Naraini MLA Report Card: 21 करोड़ से अधिक के विकास कार्य के दावे, फिर भी जर्जर रास्तों की बदहाली नहीं हुई दूर
नरैनी विधायक ओममणि वर्मा के चार साल के कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत किया गया, जिसमें 21.08 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का दावा है। हालांकि, जर् ...और पढ़ें

HighLights
विधायक ने 21.08 करोड़ रुपये के विकास कार्य कराए।
जर्जर सड़कें, अधूरे वादे और बुनियादी सुविधाओं की कमी।
विपक्ष और जनता ने विधायक के कामकाज पर उठाए सवाल।
जागरण संवाददाता, बांदा। विधान सभा क्षेत्र नरैनी की भाजपा विधायक ओममणि वर्मा चार वर्ष बाद भी अपने क्षेत्र की जनता के लिए सुविधाएं मुहैया नहीं करवा सकीं। इस क्षेत्र में जर्जर बदहाल सड़कों को मरम्मतीकरण की आवश्यकता है वहीं अतिक्रमण से कराह रहे चौराहों को भी सुंदरीकरण की दरकार है। जीतने से पहले मतदाताओं से बड़े-बड़े वादे किए पर जीतने के बाद कोई खास विकास कार्य कराने में नाकाम रही हैं।
उन्होंने चुनाव के दौरान अतर्रा के रोडवेज बस स्टैंड को शुरू करवाने का भी वादा किया था। रोडवेज बस स्टैंड के बनने से लाखों रुपये पानी की तरह बहा, लेकिन इसके शुरू न होने से लोगों को अभी भी बहुत परेशानी हो रही है। डग्गामार वाहनों की धमाचौकड़ी बढ़ी हुई है। सिंचाई व्यवस्था पर भी कोई खास बदलाव नहीं कर पाई हैं। किसानों के लिए सरकारी नलकूपों की व्यवस्था कर सिंचाई की सुविधा होती तो क्षेत्र का किसान खुशहाल होता।
कई दलदलयुक्त गलियां अपनी बदहाली के आंसू बहाते हुए पक्की होने की उम्मीद संजोए हैं। हालांकि उन्होंने अभी तक चार वर्षों में विधान सभा क्षेत्र में कुल 21.08 करोड़ रुपये से कार्य किए हैं। जहां गांव के दलदल को दूर कर चलने लायक बनाया वहीं दो सैकड़ा से अधिक स्ट्रीट व हाईमास्ट लाइटें लगवाकर अंधेरे से मुक्ति दिलाई। स्कूलों में टायलीकरण, दीवार आदि निर्माण, शौचालय, खेल सामग्री पर खर्च कर उन्होंने बच्चों के सर्वांगीण विकास की राह आसान की।
उन्होंने खेल मैदान, मिनी स्टेडियम व बच्चों को खेल सामग्री आदि में 3.98 करोड़ रुपये खर्च किया। स्वच्छता, पेयजल पर का भी विधायक ओममणि वर्मा ने ध्यान रखा। वहीं गरीबों की मदद के लिए आगे आईं और गंभीर रूप से बीमार लोगों इलाज पर खर्च कर उनका सहारा बनीं।
खबरें और भी
विधानसभा क्षेत्र-नरैनी
- विधायक- ओममणि वर्मा (पहली बार विधायक)
- सदन की कार्रवाई में उपस्थिति : शतप्रतिशत
- सदन से मांगी गई सूचनाओं की संख्या-पांच
- सदन में लगाई गई प्रमुख याचिका की संख्या-16
प्रमुख याचिकाएं
- 1. विधान सभा क्षेत्र नरैनी में सरकारी चिकित्सालय बनवाए जाने के लिए ।
- 2-विधान सभा क्षेत्र नरैनी में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण के विषय में।
- 3-नरैनी विधान सभा जनपद बांदा के राजमार्ग संख्या-71 में कस्बा अतर्रा की जाम की समस्या से निजात हेतु केन नहर पटरी होते हुए बाईपास बनाए जाने के विषय में।
- 4-नरैनी में रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण कराने के संबंध में।
- 5-नरैनी के नौगवां के मजरा सुखारी पुरवा में पक्का मार्ग का निर्माण कराये जाने के संबंध में।
लघु सेतु से लेकर सिंचाई साधनों के लिए खर्च की निधि, हाईमास्ट लाइटों से दूर किया अंधेरा
भाजपा के टिकट पर चुनाव जीतीं नरैनी की विधायक ओममणि वर्मा ने कहा कि वह अपने विधानसभा क्षेत्र में चार वर्षों के कार्यकाल में एक गांव से दूसरे गांवों जाने के अलावा कस्बों से जोड़ने के लिए कई छोटे-छोटे पुल व पुलियों का निर्माण करवाया। हजारों लोग इन रास्तों से आसानी से सफर करने लगे हैं। नरैनी कस्बे के रास्ते, सीसीरोड आदि पर भी दिल खोल कर निधि को खर्च किया। विधायक ओममणि वर्मा ने स्कूलों के लिए भी निधि का पैसा खर्च कर बच्चों के लिए खेल सुविधाओं के अलावा उनके लिए शौचालय आदि की व्यवस्थाएं दुरुस्त की। विधायक ने जर्जर हो चुकी गलियों का निर्माण, कई स्थानों पर हाईमास्ट लाइटें लगवाईं। विधान सभा क्षेत्र में कुल 21.08 करोड़ रुपये से कार्यों को करवाया है। करीब आधा सैकड़ा से अधिक सीसीरोड आदि पर करीब 7.6 करोड़ रुपये खर्च किये। हाईमास्ट लाइटें, स्कूलों में टायलीकरण, दीवार आदि निर्माण, शौचालय आदि के कार्यो पर 3.82 करोड़ रुपये खर्च किए। खेल मैदान, मिनी स्टेडियम व बच्चों को खेल सामग्री आदि में 3.98 करोड़ रुपये खर्च किया। स्वच्छता, पेयजल पर विधायक ने 2.58 करोड़ रुपये चार वर्षों में खर्च किये हैं। वहीं 3.10 करोड़ रुपये क्षेत्र के गंभीर रूप से बीमार लोगों इलाज पर खर्च किए।
क्षेत्र के विकास पर नहीं दिया ध्यान
सपा के टिकट पर चुनाव लड़ रनर रहीं प्रत्याशी किरण वर्मा का कहना है कि नरैनी विधानसभा जिले का ग्रामीण और पिछड़ा क्षेत्र है। यहां पर छोटी-छोटी बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा करने की दरकार है। कई गांवों की ग्रामीण संपर्क सड़कें टूटी हैं। बरसात में गांव शहर से कट जाते हैं। नरैनी से बांदा व चित्रकूट की मुख्य सड़कों के चौड़ीकरण और मरम्मत की मांग को भी लंबे समय से पूरी नहीं हो रही है। सीएचसी व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डाक्टर, दवा और एंबुलेंस की कमी। गंभीर मरीजों को जिला मुख्यालय रेफर करना पड़ता है। सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी और भवनों की हालत भी ठीक नहीं है। क्षेत्र में कोई बड़ा उद्योग या कौशल विकास केंद्र नहीं खुला है। युवा काम के लिए कानपुर, दिल्ली, मुंबई पलायन कर रहे हैं। स्थानीय लोगों की मांग है कि विधायक पेयजल-सड़क-स्वास्थ्य पर फोकस करें और रोजगार के साधन बनाएं। साथ ही सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार रोका जाए।
विधायक ने नेढुवा पुल की सौगात देकर लोगों के आवागमन पर एक मील का पत्थर दिया साबित होगा। कई सड़कें हैं जो विधायक के वादों में शामिल रहीं लेकिन उन्हें पूरा नहीं किया गया। यदि यह बन जाएं तो बेहतर सुविधा हो सकेगी। 18 से 20 किलोमीटर की दूरी कम हो जाएगी। समय व खर्च की बचत होगी।
नन्ना पांडेय, नरैनी
विधायक ने ध्वस्त पड़े मार्गों की ओर अभी ध्यान ही नहीं दे रहीं हैं। जर्जर हालत मार्गों से आवागमन करना मुश्किल होता है। गांव व क्षेत्र में कई इंटरलाकिंग और यात्री प्रतीक्षालयों का निर्माण की आवश्यकता है। ताकि यातायात की सुविधा में सुधार आए और आवागमन सुगम हो।
विनोद कुमार सोनी, सढ़ा
सबसे बड़ा कष्ट है कि चुनाव जीतने के बाद विधायक कभी गांव की ओर मुड़कर देखा तक नहीं। यदि यहां आएं तो कम से कम लोगों की दिक्कतों समस्याओं से रूबरू हों। किसानों को सिंचाई से लेकर खाद, बिजली, पानी की समस्याओं से प्रतिदिन जूझना पड़ता है। बेसहारा गोवंशी रात दिन धमाचौकड़ी करते हैं।
दिनेश कुमार, पोंगरी
चार साल के कार्यकाल में उन्होंने विधायक निधि खर्च की, बहुत से कार्यों को पूरा किया लेकिन सबसे पहले बुनियादी समस्याओं में बिजली, पानी, सड़क की प्रमुखता नहीं दी। अभी तक नरैनी कस्बे से बांदा व अतर्रा के कई संपर्क मार्ग जर्जर हैं।
संतोष कुमार शिवहरे, करतल