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    बांदा में गडरा नाला में नहाते समय आठ फिट गड्ढे में डूबीं दो बहनें, ठेकेदार ने पुल निर्माण के माटी खुदवाकर कर दिया था गड्ढा

    Updated: Mon, 13 Jul 2026 05:43 PM (IST)

    बांदा के गडरा नाला में नहाते समय दो ममेरी-फुफेरी बहनें आठ फीट गहरे गड्ढे में डूब गईं, जिससे उनकी मौत हो गई। परिजनों ने पुल निर्माण के दौरान ठेकेदार द् ...और पढ़ें

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    1. पांच दिन पहले बुआ के साथ रहने आई थी बच्ची, 20 मिनट में शव निकाले बाहर

    2. नहाते समय पैर फिसलने से समाईं गहरे पानी में, ठेकेदार पर गड्ढे कराने का आरोप

    संवाद सहयोगी, अतर्रा(बांदा)। भैंस लेकर जा रहे बाबा के साथ जाने पर दो ममेरी-फुफेरी बहनें घर से दो सौ मीटर दूर गडरा नाला (नदी) में नहाते समय पैर फिसलने से आठ फिट गहरे गड्ढे में समा गईं। पानी के बाहर खड़ी दूसरी ममेरी बहन ने उन्हें डूबते देखकर शोर मचाया तो खेत में भैंस हांकने गए बाबा व अन्य ग्रामीणों को घटना की जानकारी हुई। 20 मिनट में स्वजन व ग्रामीणों ने किसी तरह दोनों के शवों को बाहर निकाला। बाद में उन्हें सीएचसी अतर्रा ले जाया गया। स्वजन ने आरोप लगाया कि पुल निर्माण के दौरान ठेकेदार ने रैंप बनाने के लिए नाले से मिट्टी की खोदाई कराई है। इससे वहां गहरे गड्ढे हो गए हैं। गड्ढों को भरवाए न जाने से घटना हुई है। दम तोड़ने वाली दोनों बहने पानी में तैरना नहीं जानती थीं।

    बिसंडा थाना के ग्राम हस्तम निवासी श्रवण कुमार की नौ वर्षीय पुत्री राधिका उसकी छोटी सात वर्षीय बहन लक्ष्मी व नरैनी के ग्राम दिवली निवासी 10 वर्षीय ममेरी बहन अंशिका सोमवार सुबह घर के बाहर खेल रही थीं। तभी राधिका के बाबा बाबूलाल भैंस को नहलाने घर से करीब दो सौ मीटर दूर गडरा नाला के लिए निकले । बाबा को जाते देख तीनों बहने पीछे- पीछे खेलते हुए नाला के पास पहुंच गई। और वहां खेलने लगी। जहां भैंस नहलाने के दौरान एक भैंस खेतों की तरफ चली गई। जिसको पकड़ने बाबा खेतों की तरफ चले गए।

    इसी बीच राधिका व अंशिका नाला के किनारे पहुंच नहाने लगी। तभी पैर फिसलने से नाला के आठ फिट गढ्ढे में दोनों बहनें डूब गई। दोनों बहनों को डूबते देख छोटी बहन लक्ष्मी ने शोर मचाया। जिससे नजदीक के खेत गए बाबा व अन्य ग्रामीण दौड़कर मौके पर पहुंचे। तुरंत दोनों बहनों की पानी में खोजबीन शुरू की गई। इसमें दोनों बहनों को अचेतावस्था में पानी से बाहर निकाला गया। बाद में जीवित होने की उम्मींद से दोनों को वह टेंपो से सीएचसी अतर्रा ले गए । जहां डाक्टरों ने दोनों बहनों को मृत घोषित कर दिया।

    दिवंगत राधिका तीन बहन व दो भाइयों में दूसरे नंबर की थी। वहीं दिवली निवासी अंशिका की मां सपना की बीमारी के कारण एक वर्ष पहले मौत हो गई थी। बीते गुरुवार को बुआ मोहनिया अपने भाई शिवशंकर से अनुमति ले अंशिका को अपने साथ रखने की बात कहकर हस्तम लिवा लाई थी। तब से वह अपनी बुआ के घर रह रही थी। राधिका कक्षा तीन व उसकी ममेरी बहन कक्षा चार की छात्रा थी।

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    पिता श्रवण कुमार ने आरोप लगाते हुए बताया कि हस्तम-खुरहंड रोड पर गडरा नाला में लोकनिर्माण विभाग द्वारा पुल निर्माण कराया जा रहा है। जिसमें ठेकेदार ने रैंप व पिलर बनाने के लिए नाला से मिट्टी खुदाई कराई थी। जिससे नाला में बड़े बड़े गढ्ढे हो गए थे। यदि ठेकेदार गढ्ढे भरवा देता। तो शायद आज इस तरह की घटना का मुंह न देखना पड़ता। बिसंडा थाना प्रभारी सीपी तिवारी ने बताया कि नहाने के दौरान गडरा नाला में डूबने से दो बच्चियों के दम तोड़ने की सूचना पर स्वजन को ढांढस बंधाया गया है। स्वजन के तहरीर देने पर घटनास्थल की जांच कराई जाएगी।

    बेटी व भतीजी की एक साथ मौत होने से मोहनिया बेहाल

    स्वजन ने बताया कि दिवंगत हुई अंशिका दो भाई व तीन बहनों में तीसरे नंबर की थी। राधिका व अंशिका की एक साथ मौत होने से स्वजन बेहाल हैं। मोहनिया तो कभी अपनी बेटी राधिका के लिए फफक कर रो रही है तो कभी उसके आंसू भतीजी अंशिका के बह चलते हैं। उसके ऊपर दोहरा गम पड़ा है।

    पत्नी के बाद बेटी भी हो गई जुदा

    साल भर पहले जहां शिवशंकर की पत्नी की बीमारी से मौत हो गई थी। वहीं अब उसकी बेटी आंशिका भी चंद दिनों में इस दुनिया से जुदा हो गई। इससे शिवशंकर सदमे से उबर नहीं पा रहे हैं।