहास में इससे पहले कभी ऐसा मौका नहीं आया जब कि इतने कम दिनों में किसी को फांसी की सजा हुई है।
उमा शंकर पांडेय पद्मश्री सम्मानित

समाज में नैतिक मूल्यों का तेजी से पतन हो रहा है। दुष्कर्म की वारदातों में लगातार इजाफा हो रहा है। यदि इस प्रकार से न्याय व्यवस्था होगी तो अपराधियों में भी खौफ रहेगा और अपराध कम होंगे।
डा. भानु प्रताप सिंह साहित्यकार 

इस घटना में इतने कम समय से सजा हुई है। पूरी पुलिस विभाग की टीम इसके लिए बधाई की पात्र है। पूरी मेहनत के साथ में टीम ने अपना काम किया है। हमारा लक्ष्य है कि अपराधियों काे जल्द से जल्द सजा मिले।
पलाश बंसल एसपी बांदा

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