Banda Tindwari MLA Report Card: सड़कों पर रहा फोकस, पर उच्चीकृत नहीं हो सकीं पीएचसी
जल शक्ति राज्यमंत्री रामकेश निषाद ने तिंदवारी विधानसभा क्षेत्र में 15.95 करोड़ के विकास कार्य कराए हैं, जिनमें सड़कों का जाल बिछाना प्रमुख है। हालांकि ...और पढ़ें

तिंदवारी कस्बे के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में वर्षा के बाद जलभराव का दृश्य। जागरण
जागरण संवाददाता, बांदा। उत्तर प्रदेश की वीवीआइपी सीट तिंदवारी विधानसभा क्षेत्र के विधायक व जल शक्ति मंत्री रामकेश निषाद अपने क्षेत्र में बड़ी लकीर खींच रहे हैं। राज्यमंत्री ने चार साल में कई प्रमुख समस्याओं का निराकरण किया। अपने कार्यकाल के दौरान अपने क्षेत्र से जुड़े कस्बों में जसपुरा, पैलानी डेरा, पैलानी समेत इससे जुड़े गांवों की तस्वीर बदलने को पूरा प्रयास किया।
यहां सड़कों का बेहतर संजाल तैयार किया गया है। हालांकि लोगों की यह शिकायत अभी भी बनी है कि राज्यमंत्री होने के बाद भी तिंदवारी कस्बे की पीएचसी को सीएचसी का दर्जा नहीं दिलवा सके, जबकि इसमें जमीन आदि पर्याप्त क्षेत्रफल में उपलब्ध है। विकास कार्य, जनसंपर्क, कानून-व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं के आधार पर मतदाता अपना आकलन कर रहे हैं। आइए जानते हैं कि विधानसभा क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं व चुनाव के समय किए गए वादों की वास्तविक तस्वीर...।
चार वर्षों के कार्यकाल के दौरान तिंदवारी विधान सभा क्षेत्र में करीब 15.95 करोड़ रुपये से कार्यों को करवाया, जिसमें क्षेत्र की जर्जर हो चुकीं सड़कों पर विशेष ध्यान दिया। इसमें तिंदवारी क्षेत्र के पपरेंदा, खप्टिहा, पलरा, पैलानी, सिंधन, पड़ेरी महबरा आदि के संपर्क मार्गों से जोड़ने के लिए सीसी रोड आदि का निर्माण करवाया। इन रास्तों में वर्ष भर चलना दूभर रहता था। मुख्य मार्ग तक पहुंचने के लिए बड़ी मशक्कत करनी पड़ती थी। करीब 120 से अधिक सीसी रोड आदि पर करीब 5.20 करोड़ रुपये खर्च किए।
तालाब, नहर निर्माण, नाला, नाली व बंधा निर्माण आदि के कार्यों पर 2.21 करोड़ रुपये खर्च किए। खेल मैदान, मिनी स्टेडियम व बच्चों को खेल सामग्री आदि में 2.36 करोड़ रुपये खर्च युवाओं को खेल के प्रति बढ़ावा देने के साथ जन सुविधाओं को पूरा किया। स्वच्छता, पेयजल पर राज्य मंत्री रामकेश निषाद ने 1.17 करोड़ रुपये तीन वर्षों में खर्च किए हैं। 1.1 करोड़ रुपये अपने क्षेत्र के गंभीर रूप से बीमार लोगों पर इलाज के लिए खर्च किए।
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जानें क्या कहा विधायक जी ने
विधानसभा को तिंदवारी वीवीआइपी सीट के नाम से जाना जाता है। यहां से भाजपा के टिकट पर चुनाव जीते विधायक रामकेश निषाद राज्य सरकार में जल शक्ति राज्य मंत्री हैं। उनका कहना है कि वह सभी के दुख में शामिल होकर दर्द बांट रहे हैं। जनता की सेवा को अपना ध्येय समझते हुए क्षेत्र में विकास के विभिन्न कार्य करवाए हैं। करीब 15.95 करोड़ रुपये से कार्यों को करवाया है। क्षेत्र की जर्जर हो चुकी सड़कों पर विशेष ध्यान दिया। इसमें तिंदवारी क्षेत्र के पपरेंदा, खप्टिहा, पलरा, पैलानी, सिंधन, पड़ेरी महबरा आदि के संपर्क मार्गों से जोड़ने के लिए सीसीरोड आदि का निर्माण करवाया। मुख्य मार्ग तक पहुंचने के लिए बड़ी मशक्कत करनी पड़ती थी। करीब 120 से अधिक सीसीरोड आदि पर करीब 5.20 करोड़ रुपये खर्च किए। तालाब, नहर निर्माण, नाला, नाली व बंधा निर्माण आदि कायों पर 2.21 करोड़ रुपये खर्च किए।
तिंदवारी की जनता को अपने विधायक व मंत्री से बहुत उम्मीदें थीं, लेकिन उन पर पानी फिर गया है। रनर रहे सपा के प्रत्याशी व पूर्व विधायक ब्रजेश प्रजापति का कहना है कि क्षेत्र में कोई विशेष काम नहीं हुआ है। सीसी रोड हाईमास्ट लाइटें लगवाकर कोई विकास नहीं किया है। तिंदवारी में स्वास्थ्य सुविधाएं अपंग हो गई हैं। यहां की पीएचसी पर प्रतिदिन करीब चार सौ मरीजों की ओपीडी होती है, जिसमें ज्यादातर मरीजों को रेफर ही किया जाता है।
बारा-गलौली का पीपे के पुल से सैकड़ों वाहन गुजरते हैं। परसौंडा-गजनी मार्ग के न बनने से परेशानी समेत पेयजल समस्या से निजात दिलाने, अन्ना प्रथा रोकने, किसानों के लिए सिंचाई आदि की व्यवस्थाओं का प्रमुख से ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
लोगों की प्रतिक्रिया
क्षेत्र की सड़कों पर काम हुआ है, यदि पीएचसी को सीएचसी कर दिया जाए तो क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में बहुत से ग्रामीणों को जिला मुख्यालय तक की भागदौड़ करनी पड़ती है।
दीपू सोनी, तिंदवारी-कई मंदिरों और पौराणिक स्थलों का सुंदरीकरण कराने का काम कराने की उम्मीद बढ़ी है, गांवों तक आने के लिए संपर्क मार्ग भी बन चुके हैं। तिंदवारी कस्बे में एक राजकीय डिग्री कालेज की महती आवश्यकता है, ताकि युवाओं को जिला मुख्यालय की भागदौड़ न करनी पड़े।
विमल द्विवेदी, मिरगहनी-आधा दर्जन गांवों में से सबसे पुराने परिषदीय स्कूल उच्चीकृत होने व परसौंडा-गजनी मार्ग बनने से आठ किलोमीटर की दूरी कम होने के साथ-साथ आवागमन में सुविधा होगी। इसके अलावा स्कूलों के उच्चीकृत होने शिक्षा स्तर में सुधार होगा।
अशोक प्रजापति, परसौंडा-बारा-गलौली पुल की बनने से कानपुर का रास्ता आधा हो जाए। वर्षाकाल में पीपे के पुल की भी व्यवस्था नहीं रह जाती है। ऐसे में पपरेंदा चिल्ला से होते हुए कानपुर जाना पड़ता है। उम्मीद थी कि यह पुल उनके कार्यकाल में बन जाएगा।
रंगबहादुर सिंह, पपरेंदा
सदन की कार्रवाई में उपस्थिति शत प्रतिशत
तिंदवारी विधान सभा क्षेत्र में बांदा-टांडा नेशनल हाईवे समेत पैलानी-हमीरपुर व तिंदवारी-पपरेंदा आदि मार्गों की जर्जर हालत और उसकी स्वीकृति पर प्रश्न किया। क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए मिनी स्टेडियम के निर्माण करवाने को लेकर सदन में याचिका की, जिसके तहत छह गांवों को मिनी स्टेडियम की स्वीकृति हो गई है। जसपुरा में इसका निर्माण भी हो चुका है। अलोना पंप कैनाल से क्षेत्र के करीब 24 गांवों के करीब 40 हजार से ज्यादा किसानों के लाभ मिलने से जुड़े मुद्दे को सदन में उठाया, जिसमें अलोना पंप कैनाल का हाल ही में संचालन शुरू हो गया है। किसान लाभान्वित हो रहे हैं।
विधानसभा - तिंदवारी विधानसभा
- मतदाता-3,10,456
- पुरुष मतदाता-1,72,315
- महिला मतदाता-1,38,142
- थर्ड जेंडर-08